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  • 12 hours ago
राजा रघुवंशी मर्डर केस में कत्ल की धारा लगाना कैसे भूल गई पुलिस? देखें वारदात

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00:00मसकार मैं हूँ शमस ताहिर खान और आप देख रहे हैं वारदात
00:04शिलॉंग की एक कोट ने 11 महीने बाद राजा रगवनशी मर्डर केस की मुख्य आरोपी और उसकी पत्नी सोनम रगवनशी
00:11को जमानत दे दी
00:12कोट ने उसे जमानत देते हुए जहां सबूतों और गवाहों से दूर रहने की हिदायत दी
00:18वहीं शिलॉंग ना छोड़ने की ताकीद भी की
00:20लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि इतने चर्चित और हाई प्रोफाइल केस में आखिर सोनम को एका एक जमानत
00:27मिली कैसे
00:28तो जवाब है मेखाल पुलिस की उसे गलती की वजह से जिसने रातों रात उसकी पूरी तफ्तीश को ही सवालों
00:35के घेरे मिला दिया
00:46नहीं हम को इंसाफ नहीं मिला क्योंकि हम इसलिए चाहते हैं कि अभी तक हम इंसाफ के भरुस भी बेटे
00:52थे
00:52कि हम कानून के भरोसे बेटेते हैं कि हमको सोकल इंसा हम bisa e....
01:03आ कि रेटे कि क कानून कानून के भरोसा आख
01:12नहीं कि टॉदंकित करना कैसी दिए भी हो
01:22जिस राजा रगुवन्शी के कतल ने सिर्फ इंदौर ही नहीं बलकि पूरे भारत को जगजोर कर रख दिया था।
01:30जिस राजा रगुवन्शी के कतल में खुद उसकी नई नवेली दुलहन मास्टर माइंड निकली।
01:35और जिस राजा रगुवन्शी के कतल में संदिग्ध कातिलों की तस्वीरें CCTV कैमरों से लेकर एक यूट्यूबर के कैमरी तक
01:44में खैद हो गई
01:46उसी कतल के केस की मास्टर माइंड सोनम रगुवन्शी को करीब 11 महिने के बाद एक आएक कोट से जमानत
01:54मिल गए
01:58एक ऐसा केस जिससे पूरा देश उबल रहा था उस केस की प्राइम सस्पिक्ट सोनम रगुवन्शी को मिली इस जमानत
02:05ने इस केस को एक बार फिर से सुर्खियों में तो लाही दिया है
02:09लेकिन अब इस केस की जांच को लेकर भी सवाल उठाये जाने लगें
02:15सवाल यह है कि आखिरिन ग्यारा महिनों में एक आएक ऐसा क्या हुआ कि सोनम को अदालत ने जमानत दे
02:21दूए
02:22क्या सोनम के खिलाफ सबूत नाकाफी थे
02:26या फिर शिलॉंग पुलिस की जांच में कोई कमी रह गे
02:29तो आज बारदात में सोनम की जमानत के पीछे छुपी इन ही वजहों को टटोलने की कोशिश करेंगे
02:38शिलॉंग के अडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्टेट दशलेन आर्क हारबेंग की अदालत में
02:43लीगल एड कमेटी ने सोनम की और से जमानत की अर्जी ताखिल की और अपना पक्ष रखा
02:48लेकिन जमानत को लेकर हुई चौथी सुनवाई में एकाएक पासा पलट गया
02:53और कोट ने सोनम के अरिस्ट मेमों में मौजूद खामियों को देखते हुए
02:57सोनम रघुवनशी को जमानत पर रिहा करने का हुकम सुना
03:06असल में पुलिस ने सोनम की गिरफतारी से संबंधित दस्ताविजों में धारा ही गलत लगा दी
03:11लगाना था बियनेस की धारा 103-1 और लगा दी बियनेस की धारा 403-1
