00:08॥
00:12जी हां आपने सही सुना पुर्णिया के जील टोला में फुटबॉल को लेकर गजब की दिवानगी
00:19है इतना जुनून है कि फुटबॉल के अलावे कोई और खेल इननें नहीं सुहाता यहां हर
00:26घर के बच्चे फुटबॉल खेलते हैं, इलाके में इसकी पहचान खेल गाउं के रूप में होती है, यहां 12-13
00:33,000 की आबादी है, जिसमें 7-8,000 आदिवासी समुदाय की लोग रहते हैं.
01:22यहां के बच्चों के रोल मॉडल सुनिल छेतरी,
01:25रूनाल्डो और मेसी जैसे फुटबॉलर हैं, जिनकी तस्वीर इनके कमरों में लगी रहती है.
01:33पूरे पूर्णिया में जिल टोला का मैदान पूरा पड़ चली थे, और यहां पे हर एक घर में एक एक
01:39बच्चा हो या दो भाई से हो, हर एक बच्चे लोग फुटबॉल के दिवाने हैं, सुबह उठते हैं तो फुटबॉल,
01:45साम होती है तो फुटबॉल,
01:46और आप उन बच्चों के रूम में जाएंगे तो आपको पता चलेगा कि उन बच्चों के रूम में सुनिल चैतरी,
01:53रोनाल्डो, मेसी जैसे अन महान खेलाडियों का फोटो लगा राता है।
01:58आखिर क्यों यहाँ पर फुटबॉल को लेकर इस कदर दीवानगी है सुनिये।
02:28यहाँ से खेल कर कई बड़े खिलाडियों ने राष्ट्रिय इस्तर पर अपनी पहचान बनाई है और हजारों खिलाडी अच्छे अच्छे
02:35पदों पर कारिरत हैं।
02:59इसके बाद मनोज बड़ा है वो आरपेफ में है।
03:03मुन्ना खाका है वो भी आरपेफ में है।
03:06मिथलेश मिंज है वो भी आरपेफ में है।
03:09रिन्टू कुजूर है वो डिफेंस में है।
03:12और इसी तरह का कितने बाद में हैं जो गये हैं डिफेंस में हैं।
03:21और हम भी फुटबोल में थे।
03:24फुटबोल के वज़ा से हैं हम यहां तक पहुंचे हैं।
03:29बच्चे जील टोला ग्राउंड से खेल खेल के आर्मी में बिहार पुलिस में निभी में हर कोने पर पहुंच गये
03:38हैं।
03:39और अभी बरतमान में वहां फिरी में खेल पर सिक्षन दिया जा रहा है।
03:45बच्चों को सिखाया जा रहा है कैसे खेलना है।
03:49हलाकि सरकारी मदद को लेकर इनमें निराशा है।
03:53ये कहते हैं कि अगर सरकारी मदद मिले तो यहाँ के प्लियर अच्छा करेंगे और राश्ट्रिय अंतराश्ट्रिय अस्तर पर बहतर
04:01कर पाएंगे।
04:20अगर यहाँ उचित सहयोग मिले उचित समर्थन मिले सरकार का मदद मिले तो हमको लगता है
04:29जो एक बड़ी टीम देश अस्तर पर जो अंतराश्टिय रूप में खेले अंतराश्टिय रूप में नाम रौशन करें पूरे देश
04:40का वो यहाँ हो सकता है।
04:44जील टोला के युवा फुटबॉल टूर्णमेंट को उत्सव की तरह मनाते हैं।
04:49फुनर और प्रतिभा तो इनमें बहुत है बस इने सरकारी इस्तर पर सहियों की जरुवत है।
04:56अगर इस ओर सरकार ध्यान दे दे तो ये बच्चे सुनील छेतरी, रूनाल्डो और मेसी की तरह खाम्याब हो सकते
05:04हैं।
05:05ETV भारत के लिए पूर्णिया से अभैकुमार सिन्हा की रिपोर्ट।
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