00:08राहूल गांदी का अस्तितों पशिंबगाल में क्या रहे चुपा है कि कई तभी कावणतों भी होते हैं कि यह लोग
00:18मम्त यह काके लेडर ही हैं वहाँ बीजीपी उनके साथ में लडर ही है उनके खिलाफ लडर ही है ऐसे
00:25वक्त अपना राहूल गांदी जिसका पक्षका कोई वहां श्तान नहीं है कोई कुण के आएगा ऐसा कोई गैरंटी नहीं है
00:33वो लोग अभी ऐसे स्टेट्मेंट देखें क
00:38बचाव करने की कोशिश कर रहे हैं महां ये टाइम बीजी की सब्सक्राइब की स्टेट्मेंट बाजी अभी शुरू हुए
00:57आप शोड़ने की वज़े जर नहीं है बरकि संगडन की लिए अलपा और नाती प्रटी आप शोड़ी तो को संगडन
01:06में इतनी हुकुम शाही जो चलती है
01:08कोई भी लोग शाही मानने वाली पार्टी संगरती नहीं वहां कि इतने जो चड़ा थे या और भी बहुत सारे
01:15नेता थे उन्होंने भी आपने अपना योगदान दिया है
01:19किसी अकेले के बल्बुते पर पार्टी बड़ी नहीं होई यह सब लोगों के साथ के वज़से पार्टी का बड़ी होई
01:26थी पार्टी चल रही थी लेकिन अगर उनको तुम हलके में लेंगे तो फिर वो पार्टी में रहना नहीं चाहती
01:33थे इसके उन्हों में पार्टी च�
01:49देश में ऐसा कोई राजन है, इवन बिहार में भी पोलिस करम लगती थी, आज वहां इतनी बटालियन गई है,
01:57इतनी पोलिस पोर्स गई है, लोगों में डर है, कहीं भी मौम बॉलास्ट हो सकता है, कहीं भी खून हो
02:03सकता है, आपने देखा होगा एक तो उमीदवार को, वहां
02:17इस शाह गुंदों को ठिक करना चाहते हैं, और ममता जी उनको गले लगाना चाहते हैं, देखो आप कौन किसको
02:29क्या कहता है, हरु कोई गान्दी जी बोलके अपना रूप दिखाता है, और अब जलकान की भूमिके में कब जाता
02:36है, पता नहीं चलता है, इसलिए, यह पॉलि
02:47लेकिन लोग यह सब देखते हैं, एक दिन ऐसा आएगा, लोगी उठाव करके उनको जो चाहिए, वो सरकार बनाएगा।
03:17नहीं देता, शिवा जी महाराजी हमारे आदर्स है, और वो थक देते, उन्होंने टोप उता रहा था, यह महाराशे वाँ
03:25खड़े थे, ऐसे बेतुकी बाते, इक्तियास में जो नहीं है, वो लाने की कुछी कुछ लोग कर रहे, उसका आपने
03:33शेट भी करते, स्वामे विए
03:35काने नहीं, तो सुभा चेंद्र बोस ने कहा था, तो मुझे खूंदो, मैं तुम्हे आजादी दूगा, वो वक्त वे उस
03:41टाइम का था, जहां देश को आजादी की जरूती, यूआ पेडी साथ में रहना चाहिए, यह उनकी मंचा थी, और
03:48वो स्टेट्मेंट और यह स्टे
04:05मजबूर ही कही मिलती होगे ति मिलने दोना, क्या हो है उसमें, अम वहां उनका वजबूद यहां नहीं है, तो
04:14कुछ ना कुछ तो हपर तो हिलाएंगे ना, हम मिले के नहीं मिले, यह बात अलग है, लेकिन कोशिश करना
04:20है, उनको भी तो काम है, वो कर रहे होंगे, उनको स�
04:35करने जा रहा है, तो यह बड़ी घटना जा इसी सामने है, वो पागल है वो, उसको पता ही नहीं
04:40चलता कब का क्या बुनना ची, पार्टी की कितने तुकडे करना चाहता है, उसको भी पता नहीं, इसलिए बविश्य में
04:48वो पार्टी जब तक खतम नहीं होती, तब तक संजे
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