00:02सबसे बड़ा जो हम देखके सबसे बड़ी चीज मुझे ग्राउंड पर जाकर कि यह फता लगी कि जिस सेलेंडर का
00:08दाम जिस सेलेंडर का कामर्शिस सेलेंडर का दाम
00:10दो हजार सेलेंडर को पहले भी उपलब भी नहीं था उसके लिए वो पहले भी चार से चार जार रुपे
00:20खर्च करते थे और अब जब उनसे बात हो रही तो जब आसली कीमत में 930 रुपे का उचाल हुआ
00:25है तो निश्चित तो पर मैं जिस दिखाँ मैं आपको दिखा दूँ
00:41यह दिखाई है यह दिली है देश की राधानी और यह क्यों मजबूर है इनके पास यह पड़े हुए खाली
00:50पाइट पड़े हुए यह करीब 50-60,000 रुपे मसीन इस दुकांदार में उठाई होगी लेकिन यह देकार है इसे
00:58खुद भी दूआ लग रहा है और यहां पे गिर
01:08ही हुझे है यह सफेदाती बना हुआ है और इसकी बज़ेंसे अफेंसे बात यह है कि इनके नहीं कर पार
01:19जो चोरड़ाओ
01:23जाए यह इन पूरी नहीं करो रह
01:38करते हैं और अभी इनकी उपर चालान का डंडा भी लटका हुआ है यह भी आप समझे वह भी होता
01:47रहा है भी जो इनका आखिरी दुकानदार क्या करें इनसे कोई बिधाया कोई पारसाथ कोई पूछ नहीं आया कि तुम्हारी
01:55दुखने कैसे चल रही है क्या है उपर से कागज
02:00आपने इस लेंडर को कह दिया उपलद है अभी में एक एजनसी पर गया उसने दिकानी हमारे सेंडर अभी गाड़ी
02:06आई आई यह वो क्यों बहुत बहुत है लेकिन असलियत यह है कि अंदा तो जब माने गाउं में कहा
02:11बात है नहीं अन्दा तो जब माने जब भर कॉरिया �
02:14बैठे बनो उसके हाथ में आए इनके हाथ में कोईल आ रहा है आप आप क्या कहते हैं कि आखों
02:19से ना जाए आप कोईल लकडी से कोईले पर आए गैस पे आपने फुदू सब्सक्राइब बात करी भी लिए बापिस
02:25आप कोईले पर आ आगा है यह गाउं में आप तस्वीरे
02:27देखते हों कभी लेकिन आपको दिल्ली की राज़दानी में तस्वीरे देखते हों कर मिलना ही मुकून बल्कुल नई दिल्ली का
02:32यह नजारा है अपने आप में शर्मनाग भी है और उतना ही चिंता जनक भी है शिविन जी तीन हजार
02:37से ज्यादा कीमत इन हजार 71 रुपे 50 �
02:39पैसे जो आज नई कीमत है ये तो है ओफिशल रेट सरकारी रेट और तमाम उन ओईल कंपनीज की जो
02:46की एक मही को जारी हुए लागू है आपने जब लोगों से बात की इन होटल से धाबो वालों से
02:51बात करके क्या समझाया सरी जो ब्लैक के दंदे चल रहे हैं कीमत ये डव
03:07पास किसकल का स्रेंडर और ये वो स्रेंडर भी अगर लेते हैं तो इन्हें पिछले दो मुएने में कीमत बहुत
03:12जादा बढ़ानी पड़ती
03:15कीमत बढ़ी है और दो सो एक्सरत रुपटा एक टूर उसकी तरह नहीं कर सकते लेकिन बास्तिता ही है इने
03:37अभी तक मिलेंगे और अब ये मानना है
03:38जब 930 रुपए की कीमत बड़ी है और 200 एक्सट रुपए छोटे बाले सिलेंगे बड़ी हो पहले से ही कि
