00:04फिल्मी दुनिया में आज एक घहरा सन्नाटा है सब दुख में डूबे हैं वो चेहरा जो साठ की दशक में
00:10लाकों दिलों पर राज करता था आज हमारे बीच एक खामोश हो गया है एक ऐसा नाम जिसकी मुस्कान में
00:16अपना पन था और एक्टिंग में सच्चाई थी आज सिर्
00:29के उम्र में उनका निधन हो गया और उन्होंने इस दुनिया को अलविधा कह दिया उन्होंने एक मही को अपने
00:34घर में अन्तिम सांसली बताय जा रहे कि सांसले में उन्हें तकवीफ हो रही थी जिसके चलते ओनि मुनबई के
00:40ब्रीच केंडी ह�ास्पिटल में एडमिट करा�
00:46परिवार ने इसके बाद जो मेडिकल सेट अप था वो घर पर ही तयार किया लेकिन आखिरकार जिन्दिकी की जंग
00:52वो हार गए
00:53साल 1931 में पेशावर यानि की जो अब पाकिस्तान में हैं वहां उनका जन्म हुआ था और उनका असली नाम
00:59सुदेश धवन था
01:00आजादी से पहले उनका परिवार मुंबई आकर बस गया और उनोंने ही पर अपनी कॉलिज की पढ़ाई की
01:06लेकिन दिल में एक सपना था और वो सपना था एक्टर बनने का परिवार चाहता था कि वो डॉक्टर बने
01:12लेकिन उन्होंने अपना पैशन फालू किया
01:15उनका फिल्मी सफर शुरू हुआ पृत्री राज कपूर के थेटर गुरूप के साथ शुरू आती द्रों में उन्होंने बहुत छोटे
01:21छोटे रोल किये लेकिन साथ के आसपास उनकी फिल्म आई छोटी भेन उससे उन्हें असली पहचान मिली इसके बाद उन्होंने
01:28भरूसा
01:29ग्रस्ती और खांदान जैसी फिल्मों में शांदार एक्टिंग कर अपना जादू भिखे रहा था लेकिन उनकी जिंदकी में असली टर्निंग
01:36पॉइंट जब आया जब साल 1961 में फिल्म सारंगा में उन्हें रात उरात इस्टार वाली फील कराई और रात उरात
01:43वो सभी के �
01:44दिलों पर छा गए सतर के दशक में उन्होंने अक्टिंग के साथ साथ प्रोडिक्शन में भी अपना हाथ अजमाया और
01:50वहां भी सफल था हासिल की मन मंदिर उल्जन बदलते रिष्टे और जान हतेली पे जैसी फिल्मों में उन्हें एक
01:57अलग ही पहचान मिली थी आज अब
02:10भी अपनी टीम की तरफ से उन्हें शद धांचली अर्पित करते हैं
02:40क्कुम एं भी खते हैं
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