तमिलनाडु की राजनीति में विजय की एंट्री ने पारंपरिक समीकरणों को चुनौती दी है. उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम अब राज्य में तीसरी ताकत के रूप में उभर रही है, जहां अब तक द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम का प्रभाव बना हुआ है. विजय ने बिना किसी गठबंधन के चुनाव मैदान में उतरकर युवा वोटरों और जमीनी जुड़ाव पर जोर दिया है. एग्जिट पोल में भी पार्टी के बेहतर प्रदर्शन के संकेत मिल रहे हैं. भले ही टीवीके सत्ता में आए या नहीं, लेकिन उसका मजबूत वोट शेयर और सीटें तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकती हैं. 4 मई को आने वाले नतीजे विजय के राजनीतिक भविष्य और राज्य के नए सियासी संतुलन को तय करेंगे.
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