03:19यानि इल्जाम कतल की जग़ संपत्ति का बैमानी से दुरूपयोग करने का बन गिया
03:27अब आप ही बताईए
03:28कतल के इतने संगीन मामले में जिसमें पती के कतल के इल्जाम में पुलिस आरोपी पत्नी की गिरफतारी के लिए
03:34मेगले से लेकर यूपी तक की दूरी चान रही हूँ
03:37उसकी गिरफतारी के वक्त थी जब इतना बड़ा जोल रह जाए
03:41तो उसका फाइदा तो मुल्जिम को मिलेगा ही
03:44हुआ ये कि इसे सुनम की गिरफतारी के मामले में
03:47गिरफतारी की वजहों की साफ और सही जानकारी ना देने के तौर पर देखा गया
03:52और कोट ने कहा कि ये गिरफतार शक्स के मौलिक अधिकारों यानी 22 ब्रैकेट वन का सीधा सीधा उलंगन
03:59और कानून ये कहता है कि अगर किसी की गिरफतारी में इन नियमों का उलंगन होता है तो आरूपी को
04:06जमानत दी जा सकती है
04:35करते हुए उनको पहला ग्राउंड दिया बेल का और दूसरा उन्होंने ये कहा कि जो पुलिस के और जो डॉकुमेंट्स
04:43है इसमें अरेस्ट मेमों और जो फर्दर दॉकुमेंट्स है जिसमें कम्प्रीट चेक्रिस्ट होती है और चेकबॉक्स होते हैं जिसमें की
04:50सेक्शिंस �
04:51जो है वो रिफर्ड होते हैं वो पुलिस ने जो है वो सब नहीं भरे और जो सेक्शन उसमें रिफर
04:58किया गया वो सेक्शन एक सो तीन एक जो है वो बीनेस का उसकी जगह जो कि मर्ड़ को रिफर
05:07करता है उसकी जगह जो पुलिस ने जो सेक्शन लिख दिया है वो चार सो ती
05:12एक है जो कि dishonest misappropriation of property से related है तो कोट का यह कहना था कि साथ चुकि
05:20आपने उन चेर बॉक्सेस को जो है वो नहीं ठीक से भरा और इसका मतलब यह हुआ कि आपने जो
05:26भी जो भी section इन्वो किये हैं वो गलत तरीके से वो गलत है in fact तो वो जो है
05:36वो वो वालेशन है और इससे जो एक
05:40कि उस जो उसका राइड बनता है बेल का हलकी पुलिस ने इसे सिर्फ एक लिपिकिय त्रुटी यानि लिखा पढ़ी
05:47में रह गई कमी बताने की कोशिश लेकिन कोट ने पुलिस की इस दलील को खारीच कर लिया असल में
05:53कमी ये भी रह गई कि मेगाले पुलिस ये नहीं बता
05:55सकी कि राजा रघुवनशी के कतल के मामले में जब सोनम को 7 जून 2025 को गाजीपूर की कोट में
06:02पेश किया गया तब उसकी और से वकील कौन था इससे ये माना गया कि कोट में अपनी बात रखने
06:09या अपने अधिकारों के उलंगन को लेकर सोनम तब कोई आपती दर्ज नहीं
06:14करवा सकी जो कि उसके मौलिक अधिकारों का उलंगन है पुलिस के दस्तावेजों में ऐसा कुछ भी नहीं था जिससे
06:21ये साबित होता कि उसे गाजीपूर में कोई कानूनी सहायता दी गई थी ऐसे में कोट ने इसे सुनम को
06:27बेल पर रिहा करने का एक आधार मान लिया
06:30कि ट्राइल कोट जो है वो प्यूरली टेक्निकल ग्राउंड पर गई है कि बात बिल्कुल सही है कि पुलिस की
06:37इसमें गहन गोरला परवाही है और इतने संसिटिव केस को इतने लाइटली लेना और इतना कैजूल अप्रोच रखना यह बिल्कुल
