00:04।
00:044 May 2026
00:06Global Oil Market
00:08Global Oil Market
00:08The oil market has developed
00:08It was a dip in the tail
00:11optic plus
00:13of the oil production
00:14One is a dip in the oil market
00:21May 1 May 2026
00:22The oil production
00:26have decided to move
00:27the oil production
00:35This is a 3rd step when the organization has increased production.
00:41This is April and May also has a big deal.
00:46But this is not a normal deal.
00:49This is a big deal.
00:51U.A. के बाहर निकलने के बार पहली बार OPEC PLUS ने मीटिंग की और ये फैसला लिया ऐसे में
00:58ये कदम बाजार को ये दिखाने के लिए भी है कि OPEC PLUS अभी भी मजबूत है और सप्लाइ पर
01:04उसका नियंदरन्ट बना हुआ है अब U.A. की भूमिका को भी समझना जरूरी है दे�
01:12लिकिन U.A. ने क्या किया ये भी समझे यूए यानि United Arab Emirates पहले OPEC का तीसरा सबसे बड़ा
01:19ओयल प्रोडूसर देश था यानि टेल उत्पादक देश उसका मौझूदा प्रोडक्शन करीब 3.4 मिलियन बैरल प्रतिदिन था जबकि उसके
01:29माक्सिमम प्रोडक्शन केपासिट
01:31लगभग 4.8 मिलियन बैरल रोजाना तक पहुँच सकती है अब लंबे समय से UAE इस बाद से असंतुष था
01:38यानि डिसाटस्वाइड था कि OPEC द्वारा तेह किये गए प्रोडक्शन लिमिट्स उसकी कैपासिटी को लिमिट कर रहे हैं सीमित कर
01:45रहे हैं यही वज़ा रही है
01:47कि UAE ने संगठन से बाहर निकलने का फैसला लिया जिससे वो अपनी पूरी कैपासिटी के साथ पूरी शमता के
01:53साथ प्रोडक्शन बढ़ा सके और बाजार में अपनी हिस्सदारी मजबूत कर सके इसका सीधा असर यह है कि अब एक
02:00बड़ा प्रोड्यूसर OPEC के कंट्रोल स
02:10असली ऐसा है आखिर क्या होगा यहाँ पर सबसे बड़ा फाक्टर बनता है स्ट्रेट ओफ हॉर्मूस यह दुनिया का एक
02:17रणनीतिक समुत्री रास्ता है जहां से करीब 20 प्रतीशत वैश्विक टेल सप्लाई को सरती है मौजूदा समय में शेत्र में
02:24जियो पॉलिटिकल ट
02:40के लिए अपनी पूरी प्रोडक्शन के पासिटी का उपयोग करना भी चुनोती पूर्ण बना हुआ है यही कारण है कि
02:46अनलेस्ट का मानना है कि यह बढ़ोत्री काफी हद तक सिंबॉलिक हो सकती है कागस पर प्रोडक्शन बढ़ रहा है
02:53लेकिन असली सप्लाई में उतनी �
02:55तेजी से ग्रोथ नहीं दिख सकती अब कीमतों की बात करते हैं अब कीमत पर आएं तो अंतराश्रिय बाजार में
03:00कच्छे देल की कीमतें फिलहाग सो से एक सुद्दस डॉलर प्रती बैरल के बीच बनी हुई है बाजार इस वैसले
03:07को लेकर ज्यादा एक्साइट नहीं दे�
03:12कर है ना केवल प्रोडक्शन के आंक्रों को लेकर अब आने वाले समय में सिच्वेशन कई फाक्टर्स पर डिपेंड करेगी
03:19अगर जियो पॉलिटिकल टेंशन कम होती है और सप्लाई रूट नॉर्मल होते हैं तो बाजार में अचानक से ज्यादा देला
03:26सकता है जिससे कीमत
03:27पर दबाव बनेगा दूसरी तरफ अगर तनाव जारी रहा और सप्लाई बाधित होती रही तो कीमते और उपर जा सकते
03:34हैं अब इसके अलावा UAE का अगला कदम भी बेहद एहम होगा अगर वो अग्रेसिव तरीके से आक्रमत तरीके से
03:40प्रोडक्शन बढ़ाता है तो ओप
03:43की बाजार पर पकड़ और कमजोर हो सकती है इससे ग्लोबल ओयल मार्केट में कॉम्पटिशन बढ़ेगा और कीमत वॉलेटाई हो
03:50जाएंगी कुल मिलाकर एक लाख 88,000 बैरल प्रति दिन की ये बढ़ोतरी सिर्फ आकड़ा नहीं है बलकि ये एक
03:57संकेत है कि ओपिक प्लस अ
04:13जाएंगी और ग्लोबल मार्केट कितना स्टेबल या वॉलेटाईल रहेगा
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