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  • 2 weeks ago
केदारनाथ पुराने पैदल मार्ग को पुनर्जीवित किया गया है. इस मार्ग पर अभी यात्रियों के चलने के लिए सुविधाएं विकसित की जा रही हैं.

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Transcript
00:28
00:30geologist MPS Bisht ne Vistar se bataya.
01:00और पुराना मार्ग अगर आप देखेंगे तो टोटली हो जो है राइट बैंक पे ही हमारा गोरी कुंट से लेके
01:07और किजाना तक जाता था लेकिन 2013 के बाद जब रोट तूट गई तो बिना कुछ साइंटिफिक एडवाईज की और
01:19टेक्निकल नोहाओ के आनन फानम में उसको
01:23लेफ्ट बैंक में लिंचोली से होते वे बना दिया गया जबकि अगर उसकी पहलों को ध्यान में रखेंगे तो आपको
01:32साब दिखाये दिखा है कि जो लिंचोली वाला मारग है और नीचे रामबाडा तक जो आता था वो रामबाडा के
01:40अदर बेम्बली ताग जो आ रहा है
01:41वो टोटली लेफ्ट पैंक और मंदागनी के आउटर करवेचर पे आउटर करवेचर वोले तो कॉनके साइट पे कॉन्वेक्स साइट पे
01:53और वहां मैक्सिमम जो अकुमूलेशन ऑफ डैवरीज है जो की मोरेंज जिसकों बोलते हैं गलिशल मोरेंज उनके ओपर वो मार्ग
02:04बना हुआ है जबकि यह कताई भी जो है साइन्टिफिक तरीके से जायज नहीं होगा कि आप लूज अनकंसोलिडेटेड मोरेंज
02:16के ओपर और वही करवेचर वहला जहां मंदागनी लगातार उसको नीचे से कटाओ कर रही है उसके ओपर मार्ग बनाया
02:24है मैं समझता हूं कि
02:26यह बड़ी मिस्टेक थी और इसमें किसी बिना सोच समझ के वो रोड बनाए गई थी
02:33दरसल 2013 की आपदा के बाद मंदागनी नदी के लेफ्ट बैंक में एक नया रास्ता तैयार किया गया था
02:39लेकिन उस मार्ग की चोड़ाई और खत्रे को देखते हुए मंदागनी नदी के राइट बैंक में ही पौरानिक रास्ते को
02:47ही सुरक्षित बनाया गया है
02:48पुराना पुरर जीवित किया जा रहा ये पैदल मार्ग आखिर कैसा है ये कैसे सुरक्षित है इसके बारे में भी
02:56MPS बिष्ट ने डिटेल में बताया सुनिए
03:02एक तो वो रास्ता काफी सेफर है क्योंकि वो बेड्रॉब पर कटा हुआ है दूसरा कि उसमें मिनीमम एवलांच शूट्स
03:13क्रॉस होते हैं
03:14दो द्रिष्टिकून से एक तो दूरी कम दूसरा टेक्निकली साउंट जियालोजिकल बेस बेड्रॉब के ओपर उस रूड को बनाया गया
03:23और तीसरा जो जो जो डेब्रीज का कटाव है जो मोरेंज का कटाव है उससे हम निजात पा सकते हैं
03:30इसलिए हमारा यह रास्ता बीम बल्ली से और गरुट चटी होते हुए के दारनाथ के लिए सुगाम मेरे दिष्टिकून से
03:40काती सुगाम काला जाए
03:44पुराना पुनर जीवित किया जा रहा ये पैदल मार्क आज के यात्रा मार्क से भी छोटा होगा
03:49साथ ही इसके जरीए क्राउड मैनेजमेंट भी किया जा सकेगा
04:07रुद्र प्रयाग डियम विशाल मिश्रा ने इस पर ज्यादा जानकारी दी
04:11उन्होंने बताया कि ये मार्क मंदाकनी नदी के राइट बैंक में है
04:15इस मार्क पर सुधाय विकसित करना बाकी है
04:18यहां स्ट्रीट लाइट, पेजल, बेंच, शेड इत्यादी लगने है
04:23इन सब कार्यों के पूरा होने के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा
04:28किदार्नाथ यात्रा के पुराने मार्क के पुनरजीवित होने के बाद
04:31वर्तमान पैदल मार्क पर बरढ़ा दबाव कम होगा
04:35क्राउड मैनेज होगा
04:36यात्रा का अल्टरनेट प्रसाशन के पास होगा
04:39साथ ही दुरघटनाओं के संभावना भी कम होगी
04:42जिससे के दार्नाथ यात्रा सरल और सुगम होगी
04:48ETV भारत के लिए देहरादून से धीरत सजवान
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