00:26।
00:27नालंदा के ये साथ एतिहासे गाउं
00:30अस्थावा, हरगावा, डुम्रावा, उगावा, चकदीन, देशना और गिलानी
00:38यहां हिंदु हो या मुसलिम हर कोई अपने नाम के आगे अपने गाउं का नाम बतोर सरनेम लगाता था
00:46अस्थावा वाले अस्थानवी कहलाए और देशना वाले देशनवी
00:51यह सिर्फ नाम नहीं, एक वादा था मिट्टी से जुडाव का
00:57अपने गाउं के मिट्टी में जो खुसू है नाम में लगा हुआ है और ताकि अपने गाउं के नाम से
01:04वो जाने जाए
01:05आजकल तो अपने नाम उसके लोग आगे बढ़ाते हैं लेकिन उस जमाने में लोग ऐसे थे जो अपने गाउं के
01:12नाम से जाने जाते हैं
01:13Aneel Kumar Kumar again
01:16and also
01:16Hey,
01:17its own name
01:19is
01:19from
01:32Guanga
01:33Guamani
01:34Kumar
01:39and
01:40we
01:40have
01:41came
01:41Zain Ghen Ghen Khaどun, Dubai, Muslim, Thailand,
01:47yeah.
01:49It's my passport for Anil Kumar Ghenani.
01:52Some people they don't experience their names as well.
02:00There are only one town in the course of which now sees the most importantie of the community.
02:06This town is Burdi Npur Ghenani.
02:09He was the name of Iraq student in the 15th or 16th grade of the year.
02:38ुइसी मिट्टी में देशना गाउं भी है
02:40जिसकी लाइबरी इतनी सम्रिध थी कि पंडित जवाहर लाल नहरू और डॉक्टर राजजेंद्र प्रसाद यहां घंटों बैठ कर पढ़ा करते
02:49थे
02:49उस तोर में विधवान होना और देशनवी होना एक ही बात मानी जाती थी
02:55अगर आप देशनवी हैं याने विधवान हैं लेकिन आज इस परंपरा की दीवारें दरक रही हैं
03:03गाउं के बुजर्ग बेनाम गिलाने उस वक्त को याद करते हैं जब हिंदूओं ने उपद्रवियों के सामने सीना तान कर
03:12अपने मुस्लिम भाईयों की जान बचाई थी
03:14गिलानी की सबसे बड़ी खूबी ये है कि वहां के हिंदू हो या मुसलमान हो सबके नाम के साथ गिलानी
03:25लगा हुआ हमारे आँ हिंदू मुस्लिम इत्ताद सदा रहा और आज भी खायम है
03:30आज पलायन आधुनिक्ता की अंधी दोड़ और बदलती सियासत ने इस भाईचारे को खामोश कर दिया है नई पीड़ी अब
03:42गाउं का नाम छिपाने लगी है
03:45नालंदा से ETV भारत के लिए महमूद आलम की रिपोर्ट
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