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  • 6 days ago
गाजियाबाद का राइटगंज स्कूल 200 साल पुराना है. ब्रिटिश सरकार ने तहसील कार्यालय बनाया था, फिर स्कूल बना.

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00:28
00:30इस स्कूल की नियों उस दौर में रखी गई थी जब भारत पर अंग्रेजों का शासन था और सिक्षा का
00:37धाचा धीरे धीरे आकार ले रहा था।
01:00में विदिवत रूप से चाउन स्कूल में पढ़ाई की शुरुवात हुई तभी से इस संस्थान ने शिक्षा के शेत्र में
01:06अपनी पहचान बनानी शुरुवात हुए।
01:12मेरी जहां तक नौइज में है 1881 से यह हुआए इससे पोल जो था इस ताइए गैस्ठाउस के बहुत में
01:21था और
01:23It was 1883.
01:24It was 1883.
01:32It was 1883.
01:34At that time, I was in Gaziabad.
01:37I was in Gaziabad and I was in Gaziabad.
01:43The town school was in Gaziabad.
01:46When the school was in Gaziabad,
01:50it was in Gaziabad.
01:51और आँस-पास कि खेतर जैसे दादरी, धौलाना, मोदी नगर और लोनी से छात्र इसी स्कोल में पढ़ने के लिए
01:59आते थे।
02:00ये उस दोर की बात है जब सिक्षा के साधन सीमीत थे
02:04हजार से अधिक शात्र टाउन स्कूलें पढ़ाई करते थे
02:07जो उस दोर के हिसाब से एक बड़ी संख्या मानी जाती थी
02:11जानकारी के अनुसार स्कूल के लिए भूमी गाजी उद्दीन द्वारा उपलब्ध कराई गई थी
02:17अंग्रेजी शासन काल के दोरान इस स्कूल से पढ़ने वाले छात्र समाज की विभिन शेत्रों में महत्पुन भूमिकाएं निभाते रहे
02:24हैं
02:24बिटिश काल में बने इस इमारत का कंस्ट्रक्शन भी अपने आप में अनूठा है
02:29इमारत को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि गर्मियों में भी अंदर थंडक पनी रहती है
02:35ुमारत में बने प्रतेक क्लासरोम में रोशनदानों की विशेश ववस्ता है जो बिना पंखे या कूलर के भी हवा का
02:41अच्छा प्रवाब बनाए रखती है
02:43इमारत के प्रतेक कमरे में उपर और नीचे की तरब बने रोशनदान कमरों में प्रकर्तिक वेंचिलेशन सुनिश्चित करते थे जिसे
02:50की अंदर का वातावरन काफी आरामदायक बना रहता था
02:54आज भी जब इस पुरानी इमारत में बनी कक्षाव में पहुँचेंगे तो गर्मी का मौसम होने के बावजूद भी अंदर
03:00थंड़क महसूस होगी
03:02हवा का प्रभा बना हुआ है ऐसा प्रतीत होता है जैसे बाहर कूलर चल रहा हो
03:24बहुत पुरान अच्छी हो जाएगी तहीं कोई इक सिलाभी नहीं है कहीं कुछ नहीं है दिवार आज मजबूत है इंट
03:30बहुत मजबूत है चूने में चिनीवी है तो आज बहुत मजबूत है ज़ाएगी
03:52समय के साथ अंग्रेजी शासन काल में बनवाई गई एतिहासिक इमारत जरजर होने लगी और उसमें स्कूल चलना खतरनाक हो
04:00गया
04:00चात्रों की स्वक्षा को ध्यान में रखते हुए 2001 में शासन ने इस परिसर में एक नई इमारत का निर्मान
04:06कराया और इसकूल को नई इमारत में ट्रांसफर कर दिया
04:10पुरानी इमारत आज भी खड़ी है और अपने अतीत की गवाही देता है इमारत की छट कुछ जगों से ख्षति
04:16ग्रस्त जरूर है लेकिन इसकी मजबूती अभी भी बरकरार है
04:19ETV भारत के लिए गाजियाबाद से शहजाद की रिपोर्ट
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