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Arvind Kejriwal Case: किस डर से कोर्ट नहीं जाएंगे केजरीवाल? जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा पर उठाए तीखे सवाल। जानिए आखिर उस वायरल वीडियो में ऐसा क्या है जिसने दिल्ली की सियासत में हड़कंप मचा दिया है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने एक ऐसा ऐलान किया है जिसने कानूनी और राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है। केजरीवाल ने स्पष्ट कर दिया है कि वे आगामी कोर्ट पेशी में शामिल नहीं होंगे। लेकिन बात सिर्फ पेशी से इनकार की नहीं है, बल्कि केजरीवाल द्वारा जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा (Justice Swarana Kanta Sharma) पर उठाए गए सवालों ने मामले को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।

एक ताजा वीडियो संदेश के जरिए आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। इस वीडियो में उन्होंने कुछ ऐसे तर्क दिए हैं जिन्हें 'हड़कंप' मचाने वाला बताया जा रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह सिर्फ एक कानूनी रणनीति है या इसके पीछे कोई गहरा राजनीतिक संदेश छिपा है? बीजेपी और विपक्ष इसे केजरीवाल का 'डर' बता रहे हैं, जबकि 'आप' इसे न्याय की लड़ाई करार दे रही है।

जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के फैसलों और टिप्पणियों को लेकर जिस तरह का रुख इस वीडियो में दिखाया गया है, उससे न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच का तनाव और बढ़ सकता है। क्या केजरीवाल को गिरफ्तारी का डर है या वे कोर्ट के जरिए कोई बड़ा नैरेटिव सेट करना चाहते हैं? ऋचा पराशर की इस रिपोर्ट में देखिए वह वीडियो और जानिए हर बारीक जानकारी।

Delhi CM Arvind Kejriwal has made a massive announcement, refusing to appear in court for his upcoming hearing. In a recently released video, Kejriwal has raised serious questions about Justice Swarana Kanta Sharma, sparking a political storm in the national capital. Watch this video for a detailed analysis of why Kejriwal is avoiding court and what this means for the ongoing legal battle.

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Transcript
00:00केजरिवाल का बड़ा एलार होट में पेश नहीं होंगे
00:04जस्टिस वर्ण कांता शर्मा पर उठाए सवाल
00:07जिन्दिगी में कई बार ऐसे मौके आते हैं
00:10जब जीत या हार माइने नहीं रखते
00:14उससे भी बड़ा हो जाता है सही और गलत का सवाल
00:18क्या सही है और क्या गलत है
00:22ऐसे समय में हमें ये तै करना होता है
00:25कि हम मुश्किल रास्ता चुनेंगे या आसान रास्ता
00:30आज मैं भी एक ऐसे मोड पे खड़ा हूँ
00:34आप सब जानते हैं कि मुझे एक जूटे केस में फसाया गया
00:38मुझे जेल भेज दिया गया
00:40एक चुनी हुई सरकार को गलत तरीके से गिरा दिया गया
00:44हमें कई महीने जेल में रखा
00:47पर आखिरकार सच की जीत हुई
00:5127 फरवरी को अदालत ने मुझे पूरी तरह निर्दोश वहशित कर दिया
00:57कोट ने कहा केजरिवाल निर्दोश है
01:01केजरिवाल ने कोई भृष्टा चार ने किया
01:04कोट ने सीबियाई की जाँच पे ही सवाल खड़े कर दिये
01:08और जाँच अधिकारी के खिलाफ एक्शन लेने के आदेश दे दिये
