हाथ में हंटर लिए हिरण्यकश्यप के वेश में व्यक्ति बाजार सहित कस्बे भर में घूमता हुआ उत्पात मचाता है और लोगों को कष्ट देता है। हिरण्यकश्यप के उद्धार एवं लोगों को कष्टों से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान विष्णु नृसिंह रूप में अवतार लेते है और हिरण्यकश्यप का वध करते है। वैशाख माह की चतुर्दशी के दिन कस्बे में नृसिंह भगवान की जयंती मनाई जाती है। अन्याय व अत्याचार पर न्याय व सत्यता की जीत के प्रतीक नृसिंह जयंती के मौके पर कस्बे में प्रतिवर्ष कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। हिरण्यकश्यप के रूप में जुगल शर्मा हंटर लेकर शाम 5 बजे बाद बाजार में निकल गए। उन्होंने कस्बे के सदर बाजार, गांधी चौक, मुख्य चौराहे सहित गली मोहल्लोंं में उत्पात मचाया और सामने आए प्रत्येक व्यक्ति पर हंटर से वार किया। मान्यता है कि हंटर खाने से व्यक्ति के पापों का नाशों होता है।
Comments