06:45गलत है लेकिन साथ-साथ म
06:51कि यह गुलाब कली वर्सेस आशीश गौतम का जो केस है जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने खास्तवर सी यह बात कही
06:57है कि जो ही इसमें बेल ग्राउंड करते समय है जो है वो यह भी देखना चाहिए कि उसकी ग्रैविटी
07:06ओफफिंस क्या है यहां कोर्ट ने यह सब चीज को दर
07:20करेंगी है बचाव पक्ष यानि सोनम के वकिल ने कोट में अरेस्ट मेमों के अलावा दूसरे दस्तावेजों और यहां तक
07:28की केस डाइरी में भी गलत धारा लिखे जाने की बात गई
07:30जिसने सोनम की जमानत की राह आसान कर दी उपर से सोनम के 11 महिने से जेल में बंध होने
07:37और सुनवाई की सुस्त रफ्तार का फाइदा भी आरूपी को मिला
07:57फिलहाल हालत यह है कि सोनम को जमानत मिलने का फाइदा अब इस केस के दूसरे आरूपियों को भी मिलने
08:02की उम्मीद दिखाई देने लगी है
08:04क्योंकि जब केस के मुख्य आरूपी को ही अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया हो तो दूसरे आरूपी भी
08:10अपने लिए राहत की मांग कर सकते हैं
08:12और इस केस में अब यही होता दिख रहा है
08:34और राहिए रच व्ही भी मेघा रहा जाप्ते हैं
08:40अब डाव प्री आरूप यहां सिर्फ वार्य भी में लिए भी एक्योंपियों चानलत व्हीज पर दिखाई में लगी है
09:10वाद भी में दोड़ राखे प्रूम्ट को जमानत देते हुए, कोट ने उसके सामने कुछ शर्ते भी रखी हैं।
09:25जिनमें उसे सबूतों या गवाहों से दूरी बना कर रखने और इनसे किसी तरह का छेड़ छाड़ न करने की
09:31चेताउनी दी गई है
09:32उसे हर पेशी पर कोट में हाजिर होने को कहा गया है और कहा है कि वो बगएर इजाज़त शिलॉंग
09:38जिले से बाहर न जाए
09:40जमानत के लिए 50,000 रुपए के मुचलके की शर्थ भी थी जिसे इंदोर से शिलॉंग पहुँचे सोनम के पिता
09:46देवी सिंग ने भरा
09:47हलंकि शिलॉंग जिल के बाहर देवी सिंग से मीडिया ने बातशीत करने की कोशिश की लेकिन देवी सिंग ने अपना
09:54मूँ सी रखा था
10:01जाहिर है सोनम को जमानत तो मिल गई है लेकिन फिलहाल वो शिलॉंग से बाहर नहीं जा सकती
10:07लेकिन शिलॉंग से दूर राजा और सोनम के होन टाउन इंदौर में सोनम को मिली इस जमानत को लेकर हल
10:13चल है
10:13राजा के भाई ने जहां इस फैसले को हाई कोट में चुनोती देने की बात कही है
10:18वहें उसकी माँ अब इतनी नाउमीद हो चुकी है कि अब इतने महीने बाद इस केस की सीबिया जांच की
10:24मांग करने लगी है
10:26सोनम इत्ती बड़ी साधी सरची सोनम ने सोनम इत्वड़ा माश्टरमान मिचली थी और सोनम नहीं मतलब पूरी साधी सरची थी
10:34और सोनम ने इस आंख के सामने राजा को सोनम की आंख के सामने मारा गया था और सोनम जूट
10:40के सी बोल सकती है कि में को पता नहीं था कि में को किस
11:05राजा रगुवन्शी केस का ये हाल तब हुआ जब मेगाले पुलिस ने इस मामले की जांच कर एक बेहद बुखता
11:11चार्शीट दाखिल करने का दावा किया था