01:15लेकिन सच का रास्ता असान नहीं होता
01:18सीबिया ने तुरंत इस फैसले को हाई कोट में चुनोती दी
01:22और ये केस जस्टिस स्वनकांता शर्मा जी के सामने लगा
01:28तब मेरे मन में एक बहुत बड़ा सवाल उठा
01:33क्या इनके सामने मुझे नियाए मिलेगा
01:37मेरे मन में ये प्रशन क्यों आया
01:40इसके कई कारण है पर दो कारण मुख्य है
01:46पहला कारण ये कि आरेसेस की जिस विचारधारा वाली सरकार
01:52ने जूठे आरोप लगा के मुझे जेल डाला
01:57जज साहिबा ने स्वेम माना है कि उस विचारधारा से जुड़े
02:01संगठन अखिल भारतिय अधिवक्ता परिशत के मंचों पे वे कई बार जाती रही है
02:09मैं और आम आदमी पार्टी उस विचारधारा के घोर विरोधी है
02:15ऐसे में क्या उनके सामने मुझे न्याएं मिल सकता है
02:24कोट में मेरे विपक्ष में केंदर सरकार की सीबी आई है
02:29और जस्टिस स्वनकांता जी के दोनों बच्चे केंदर सरकार में काम करते हैं
02:36उनके दोनों बच्चे केंदर सरकार के वकीलों के पैनल में है
02:41हमारे सामने कोट में दूसरी ओर से वकील हैं
02:44Solicitor General Shri Tushar Mehta Ji
02:48Tushar Mehta Ji
02:49दोनों बच्चों को केस देते हैं
02:51उन्हें कितने केस मिलेंगे
02:53कौन से केस मिलेंगे
02:55यह Tushar Mehta Ji
02:57तै करते हैं
02:58भारत सरकार के पैनल में
03:01लगबग 700 के करीब वकील हैं
03:04लेकिन Justice
03:05Swankantah Ji के बेटे
03:06सबसे ज़ादा केस पाने वाले
03:09वकीलों में से एक है उनके बेटे को 2023 से 2025 के बीच लगबग 5904 केस डॉकेट मिले इस से
03:22उनके बेटों को करोडों रुपए की फीस मिली
03:26आज की तारिख में उन बच्चों का भविश्य और कमाई दोनों काफी हद तक तुशार महताजी पर निर्भर है
03:36तो किसी के भी मन में ये चिंता सभाविक है कि अगर जजज साहिबा के बच्चों की कमाई और उनका
03:42भविश्य सामने खड़ा वकील तै कर रहा है
03:45तो क्या जज साहिबा उस वकील के खिलाफ फैसला कर पाएंगी
03:52मैं ये स्पष्ट करना चाहता हूँ कि मुझे जुडीशिरी पे पूरा भरोसा है
03:58मैं जुडीशिरी का बहुत सम्मान करता हूँ
04:02जब मेरे खिलाफ गलत साजिश हुई तो हमारे देश के जुडीशिरी नहीं मुझे न्याय दिया था
04:09जब मुझे जुटे केस में गिरफतार किया गया तो इसी जुडीशिरी ने मुझे बेल दी थी
04:15इसी जुडीशिरी ने मुझे उसी जूटे केस में दोश मुक्त करार किया है
04:21पिछले 75 वर्षों में जब जब देश पे आँच आई
04:25हमारे देश की जुडीशिरी ने देश को बचाया
04:28और नागरिकों के हितों की रक्षा किया
04:32मैं जस्टिस स्वनकांता जी का भी बहुत सम्मान करता हूँ
04:36मुझे उन से या उनके परिवार से किसी भी प्रकार की कोई व्यक्तिगत आपती नहीं है
04:43लेकिन न्याय का एक बहुत बड़ा सिधान थे
04:53इसलिए मैंने जस्टिस स्वनकांता शर्मा जी से पूरे सम्मान के साथ हनोरोध किया
04:58कि वो इस कंफ्लिक्ट आफ इंट्रेस्ट जैसे कारणों की वज़े से इस केस से खुद को अलग कर ले
05:08लेकिन उनने मेरी दलीले खारिज कर दी
05:10और फैसला दिया कि वो स्वेम ही ये केस सुनेंगी
05:16आज मेरे सामने सबसे आसान रास्ता है
05:20कि मैं उनका आदेश मान लूँ और एक बड़ा वकील खड़ा करके उनके सामने अपना केस लड़ू
05:28पर यह मुद्दा अब सिर्फ मेरे केस का नहीं है
05:31बल्कि आम लोगों के न्याय प्रणाली पर भरोसे काया
