Skip to playerSkip to main content
🧔🏻‍♂️ आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ, लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें:
https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita-course?cmId=m00021

📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं?
फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021

➖➖➖➖➖➖

#acharyaprashant

वीडियो जानकारी:

प्रसंग:


संगीत: मिलिंद दाते
~~~~~

Category

📚
Learning
Transcript
00:03इसको केसे लाइब में सवा सकसस करेंगे, मंत्रा क्या देंगे
00:08युआओं को संदेश ही है कि आपके सामने पूरी जिन्दगी है जीने के लिए
00:14और पूरी दुनिया खुली हुई है
00:17आज जितने मौके हैं, जितनी उपरचिनिटीज हैं, जितने रास्ते चारो तरफ को खुल गए हैं, इतने कभी नहीं थी
00:25आज जिन्दगी बंधी बंधाई रहे, बिल्कुल ज़दूरी नहीं है
00:29पिछले समय की परेशानी ये होती थी कि मौके नहीं है, आउसर नहीं है
00:34आज जितने उसर हैं, इतने पहले कभी होते नहीं, तो आज ये जरूरी है कि आप जब अपनी आजादी का
00:42इस्तेमाल करें, आप जब अपने फैसले करें, तो आप सामने वाली चीज से ज्यादा अपने आपको बेखें, आप पूछें कि
00:52मैं उस चीज की तरफ जाना क्यों �
00:55दुनिया आपको लल्चा रही है तरीके तरीके से, चाहे वो व्यापारी हो, चाहे नेता हो, चाहे बाजार हो, चाहे बोई
01:05धर्म गुरू हो, ये सब आपको हर तरह से अपनी ओर खीचेंगे, आपको पूछना होगा, कि मैं कौन हूँ, मुझे
01:15किस की तरफ जाना है, कोई म�
01:24मुश्किल से आज से 40 साल पहले का भी जो भारत था, और आज जो युवा की स्थिति उसमें बिलकुल
01:30विपरीत का अंतर आ चुका है, तब समस्या ये थी कि चुनने के लिए बहुत सारे विशय नहीं थे, आज
01:38समस्या ये है कि विशय ही विशय हैं, विशय ही विशय हैं, औ
01:42और हम नहीं जानते हैं कि हम कौन है, इसलिए हमें चुनना के है, तो ये सतर ब्रहना होगा।
Comments

Recommended