11:13इस चार्शीट में पुलिस ने सोनम और बागी आरोपियों पर क्या क्या और कैसे कैसे इलजाम लगाए थे वो आपको
11:20जानना चाहिए
11:24मेगाले पुलिस की इस चार्शीट के मताबिक राजा रगुवनशी के कतल की मुख्य साजिश करता और आरोपी नंबर वन कोई
11:32और नहीं बलकि राजा की पतनी सोनम रगुवनशी है
11:37सोनम के अलाबा को कॉंस्पिरेटर के तौर पर दूसरा नाम सोनम के आशिक राज सिंग कुश्वाह का है
11:43इन दोनों के अलाबा इस चार्शीट में तीन और नाम हैं
11:47आकाश सिंग राजपूद, विशाल सिंग चोहान और आनंद कुर्मी
11:51पुलिस के मताबिक यही वो तीनों कातिल हैं जिने सोनम और राज कुश्वाह ने राजा के कतल के लिए चुना
11:58था
11:58यानी चारशीट के हिसाब से राजा के कतल में कुल पांच किर्दार है
12:02और यही हैं वो पांचों किर्दार
12:07चारशीट के मताबिक 23 मैं को दिन में सोहरा के करीब विशाल सिंग चोहन ने तेजधार हतियार दाउ से राजा
12:14पर पहला वार किया
12:15पहला वार ही बहत खातक था जिस वक्त विशाल ने राजा पर पहला वार किया
12:21तब उसके आसपास बाकी दो हत्यारे यानी आकाश और आनन भी खड़े थे
12:25साथ ही वहीं बिलकुल करीब सोनम भी खड़ी थी
12:29दाव के पहले वार से ही राजा दर्द से तड़प उठा
12:33बेथाशा खून बहने लगा शायद वो कातिलों की मनशा समझ चुका था
12:38तड़पते हुए वो गिड़गडाने लगा दर्द की वज़े से वो चीख भी रहा था
12:42अब तक सब कुछ पास खड़ी सोनम अपनी आँखों से देख रही थी
12:47लेकिन वो राजा की तड़प और चीख नहीं सुन से वो उसका खुन देखकर भी खबरा गए
12:53शायद वो राजा से नजरें भी नहीं मिलाना चाहती थी
12:56इसलिए तुरंट वो राजा से दूर चली जाती है
12:59इसके बाद विशाल फिर से उसी ताव से कई बार राजा पर हमला करता है
13:04थोड़ी देर बाद जब राजा की चीख खामोश हो जाती है
13:07तब दूर पीट पीछे किये हुए खड़ी सोनम वापस लोटती है
13:11विशाल से पूछती है कि राजा मर गया या भी जिन्दा है
13:15इसके बाद जब उसे यकीन हो जाता है कि राजा मर चुका है
13:18तब तीनों कातिलों के साथ सोनम भी लाश उठाने में मदद करती है
13:22और फिर उसे खाई में फेंग देती है
13:25इसके बाद सोनम तीनों कातिलों के साथ तेज कदमों से कुछ दूरी तक चलती है
13:30और फिर तीनों को एक जगा छोड़ कर वहां से अकेले निकल जाती है
13:36चारशिट के मुताबिक 23 माई से पहले सोनम ने अपने पती राजा को मारने की तीनों और कोशिश की थी
13:41पहली कोशिश 21 माई को गुवाहटी में की गई थी
13:45तीनों कातिल सोनम और राजा से पहले ही गुवाहटी पहुँच गए थी
13:48लेकिन गुआहटी में ऐसी कोई सुनसान जगा नहीं मिली
13:52उपर से तीनों कातिलों और खुद सोनम के लिए गुआहटी एक नई और अंजान जगा थी
13:58इसलिए 21 मैं की पहली कोशिश नाकाम रही
14:11चारशिट के मताबिक राजा रघुवन्शी हत्याकांड के दिन मौकाय वारदात पर कुल चार लोग थे
14:17सभी की अपनी अपनी भूमी का थी
14:19सोनम को सेलफी लेने के बहाने राजा को सेलफी पॉइंट तक ले जाना था
