00:03बिहार की वो पावन धर्ती जिसे दुनिया मोक्ष की नगरी कहती है जहां पूरवजों की आत्मा को शान्ती मिलती है
00:12जिसे सदियों से भक्त गयाजी पुकारती आए हैं
00:16करीब एक साल पहले बिहार सरकार ने इस आस्था को सम्मान देते हुए शहर का नाम आधिकारिक तोर पर गयाजी
00:24कर दिया
00:25We used to suffrage in the last job that was earlier
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00:49ुसका नतीजा हमारे सामने है कि आज ब्यारत सरकार ने भी इसको गयाजी नामसिक किया है।
00:56लेकिन क्या सिर्फ नाम बदल देना काफी है?
00:59आज गयाजी के हुरुदेस्थर पर स्थित सरकारे दफतरों की तस्वीरें कुछ और ही कहानी बया कर रही है।
01:06collectorate, S.P. office or land Sitting Romandali.
01:10अ हे जगे, घयाजी के नाम से जी घायब है.
01:15सरकारी आदेश यासे फाइलों में ही कैद होकर रहे गया है.
01:19जिस नगर निगम ने नाम बदलने का प्रस्टाफ भेचा,
01:22उसके अपने मुख्यद्वार पर आज भी पुराना नाम ही अंकित है.
01:26अनुग्रह नारायन मगध मेडिकल कॉलेज हो या रेलवे स्टेशन बदलाव की बयार यहां तक पहुँचते पहुँचते दम तोड़ दी नजर
01:35आती है
01:56इस सुस्ति से पंडा समाज में गहरी नाराज की है
02:00उनका कहना है कि गयाजी सिर्फ एक नाम नहीं गौरव है
02:04वहीं सामाजिक कार्यकरता इसे प्रशासन एक लापर वाही करार दे रही है
02:09सवाल यह है कि जब सरकार ने महर लगा दी तो अधिकारियों को बोड़ बदलने में आखिर किस बात की
02:15दे रही है
02:17परशानी सिर्फ बोड़ तक सीमित नहीं है
02:19आम जनता कागजों के माया जाल में फंसी है
02:22आधार, पैन और वोटर कार्ड पर आज भी गया ही लिखा है
02:27पुराने म्यूटेशन और नगर निगम के पुरानी रसीदों को लेकर कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं है
02:33जोसे आम लोग भ्रहम की स्थती में है
02:35हलाकि प्रसाशन का दावा है कि प्रक्रिया शुरू हो चुकी है
02:40नगर आयुक्त ने समीक्षा बैठक और नए भव्य प्रवेश द्वार का वादा किया है
02:45अब देखना होगा कि आस्था कि इस नगरी को कागजों से निकल कर
02:50जमीनी हकीकत में गयाजी की मुकमल पहचान कब तक मिलती है
03:04अब देखना है कि भवनों और साइन बोर्ड में शहर का नाम गया से गयाजी कब तक होता है
03:11ETV भारत के लिए गया से सरताज एहमद की रिपोर्ट
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