00:04जिन्दगी ब्रीज भट्टी फो आदमी था जिसने मौके पे खेल कर इतना पैसा कमाया कि सरकारी खजाना भी उसके सामने
00:10चिलर लगने लगा
00:11ओ, मटका केंड
00:13जिन्दगी एक सफर है सुहाना
00:18जिन्दगी मिसाली किती अजीड है सिर्फ एक चीज पे चलती है उमीद जहां कल क्या हो
00:24तंखा बड़ी तंगा पैसा चीए तुड़ा तुड़ा तुच्छा हो यारसे इसने जाना
00:30जाहे वो अमीरो कि गरीब सबको जिन्दगी में छलंग लगाने का हकोना चीए
00:36इसको जुवा सटा नहीं बोलेंगे आज से आज से इसका नाम है मटका
00:44खेल इतना हिट था कि लोग अपने पैसों को लेकर रैंक से ज्यादा मटके पर विश्वास करने लगे
00:51करना है आके वो शाम को ये फोन लाइन सा बजी इस मटका सर बड़ी बड़ी के लोग फोन से
00:57जुवा कि सारे देश बर पहला थे हैं
01:00कुई कुछ कर क्यों नहीं रहा है सब पर बात करना इलिगल थोड़ी है बटे क्राइम से कम भी नहीं
01:04है
01:07यह आपके सारे अड़े जितनी जल से जल बन हो इतना अच्छा है इनको मटके में इतना गुसना है तो
01:17इनको अस्ली मटके का पारी पिलाता हूँ
01:21आम आदमी को उमीद देने वाला ये के खुद में एक पारफुल और जहरीला सिस्टिम बन गया है
01:27इसके मटके की वज़ा से सही घर बर्बाद हो गया है तुझे दिक्कत कि छी से लोग मुझे बुरा अदमी
01:32समास्ते है से तुम टेक से बुरे भी तो नहीं हो
01:37हारने वाले पे कभी बिच्छत नहीं बंती ना इरो हमेशा जीतता है बिच्छत मैं
01:43मैं मैं बिच्छत अपके साथ खड़ाओ अब मैटर अपने हाथ मेलेंगे कल तक बट्टी कल लाशी है
02:04करें क्या हो में जाना
02:14क्या हूं
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