05:34ऐसी दुविधा के मौके पे बापु ने हमें सत्याग्रह का रास्ता दिखाया
05:41बापु ने कहा था कि जब भी किसी अन्याय का सामना करो
05:45तो उसका पहला कदम विरोध नहीं बल्कि बाच्चीत होना चाहिए
05:51अपनी बात अन्याय करने वाले के सामने पूरी विनम्रता के साथ रखनी चाहिए
05:56और उसे सुधारने का पूरा मौका देना चाहिए
06:00सारी कोशिशों के बाद भी अगर न्याय ना मिले
06:05तो अंतर आत्मा की आवाज सुनो
06:08यदि अंतरात्मा की आवाज कहती है कि न्याय नहीं हुआ
06:13तो शांती और विनम्रता के साथ सत्याग्रह करना चाहिए
06:17फिर उसके जो भी परिनाम हूँ
06:20वो सहर्ष सुईकार करने चाहिए
06:23पर इस पूरे प्रकरण में
06:26अन्याय करने वाले व्यक्ति के प्रती
06:30किसी भी प्रकार की नफरत या गुसा नहीं होना चाहिए
06:36मैंने भी बातचीत से शुरुआत की
06:39पूरी निष्ठा और विनम्रता के साथ
06:42जस्टिस वनकांता जी के सामने अपनी बात रखी
06:46उन्हें इस केस से अलग होने के लिए याचना की
06:49मैंने आगरे किया कि मेरा केस हाई कोट के
06:52किसी भी अनने जज्य द्वारा सुन लिया जाए
06:55लेकिन उन्हें ने मेरी प्रार्थना अस्विकार कर दी
06:59उन्हें ने फैसला दिया कि वे अपने आपको
07:02इस मामले से अलग नहीं करेंगे
07:04और ये केस वो स्वयम ही सुनेंगी
07:07उनके दिये गए इस फैसले से
07:09मैं पूरी विनम्रता पूरवक असेहमत हूँ
07:14इस पूरे घटना करम के बाद
07:17मेरी आशंका और गहरी हो गई है
07:20कि क्या उनके सामने मुझे नयाएं मिलेगा
07:24बापू के दिखाई रास्ते पर चलते हुए
07:28सत्याग्रह की भावना से
07:29अब मैंने फैसला किया है
07:32कि मैं इस केस में
07:35जस्टिस वनकांता जी के कोट में
07:37ना तो स्वयम पेश होंगा
07:39और ना ही मेरी तरफ से कोई वकील पैरवी करेगा
07:44जस्टिस वनकांता जी
07:45जो भी फैसला सुनाएंगे
07:47उस पर समय आने पर
07:49मेरे जो भी कानूनी अधिकार है
07:52जैसे सुप्रीम कोर्ट में चुनावती देना आदी
07:55वो सभी कतक अदम
07:57लेने के लिए मैं स्वतन्त रूँ
08:00ये बात आज मैंने एक पत्र लिखकर
08:03जस्टिस वनकांता जी को भी
08:05सुचित कर दिया है
08:07मेरा जस्टिस वनकांता जी से
08:09किसी प्रकार का व्यक्तिगत विरोद नहीं है
08:11यदि भविश्य में بھی
08:13कभी उनके सामने
08:15मेरा कोई अन्य केस लगता है
08:16जिसमें मेरे विरोद में
08:18बी-जे-पी, केंदर सरकार
08:33तो उसके खिलाफ सुप्रीम कोट क्यों नहीं जा रहा हूँ, उसकी तैयारी कर रहा हूँ, यह पूरा मामला बहुत नाजुक
08:40और समवेदन शील है, कानून को ध्यान में रखते हुए, जुडिशिरी के सम्मान को ध्यान में रखते हुए, और लोगों
08:48के न्याय ववस्था पर
08:50भरोसे को ध्यान में रखते हुए, एक एक कदम उठाना है, मैं यह कदम अहंकार या किसी विद्रो या विरोध
08:59की भावना से नहीं उठा रहा, इस कदम के जरिये मेरा मकसद देश की कानून प्रनाली को चुनौती देना भी
09:07नहीं है, और नाई मेरा मकसद न्याय ववस्था
09:09का अपमान करना है, इसी केस में मैंने हर स्टेज पे हर अदालत में अपना पूरा सहयोग दिया है, मैं
09:16न्याय पालिका का बहुत सम्मान करता हूँ, इसी न्याय पालिका की वज़े से आज मैं आजाद घूम रहा हूँ, मेरा
09:23सिर्फ और सिर्फ इस से एक ही मकसद है, देश क
09:38नियाए ववस्था से उन्हें नियाए ज़रूर मिलेगा जैहिन
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