00:00जब भूके घरों की बेटियां बहुएं बन कर आती हैं, तो इस घर के एश में पले लोगों की जिन्दगियां
00:08उजाड देती हैं।
00:09इंसान रिष्टों की तलखियां कभी नहीं भूलता, मगर रिष्टों को आगे बढ़ाने और निभाने के लिए बहुत मरतबा उसे ये
00:20साबित करना पड़ता है कि उसे कुछ याद नहीं।
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