14:24सेलफी पॉइंट पर पहुँचते ही उसे विशाल को इशारा करना था
14:27इस इशारे के बाद विशाल को राजा पर हमला करना था
14:32विशाल तीनों कातिलों में वो कातिल था जिसे राजा पर पहला वार करना था
14:37अगर राजा उसके काबू में नहीं आते तब बाकी दोनों कातिलों को आगे आना था
14:42चाशिट के मुताबिक बाकी दो कातिलों को मौका ही नहीं मिला
14:46क्योंकि सोनम के इशारा करते ही विशाल ने दाओ जो एक तरह की छोटी कुलाडी होती है
14:51उससे राजा के सिर पर पीछे की तरफ एक के बाद एक दो वार की
14:56इंदोर से धर्मिंदर शर्मा के साथ आज तक भी उरो
15:00बिहार में मंगलवार की शाम को कुछ ऐसा हुआ जिसकी तुलना जंगल राज से की जाने लगी
15:06लेकिन इसी वारदात के कुछ देर बाद पुलिस ने जो कुछ किया
15:09उसकी तुलना यूपी के योगी राज से होने लगी
15:12असल में पहले सुल्तान गंज नगर परिशद में शूट आउट की वारदात हुई
15:16चेर्मेन से लेकर एक्जिक्यूटिव आफिसर तक निशाने पर आ गए
15:20और चंद घंटे गुजरते गुजरते में शूटर को ही पुलिस ने एंकाउंटर में धेर कर दिया
15:26लेकिन आखिर क्या है इस दुश्मनी की कहानी आईए देखते हैं
16:06भागलपुर के सुल्तान गंज नगर परिशाद आफिस की इन तस्वीरों ने एकाएक बिहार के पुराने दिनों की याद दिला
16:1928 अपरेल की शाम को परिशद के एक्जिक्रीटिव आफिसर कृष्ण भूशन कुमार के चिंबर में होडिंग के टेंडर को लेकर
16:26बोली चल रही थी
16:27परिशद के चेर्मैन राजकुमार गुड्डू भी कमरे में मौजूद थे
16:31तभी हाथों में हथ्यार लिए तीन लोग दन दनाते हुए एक्जिक्रीटिव आफिसर के कमरे में घुस आये
16:38और इसी के साथ पूरे कमरे का मंजर बदल लिया
16:45कमरे में सबसे पहले खाकी पैंट और सफेद रंकी शर्ट पहने एक शक्स हाथ में जोला लिये हुए दाखिल हुआ
16:53जिसने आते ही जोले से देशी रिवालवर निकाल कर सामने बैठे परिशद के चेर्मैन को धमकाना शुरू कर दिया
16:59देखते ही देखते इस हथियार बंद शक्स के दो और साथी भी हाथों में पिस्टल लिये अंदर आ गए
17:07और डराने धमकाने के साथ साथ फाइरिंग भी शुरू कर दिये
17:14लोग जान बचा कर कमरे से भागने लगी
17:17लेकिन तभी परिशद के एक्जिकेटिव आफिसर कृष्ण भूशन कुमार अपनी जगह से उठे और सीधे हमलावरों से भिर दे
17:25बदले में हमलावरों ने परिशद के चेर्मैन के साथ साथ कृष्ण भूशन कुमार को चलनी कर दिया
17:32और अस्पताल पहुँचते पहुँचते उनकी जान चली गए
17:42जबकि चेर्मैन गुड़ू अब भी जिन्दगी और मौत के बीच जूल रही है
17:48कल संध्यास्त चार बच के दस मिनिट के आसपास नगर परिशद के चेर्मैन डाशकुमार गुड़ू जी
17:54और कारपलक पतादिकारी अपने चेंबर में थे उसी दवरान तीन अपराद करमी एक जोले में कट्टा लेकर पहुँचते हैं
18:03जैसे लगता है कि कोई आम फर्यादी की तरह है और क्योंकि उसकी पत्नी भी वहाँ पे जो अभ्यूक्त था
18:10वाई सियर में थी तो सब का
18:12अब परचित लोग थे तो अंदर जाता है और अंदर जाने के बाद फिर उन निकाल के जो है जो
