00:00जिस दिन बुद्ध ने अंतिम सास ली, उस दिन पूरी धर्ती जैसे शान्थ हो गई.
00:06एक दिन भगवान बुद्ध अपने शिश्यों के साथ अंतिम यात्रा पर थे.
00:11उनका शरीर अब कमजोर हो चुका था, लेकिन मन पहली सी भी अधिक शान्थ था.
00:16चलते चलते वी एक स्थान पर रुके, जिसे आज कुशी नगर के नाम से जाना जाता है.
00:22वहाँ एक साल व्रिक्ष के नीचे, बुद्ध लेट गए. उनकी प्रिये शिश्य आनंद की आँखों में आसू थे.
00:30उन्होंने कहा, भगवान आप हमें छोड़ कर जा रही हैं, अब हम किसका सहारा लेंगी?
00:36बुद्ध ने हलकी मुस्कान के साथ कहा, आनंद मैं कभी तुम्हारा सहारा नहीं था, तुम खुद ही अपने सहारे हो.
00:44जो मैंने सिखाया है, वही तुम्हारा मार्क दर्शन करेगा. हर चीज नश्वर है, जो जन्मा है, वो एक दिन खत्म
00:52होगा. इसलिए अपने भीतर दीपक जलाओ, अपने आप पर विश्वास करो, और सत्य के मार्क पर चलते रहो. इतना कहकर,
01:01गौतम बुध ने अपनी आ�
Comments