00:01देखुआ ऐसा है कि जन तंत्र में जनता का जो रेला होता है वो किसी भी तंत्र परिवार तंत्र का
00:06खेला होता है उसको बिगाड़ देता है और यही पश्ची मंगाल में हुआ जनता के रेले ने परिवार तंत्र के
00:11खेले को बिगाड़ा है और इस बात को अच्छी तरह से सम
00:15के नंबरदारी नहीं होती और बिना जनादेश की जागिरदारी नहीं नहीं
00:20होती दिक्कत इनकी यह है कि इन गी ठीशतों अपने हातों ने करकी सभीधान
00:25की दोहाई दे रहे थे संसस से लेका सडक तक वजो समविधानी कंवेस्था है उसको
00:30उसको ही चुनावती देने में लगे हुए हैं
00:33जो हमारे समधान निर्माता है
00:34वो उनको बहुत समझदार थे
00:36बहुत ही दूर दूर्दर्शी थे
00:39उनको भी इस बात का एसास था
00:40कि कोई इस तरह का सिर्फरा भी
00:42इस हमारे दिलोगतंदर में आ सकता है
00:44जो की जनादेश के बावजूद भी
00:46जनादेश का सम्मान न करेगा
00:48बिना नंबर के नंबरदारी की जंग करेगा
00:50बिना जनादेश के जागिरदारी की
00:52जो है जुआर करेगा
00:53तो इसलिए ये पूरा इस्पस्ट है
00:55लाउड अन किलियर है आप जो है वो
00:58इस्तिफा दो या ना दो आप सत्ता के सिंगहासन से बेद carrots नहीं हो चूएँ क्योंकि जो इस तरह का
01:04जो अभी तक का परिवार द्हेला था on
01:06उसको जंतंत के रेले ने जो है उखार दिया है और आज आप boundary के बाहर हो चुक्या अगar आप
01:11boundary के
01:11बाहर से baby
01:12अंसर करते रहेंगे तो जो बचा खुचा है आपका है वो भी बंटाधार होगा
01:23तो ऐसा है राहूल गांदी जी आज की तारीख में जो ये विपच्छी गडवन्धन के ये बिना नाम के नेता
01:33हो गए है
01:33वो जो है वो अपना तो बंटाधार करी रहे हैं दूसरों का भी है अपने साथियों का बंटाधार करने में
01:40लगे हुए
01:41आज जो है राहूल गांदी जी पूरे के पूरे विपच्छ की एक लिए एक ऐसी लाइविल्टी बन गए है जिनका
01:47के अंदर कोई भाव नहीं रहे गया बाहर कोई मोल नहीं रहे गया है
01:50आप जो है वो ये बात कह रहे है छे दशकों से जादा समय तक आपने केंदर में और परदेशों
01:56में सरकार बनाई तो क्या यह सरकार आपकी जो है वोट चोरी से थी या डिमॉक्रिसी के डाके से थी
02:03आप जो है वो तरकों की कंगाली में एक उतरकों के मवाली जैसी भूमिका क्यों निभा रहे हैं
02:08क्यों आप जो है वो आपके जो पूरा के पूरा वो है भी तक आप हाथ में समीधान लेके घुमते
02:13थे
02:14आप जो कहते हैं तो समीधान की रक्षा होनी चाहिए, समीधान पर हमला हो रहा है, अब जब आपके इसी
02:21हरकतों के वज़े से जनता आपको बाउंडरी से बाहर कर चुकी है, तो आप बाउंडरी के बाहर से बाउंसर कर
02:27रहे हैं, बाउंडरी के बाहर से बकैती करते हुए दि
02:44देखे बहुत खतरनाक मान सकता है और लोग तंतर में जन तंतर में इस तरह की मान सकता को किसी
02:53भी तरह से जो है वो ना तो प्रसाहित किया जा सकता है ना उसको जो है वो स्वीकार किया
02:58जा सकता है और जो लोग इस तरह की हरकते कर रहे देखिए कोई पहली बार नहीं है खु�
03:05स्थक्राइब कम्निस्ट पार्टी स्थक्रड मीज़ती को जनताने जनादिश दिया तो स्मूध ट्राइब पावर हुआ इंद्रा जी जब फारी थी तो
03:14उनके समय
03:14समय में ही स्मूध ट्रासफर अप पावर हुआ था कहीं पे तोड़फोड हंगामां आघजशनी और
03:20قتل عام नहीं हुआ था लेकिन यह जो नई परंपरा आप शुरू कर रहे
03:23है यह सुईकार नहीं है और जो लोग इस हरकतों में लगे हुए
03:26हैं वो शुद रूप से एक डिमॉक्रेसी के खिलाफ क्राइम कर रहे
03:41अब कांग्रेस पे एक ऐसी पार्टी है जिसने की जो है जो इसके साथ है उसको कंदे पे बैठाल करके
03:50और गिराया है हमेशा तो इसलिए जो है वो आगे आगे देखिए क्या होता है
04:11अब कांग्रेस पार्टी है
Comments