03:59उन्ती से अप्रील का आप दूसरे फेस का मदान बंगाल में कत्म होने दीजिए उसके बाद आप देखेंगे कि पैट्टूल
04:04डीजल के साथ साथ सिलेंडर के कीमतों म
04:06बड़ोतरी होगी लपीजी महंगा होने वाला है और नजर भी आया और ये एतिहासिक वृद्धी की रूप में दिखा जा
04:12रहा है साथ हजार रुपए हजार रुपए हजार रुपए आप एक सिलेंडर जो पंदर किलो ग्राम का लगवग आता है
04:17वो आप खरीद सकते हैं घ
04:33और मुझसे भी सप्लाई बादे धवी रहने वाला है कोई उम्मीद नहीं हो इतनी दिनों तक मुकुंद जो सरकार का
04:39प्रयास था ये बारावर कह रही थी कि हमारे पास घ्यास का भंडार बचा हुआ है और आपको याद होगा
04:45जिस समय में ये लडाई शुरू हुई थी उस
05:03हौर्मूज में जो ब्लोकेड है उससे इनकार नहीं किया जा सकता है इतने दिनों से सरकार यह कोशिश कर रही
05:09थी कि जनता के बीच यह संदेश नहीं जाए कि किसी तरह की ऐसी इस्तिती बन परी है जहाँ पर
05:15रसोई गैस के किलत है पेट्रोलियम प्रोडक्ट के किलत है वो
05:29लगभग पूरी दुनिया का बीच से पचीश परतिशत जो परिवहन होता है तेलों का वो हर्मुज से होकर होता है
05:36और भारत के केस में यह परिमान जो हुआ बहुत ही ज़्यादा है लगभग आधे से ज़्यादा है वहां पर
05:43जब ऐसी इस्तिती हो रही है औभियसली यह सक
05:58सरकार कहती रही हम भी सरकार की बात मानते रहें बिलकुल जब आप कह रहे हैं चुनावी स्टन्ट बिलकुल हो
06:04सकता है और हमें इस बात की आशंका थी टच वूड यह तो सिर्फ कॉमर्सियल सिलेंडर के दाम बढ़े हैं
06:11लेकिन इस बात में कोई अश्र नहीं होना चाहिए
06:14कि कल से जो घरेलू गैस सिलेंडर हैं उसके भी कीमत बढ़ जाएं पेट्रोल की कीमत बढ़े हैं हलां कि
06:19आज दो फैसले हुए हैं ना केबल यह LPG के दाम बढ़े हैं कॉमर्सियल सिलेंडर के दाम ना केबल बढ़े
06:26हैं बलकि जेट फिवेल भी 5% महगा हो गया है तो अब ह
06:31हवाई सफर भी महगा होगा बाहर खाना पीना भी महगा होगा और कल बेंगाल में दूसरे चरण का चुनाव खत्म
06:38हुआ और सुबह से LPG कॉमर्सियल LPG महगा हो गया इस देश में जो इस्तिति हैं मुकुंद हम और आप
06:45जहां बैठे हुए हैं जिसे स्टूडियों बैठे ह
06:47हुए एक महानगर का हिस्सा है यह आप जाएं यहां पर आधे से अधिक ग्यास वोगता जो है वह अन्यमित
06:55है अन्यमित का अर्थ यह नहीं है कि उनके पास मतलब कुछ ऐसी लाइसेंस या इस तरह की दिक्कत है
07:00बलकि कई बार होता है कि वह सुधा चलती रहती है उनके लि�
07:08के दुकान में जाते हैं वो ग्यास भरवा के लिए आते हैं यह सारे लोग पिछले दो महीने से अपने
07:14बजट का बहुत सारा हिस्सा इंधन पर खर्च कर चुके हैं जो आपके बगल के दुकान में जो सिलेंडर चोटू
07:22सिलेंडर कॉमर्सियल यूज की नहीं में कह रहा हू
