00:08इतिहास गवा है कि भारत और पाकिस्तान की सरहदों पर जब भी हलचल होती है तो बंदू के तन जाती
00:14है और बयान बाजी तेज हो जाती है
00:16अम और आप अक्सर न्यूज हेडलाइन्स में दोनों देशों की बीच सिर्फ तल्की और तनाव की खबरे देते हैं
00:22लेकिन ज़र सोचे क्या हो अगर बीच समंदर में मौत आपके सामने खड़ी हो और उसे मात देने के लिए
00:28हात वही देश आगे बढ़ाए जिसे हम अपना सबसे बड़ा दुश्मन कहते हैं
00:33आज की कहानी अरब सागर की उन लहरों से निकल कर आई है जहां दुश्मनी का जहर नहीं बलकि इंसानियत
00:39का समंदर उमर पड़ा
00:41एक भारतिये जहाज साग डरे हुए नावेक और एक ऐसा तक्नीकी फेलियर जिसने मौत का सननाटा फैला दिया था
00:48जब इस मजबूर जहाज ने मदद की गुहार लगाई तो सरहद के उस पाल से वर्दी वाले तो आए पर
00:54वो दुश्मन बनकर नहीं बलकि देवदूत बनकर आई
00:59आये देखते हूं उस रात अरब सागर में क्या हुआ था जब नफ्रत की दीवारे समंदर के पानी में डूब
01:05गई
01:06जहाज का नाम था M.V. गौतम ये जहाज ओमान से अपनी आखरी यात्रा पर निकला था
01:11मंदल थी गुजरात का आलंग जहां इसे तोड़ा जाना था
01:16लेकिन रास्ते में इस लोहे के विशालकाई परिंदे का दिल यानी इसका जनेरेटर पूरी तरह धड़कना बंद कर गया
01:23बिजली गुल हो गई, कमिनिकेशन ठप हो गई और जहाज पाकिस्तान के सर्च इन रिस्क्यू इलाकी में बे सहारा बहने
01:30लगा
01:30उस अंधेरे में जहाज पर सवार छे भारतियों और एक इंडूरेंशियाई क्रू मेंबर को लग रहा था कि शायद अब
01:36कोई रास्ता नहीं बचा
01:38जैसे ही पाकिस्तान के समुदरी सुरक्षा एजन्सी पीमें से को खबर मिली उन्होंने कूटीतिक कड़वाहट को किनारे रख दिया
01:45पाकिस्तानी नौसेना के तखनीकी विशेशिट तुरंत एमवी गौतम पर पहुंचे
01:58पाकिस्तानी इंजिनियरों ने घंटों मेहनत की लेकिन जहास का जिनरेटर इस कदर दम तोड़ चुका था कि उसे ठीक करना
02:04उनकी शमता से बाहर था
02:06उन्होंने साफ कह दिया हम इसे चला तो नहीं सकते पर हम आपको इस हाल में अकेला चोड़ भी नहीं
02:12सकते
02:12जैसे जैसे समय वीता हवाओ के रुखने जहास को वापस भारती सीमा की ओर धकेला
02:18अब बारी थी भारत के जाबाजों की पाकिस्तानी नौसेना ने तब तक साथ निभाया जब तक इंडियन कॉस गाड जहास
02:24राज रतन मौके पर नहीं पहुँच गया
02:27ये समुदर के बीचों बीच एक ऐसी हांडूवर प्रक्रिया थी जो बिना किसी गोली बारी के सिर्फ दुआओ और शुक्रिया
02:33के साथ पूरी थी
02:35एमवी गौतम अब सुरक्षित है और इसके साथ उस पर सवार वो साथ जिन्दिया लेकिन ये घटना एक बहुत बड़ा
02:41सबक छोड़ गई है
02:42क्या ये मुम्किन है कि जो सम्वेदनाय समंदर की लहरों पर दिखती है वो जमीन की सरहदों पर भी दिखाई
02:47दे
02:47क्या मुम्किन है कि हम एक दूसरे को सिर्फ दुश्मन की नजरों से नहीं बड़के एक इंसान की नजरों से
02:53देखे
02:53ये रेस्क्यू सिर्फ एक जहाज की जान बचाना नहीं था बलकि उन करोडों लोगों के लिए एक उमीद की किरण
02:59था
03:00जो मानते हैं कि नफरत के इस दौर में भी इंसानियत का लंगर अभी तूटा नहीं
03:04आपके इस खबर पर क्या रहा है?
03:06कॉमेंच में हमें जरूर बताएं फिलाल देश और दुनिया की तमाम खबरों के लिए देखते रहें
03:10One India Hindi
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