18:20भी उतनी दुस्मनी थी उसके बाद गोलियां चलाता है
18:36लेकिन अभी शूट आउट को हुए चंद घंटे ही गुजरे थे कि रात के तीन बज़ते बज़ते इस शूट आउट
18:43का मास्टर माइंड रामधनी यादव भी पुलिस की गोलियों से धेर हो गया
18:49जी हाँ वही रामधनी यादव जो शूट आउट के दौरान हाफ पैंट में सबसे पहले एक्जिक्रेटिव आफिसर के कमरे में
18:56दाखिल हुआ था
18:57पुलिस की गोलियों से धेर रामधनी महज एक अपराधी नहीं था बलकि वो इसी परिशद की डिप्टी चेयर्मेन नीलम देवी
19:05का पती भी था
19:06और जाहिर है इस शूट आउट के पीछे चेयर्मेन गुड्डू और नीलम देवी के बीच चली आ रही पुरानी सियासी
19:12दुश्मनी भी एक एहम वज़़ है
19:17रामधनी आदव जो की नीलम देवी का पती है ये बेहत गौर करने वाली बात है कि रामधनी आदव जो
19:25इस पूरे घटना का मास्टर माइंड है मुख्य आरोपी था जिसे इंकाउंटर ने पुलीस ने मार गिराया है
19:31वो दर असल उप सभापती नीलम देवी का पती था और वो ही इस पूरे घटना का मास्टर माइंड बी
19:38था और जब ये पूरा विवाद जो है यानि कि सभापती और उप सभापती के वीच में बहुत ज़़एदा बढ़
19:44गया तो उसके बाद ही नीलम देवी और उन के परि
20:00नगर परिशत के कारियाले में पहुंचते हैं जहाँ पर मीटिंग चल रही होती है ठेकों को लेकर टेंडर को लेकर
20:07और फिर वहाँ पर ताबर्तो और फाइरिंग होती है और जिसमें सभापती को गोलियां लगती है फिलाल उनकी हालत जो
20:14है बेहत नाजुक बनी हुई है पट
20:30करने की कोशिश की लेकिन इसी दौरान अपरयाधियों ने उन्हें गोली मार दी और उनकी इसमें मौत हो गई था
20:36आरोफे की रामधनी यादों ने अजगैबी नाथ ट्रस्ट की सौ करोड रुपए की जमीन पर कबजा कर रखा था साथी
20:44वो अपनी पत्नी के साथ मिलकर शहर क
20:47ठेके हथियाना चाहता है और इसके पूरे घटना के पीछे के अगर हम कहानी पे जाये तो दरसल इन दोनों
20:55के बीच में पिछले कई महिनों से जो है वो टेंडर को लेकर विवाद चल रहा था यह आप देखें
21:01यह उप सभापती नीलम देवी का जो है यह चेंबर है और जो
21:17बाबा धाम जाते हैं यानि देवघर जाते हैं और उसी मेले की तयारी को लेकर जो है वो काफी समय
21:23से इन दोनों के बीच में विवाद चल रहा था और जिस वक्त कल शाम यह घटना घटी उस समय
21:29कारेपालक पदाधिकारी जिनका जो चेंबर है वो ग्राउन फ्लोर पर है व
21:46शावनी मेला में भी ठेके को लेकर जो है दोनों के बीच में काफी वक्त से पैसे को लेकर और
21:52ठेके को लेकर जो है वो विवाद चल रहा था
21:55नेताओं के बीच दौलत और वर्चस्व की लड़ाई में अपराधी पती इतना आगे निकल गया कि कहानी खुन खराबे और
22:03उसकी मौत पर जाकर खत्म भागलपूर से राजीव सिधार्थ के साथ रोहित कुमार सिंग आज तक
22:13तो वारदात में फिलहाल इतना ही देश और दुनिया की बागी खबरों के लिए आप देखते रही आज तक
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