00:04बिहार के मुझजपरपूर की शाही लीची अपनी बेमिसाल, मिठास, रसीलेपन, बड़े आकार और खास खुश्वू के लिए दुनिया भर में
00:14प्रसिद्ध है।
00:15लेकिन लीची श्टिंक बग यानि गंधी कीट के प्रकोप से तमाम लीची बाग प्रभावित हो गए हैं। मिनापूर इलाके में
00:26करीब 200 एकर में लगी लीची की फसल बरबाद हो चुकी है।
00:31फूल जड़ने, फल गिरने और कीट के बढ़ते प्रकोप से किसानों को भारी नुकसान उठाना पर रहा है।
01:07यहां के किसान बताते हैं कि एक तो इस्टिंग बग की पहचान मुश्किल होती है। छिड़काव से भी या पूरी
01:15तरह खत्म नहीं होता।
01:17इस्टिंग बग लीची के फसल को 80-85 फीसद तक नुकसान पहुचा रहा है।
01:25किरा पकरता है लगी माल भी नहीं परता है। जवाई छिटने के बाद भी लिचे नहीं आता है।
01:32ज़रे में रहता है पकरे हुए। कुछ फैदा नहीं, 99% खतम है। घर से लौस है।
01:39कितना पचासी परसेंट तक नुकसान पहुचा देता है।
01:43चलिए रद देख लिए। और भी लोग हैं क्या किया किस तरीके से जो इस्टिंग बग कीरा है।
01:51इस साड़े हमारे भाई लोग जो कहें हैं, एकदम 100% सत कहें।
01:56और यह कीरा पिछले साल 10% आया था।
02:01लेकिन इस साल तब भहेंकर मात्रा में कीरा आया है।
02:07और किसान बगीचा में छिरकाब करता है।
02:24इस्थिती की गंभीडता को देखते वे राष्ट्रिय लीची अरुसंधान केंदर के वैग्यानिकों की टीम ने प्रभावित बागानों का निरिक्षन किया।
02:34लेकिन तुरंत राहत मिलने की संभावना फिलहाल नजर नहीं आ रही है।
02:40फसलों के नुकसान से लीची किसान परेशान है।
02:45लीची जो मौसम था पहले से ही लीची को काफी नुकसान पहुंचा रहता।
02:50इस बार फिर खीरा के बज़र से लीची को काफी नुकसान पहुंच रहा है।
02:57I am going to reach the next question.
02:58B.B. Kumar, ETB, Bharat, Mujapapur.
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