07:35दूसरे राज्यों से आते हैं यहां आकर उनके पास ऐसे डोकुमेंट्स नहीं होते हैं जिनके आधार पर लिए अप्लाई कर
07:42सके वो ऐसे जगों पर रहते हैं जहां पर गाया गास पाइपलाइन तक नहीं पहुंची हैं तो वो एक तरह
07:49से मजबूर होते हैं अनियमित लि�
08:05अपना गुजर बसर कर रहे थे फिर धीरे धीरे जैसे उन्हें पता चला या जो जितना अफोर्ड कर सके वो
08:10करते हैं अब जब कॉमर्सियल सिलेंडर एक हजार रुपे एक जटके में महगा कर दिया गया है जेट फ्यूवेल पांच
08:19पर्तिशत महगा हो गया है अगली बारी
08:22किसकी है मेरी चिंता इसको लेकर है मैं यह नहीं चाहता हूँ कि कल सुबह के अखवार में हम यह
08:27देखें कि अब घरेलू सिलेंडर भी महगा हो गया है पैट्रोल डीजल पर भी मैं चाहूँगा शिविन सर हमाई साथ
08:35है सर पैट्रोल पंपर भी हमने आपको देखा हमने अ�
08:45पैट्रोल डीजल को लेकर क्या कुछ अपडेट है शिविन सर आपके पास आपने बात की कई भोगताओं से उनका क्या
08:50कहना है क्योंकि एक हजार रुपए की जब भारी बढ़ोतरी उन्होंने देखी तो किस तरह का डर और किस तरह
08:57कब है पन पन अजर आ रहा है
08:59जब पैट्रोलियम के एक पदार्ख पर हुआ है और ये बात एक कई तरह के जरिए पैसा क्राइस पर होता
09:19है उसी तरह चुनाओ के बाद की कीमत बड़ी है
09:25तो आप दिमाख में ये है कि चुनाओ खतम हो गया है अब वोट पर ते तो फरक पढ़ने वाला
09:31है नहीं उस्ते चुनाओ को प्रवावित होने वाला है नहीं चुनाओ आगे है
09:48वो तो लोग तो मीडिया को भी दोस्ट दे रहा है कि आप भी खुद ऐसा ही दिखाते हो कुबा
09:52पर हो रहा है और यहां पर मैं बता रहा हूं यहां पर आगा लोगों ने मुझे आए हो
09:57कि आए हो हमारी कोई सुनने ही नहीं आया यह आकर लोग अभी कह रहे है कि मेरे पास बाइट
10:03है कई सात्यों कि यह चीज़ा है कि लोगों को कही ना कही आशंका है और यह ज्यादा बढ़ती है
10:11वह जब दाम बढ़ा तो यह आशंका बढ़ गई कि दाम बढ़ेंगे तो लो�
10:27को आजमी पास चाही चलो बहर का खाना नहीं कहता है लेकिन बहुते से आने वाले मैंने इस्टेशन पड़ा पूरे
10:32देश के लोग आते हैं आएंगे खाना खाएंगे उनकी जेपर भी थोड़ा थोड़ा डाका पड़ेगा और महंगाई हर तरफ बढ़ेगी
10:38यह मान के चलि
10:52किलो गैस मिला करती थी केशफ सर्ण ने बहुत अच्छे समझानी कोशिश करी अन्यमित वो भोगता जो कि अपना छोटू
10:58सिलेंडर भरवाते हैं उसमें दो किलो चार किलो दस किलो गैस और जब वो चार सो रिपे किलो नहीं भरवा
11:03पा रहे थे उनको पलायन करना पड़ र
11:05अब ही क्या महाल सर नजर आ रहा है क्योंकि अब सिलेंडर सीधे 6000-7000-8000 की में सुनने को
11:11मिल रही है जो लोग पलायन कर रहे हैं उनका क्या कहना है अब सिलेंडरी एक बचा है या फिर
11:17और आने वाले महिनों में दूसरी समस्या होने मिलेगी पेट्रोल डिजल से जोड़ते
