00:00एक विशय बहुत गंभीर है पूरे देश बर में वो है लव जिहाद का लगातार लव जिहाद के मुद्दे बढ़ते
00:10जा रहे हमारे मद्ध खुदेश नभी लगभग दोसों असी से जादा मुकद में एक वर्ष में दायर हुए जो वड़ा
00:17चिंतनी है विशय है सिलो प्वा
00:29कनेक रूपों में हमारी बेहन बेटियों को लव जिहाद के लोग टारगेट कर रहे हैं प्रेम करना गलत नहीं है
00:36लेकिन प्रेम के चक्कर में अपनी अस्मिता अपने संसकार और शंसकती का हनन करवाने सबसे बड़ा अपराद है धरम विरोधी
00:45ताक्तें नाम बदल कर धेस
00:47बदल कर लगातार लव जिहाद के पीछे पड़ी है इसके लिए हम इस कथा में विसेश रूप से सनातनी बेटियों
00:55को जागुर्त करेंगे कि बेटियों तूं दुरगा बन तूं काली बन पर कभी न बुरके बाली बन हमारी यही प्राथना
01:04है कि तुम कुछ भी बनना पर �
01:06बेटि कभी तुम बुरके बाली मत बनना इसी के लिए हम निरंतर प्रयत्न कर रहे हैं और माहराष्ट की सरकार
01:12हमारे अतीप्रिये यहां के सस्वी माननी मुक्रमंत्री जो बहुती सनातन के लिए कार करते हैं निश्चत रूप से इस पर
01:21गौर करेंगे और कर ही रहे मद्प
01:26देश सरकार हम चाहते हैं कुरे देश में लव जिहाद के खिलाप कठोर कानून बने बेटियों से परातना है जगए
01:33जगए एक जुटता करके लव जिहाद कैसे वो करार है उस पर विचार करें और भूल से भी आईडी इस्टाग्राम
01:43सोशल मीडिया पर अच्छी सकल दिख
01:46कर अच्छे कैमरा से फोटो किचवा कर फिल्टर लगा कर मीठी मीठी बातें बता कर तुम्हें अपनी बातों में फसाएंगे
01:54हमारी हिंदू वेटियों से काथना है इस कथा का यही उद्देश है लव जिहाद मुक्त भारत हो लव जिहाद मुक्त
02:02महराष्ट हो लव जिहा�
02:07ही है आप सभी पत्रकारों का स्वागत एक विशय आपके बोलने के पहले हम स्वाव बिवेट से शुरू और करना
02:16चाहिए हमारा आना पर्शों हुआ पर्शों राष्टिय स्वहन सेवक्ष संग के एक कारिक्रम में भारत दुर्गा माता मंदिर में भूमी
02:26पूजन में हमें
02:26जाने का सौभाग मिला कल से सोचल मीडिया पर कुछ लोगों ने हमारे वक्तब को अलग परीके से पुष्टुक किया
02:36जिनको पढ़कर हम जिनको जानकर हम जिस भूमी पर आकर जिनके स्वाराज गठन की स्थापना को पढ़कर हमने हिंदू राष्ट
02:46का संकल्क लिया हमें �
02:49दोशारोपित किया गया कि हमने उनकी आउमानना की इस बात को लेकर कि हमारे मन में बहुत दुख है बहुत
02:56हमारे मन में खेद है कि जिनको पढ़कर हमें हिंद्वी स्वाराज की स्थापना को पढ़कर हिंदू राष्ट का संकल्प लिया
03:03हम उनकी आउमानना तो दूर की ब
03:19से बड़ा से छत्रपती वीर शिवाजी महराज का और हमें इस बात का दुख है कि जो छत्रपती वीर शिवाजी
03:27को मानते हैं चाहे वो संभाजी विग्रट के लोग हों अत्वा फिर मराथा सामराज में परंपरा में अपने जीवन को
03:34जीने बाले मराथा हों वो हमारे ही लोग
03:37हमारी हम भी छत्रपति शिवाजी को मानते
03:41ओर वो भी उनको ही मानते
03:42और हम लोग आपस में खींचा तानी करेंगे
03:45तो दूसरे लोगों को मुका मिलेगा
03:47हमारा एक परशेंट भी
03:49इस प्रकार का कोई मत नहीं था
03:52ऐसा कोई विचार नहीं था
03:54कि हम चत्रपती हैं, हमने गुरु महिमा के परती कितने वो शमर्कित थे, उस बक्तत्व को हमने गुरु महिमा के
04:01परती गाया था, कि गुरुओं के परती हमारे देश के राजा, हमारे देश के हिंदु हिर्दे संब्राथ, हिंदुओं के सिर्मौर,
04:09हिंदुओं के चक्रधर सं
04:10प्रवाराद च्छत्रपती वीर शिवाजी महराज संतों को मठों को महंतों को आई तुल्जा भवानी को कितना माईते थे उस भाव
04:18को कहने का तरीका हमारी अपनी भासा में था जिसको कुछ लोगों ने अनर्थ करके गलब प्रुष्टत किया किसी को
04:26उससे खेज पहुंचा ह
04:28तो हम उसके लिए हिर्दय से छमा प्राती भी है पर हम ये भी कहेंगे कि हमारी बात को अनर्गल
04:34प्रुष्टत ना किया जाए क्योंकि हम जीते भी सिवाजी के छत्रपती सिवाजी के लिए हैं मरते भी उनके लिए हैं
04:41हमारा जीवन भी उनके स्वराज की स्थापना के लि�
04:45या विचार धारा हमने जो ली है वो उनसे ही ली है तो हम भला शुपन में उनकी कैसे आउ
04:52मानना तर्शा तीसरी बात एक और विश्वय बहुत लोग चला रहें आप इसके पहले खुजली करें हम ही उत्तर दे
05:00दें चार बच्चों के बयान पर तो आप कहेंगे कि आपके तो �
05:04बच्ची है नहीं है उसको हम पहले ही जबाब दे दें के आँगे चलके हम भी ग्रहस्त होंगे और भगवान
05:10ने चतने चाहा जादा से जादा भारती हिंद्यों की जन संख्या बढ़ाने में हम भी योगदान देगे दूसरी बात चौथा
05:17बच्चार बच्चे पैदा करो ए
05:33उसको विचार धारा ककर सनातनी रखो राष्टियों स्वयम सिवक संगी की तरह ताकि वो जहां भी रहे वहां भगवा धज
05:41लहराता रहे और हिंदुत का प्रचार बचार करता रहे इसके बाद सेस हमारी सभी मीडिया से प्रातना है कि हमारे
05:49जो बयान पर अनरगल लोग प�
06:02अत्रपती वीर सिवाजी की नुंदा करके भला भारत में कोई रह सकता है क्या जिन से हिंदुरी स्वराज की स्थापना
06:09का हमने संकल्प सीखा हो जाना हो जिनकी वीरता को पढ़ करके हमने अपने चरित्र को जीवन को बहुत सम्हाल
06:17कर चलाना एक प्रतन किया हो बला उनका क
06:20कौन आउमानना कर शकता इस बात को पहुचाने की को सितु है।
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