00:00Ardhakuwareegufa
00:04Ardhakuwareegufa Mata Vyashno Devi की yatra का
00:07एक महत्वकूर हिस्सा है
00:08जिसे गर्भजून भी कहा जाता है
00:11यहाbits Mata Vyashno Devi ने
00:13bhaReadav Nonetheless से छिप कर
00:159 महिने तक तपस्या की थी
00:19Bhauep sociedad prim тел
00:20Mata Vyashno Devi के पीछे पढ़ा
00:22तो माता ने उस दुष्ट से
00:24बचने के लिए
00:25गुफाओं का मार्ग लिया, वे कट्रा से उपर त्रिकुटा पर्वत की और बड़ी।
00:32अर्थकुवारी नामक स्थान पर माता ने एक संकरी गुफा में प्रवेश किया और वहां 9 महिने तक ध्यानमगन होकर तपस्या
00:39की, यह गुफा गर्ब के आकार की है।
00:449 महिने की तपस्या के बाद माता ने गुफा के दूसरी तरफ से रास्ता बना कर बाहर आई और उन्होंने
00:51भैरवनात को चेतावनी दी, अंत में उन्होंने भैरोनात का वद कर दिया।
00:5710 गुफा से जुड़ी मान्यताएं, गर्भजून का महत्व, गुफा का रास्ता बहुत संकरा है।
01:05भक्तों का मानना है कि रेंकर गुफा में प्रवेश करना और निकलना आध्यात्मिक शुद्धी और पुनरजन का प्रतीक है।
01:1310 गुफा मा के गर्भ के समान है, और मान्यता है कि जो भक्त इसमें से गुजरते हैं, वे पुनरजन
01:31के चक्र से मुक्थ हो जाते हैं।
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