11:21है देखें महलाई बड़ी है क्योंकि यहां पर जो अभी केसर दीने बाद के उसका एक पहलू यह भी है
11:27बहुत सारे लोग ऐसे हैं दिन्दी के अंदर में जो अभी अकेले रहते हैं जी बड़ी संक्या में मखदूर हैं
11:33बड़ी संक्या में कैब चालक हैं आटो चालक हैं औ
11:39यह ऐसे लोग हैं जोन्हों फ�randish नहीं मिली है जो यहां पर पूरे परवार को ला सकें तो उन-के
11:45पास जहां वो जिस गौव में रहते हैं बहां तो नाम एक प्रवार होना
11:49जाता है और वो सिलेंडर में के पतनी ने सकते हो डो पत्तनी
12:28तो यहां पर लोग जगह पर रहते हैं वहां पर चूला जलाना है इस तरह से लोग पर है इस
12:36तरह से लेक्या नहीं जलाना संबब नहीं है
12:38दूसरे रास्ता उन लोगों नहीं बनाते हैं इसे लोग बाहर खाते हैं तो इस कामर्जियल संडर संडर के इस बज़े
12:45से आज इन लोगों ने जला लिया लेकिन बहुत निका कोईला भी जला पा रहा है
12:49कीमत बढ़ गई मैंने भी बात की बाके यहां पर मैं यहां पर जंडे वालान मंदिर के आसपास गया था
12:54तो बहां पर एक दुकांदार बोल रहे थे कि मेरा पंदर रुपय का समोसा था
12:58मैं 25 रुपय करने को मजबूर हो गया मुझे 5000 का स्लेंडर मिला चार यहां पर कोईला भी नड़ाई हो
13:06जाएगी तमाम चीजें नेकिन
13:0925 रुपय का समोसा देखकर के लोग चले जाते हैं बोले मुझे लुक्ष्टे उपर ऐसी जमनों से कीमत बढ़ता हूँ
13:14गिराक्त उपर ऐसी मार पढ़ती मेरी बिक्री कम हो गई है और उसके बाद मेरा अगर मैं 25 का बेच
13:19भी लेता हूं तो मेरी आमदनी उतनी ही है और द�
13:35इदर चला रहे हैं तो वो तो लोग कई गए हैं लोग बहुत मुसीबत में हैं दवी जबान है उनका
13:44वहां बात करो को उन्हें कई बर हल नहीं आता जिनको लगा कि अब छोड़के चले जाओ वो तर पे
13:50रखके बैग अपना चले भी गए लेकिन कुछ लोग इसासा में है क
14:04जाने आपको बताएं कि आप में बड़ी थाली की बात लिया कई जगे से गरीब और मिडल के लूग स्टुडेंट
14:14वगए रहा आपको लगे गा लेकि सचाही है सटर असी रुपे में चार रोटी और दाल खा लेके थे आज
14:20वह 110 रुपे की दुकानदारों को करनी पड़ी ह
14:23तो सवाल यह कि उनके 30-40 रुपे चाहे जाएं दस्कीती पंदरागी शोटा से गिलाज और सही चाहे 20 रुपे
14:29गिलाज यह बहुत छोटी 20 रुपे 10 रुपे की बात कर रहा है लेकिन जो बच्चा चलता है जो यह
14:36बाद चलता है जो 20,000 रुपे कमा रहा है जा रहा है उसे �
14:38दिन में बीट में बहुत मान भी के घिग बर कर रह यह ऐसा बर कर है मार्केटिक का काम
14:43कर रहा है कहीं जा रहा है तो वह बहाँ पर बीच में खाना कैसे घर आईगा जाएगा
15:03बहुत समझता है उनकी समझता है अगर उनके पास जाओ तो मुपन समाझ में आती है दूर से लगता है
15:09तब चंगा है
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