00:09पश्यमंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले फ्वेज की 152 सीटों पर करीब 92 फीजदी वोटिंग दर्ज हुई है जो अब
00:16तक के चुनावी इतिहास में एक आसाधरन आकड़ा माना जा रहा है
00:20अगर यही रफ्तार दूसरे और आकरी फेज की 142 सीटों पर बनी रहती है तो यह पश्यमंगाल का अब तक
00:26का सबसे ज़्यादा वोटर टर्न आउट बन सकता है
00:292021 के विधान सबा चुनाव में कुल वोटिंग करीब 82 फीजदी थी यानि इस बार लोग जादा संख्या में मद्दान
00:36के इंद्रों तक पहुँच रहे हैं
00:37आजादी के बाद पश्यमंगाल में 17 विधान सबा चुनाव हो चुके हैं इनमें अब तक 4 बार सथा परियोर्तन हुआ
00:44है एक दिल्चस पैटर्न ये रहा है कि जब भी वोटिंग प्रतिशत में 4.5 फीजदी से ज़्यादा का बड़ा
00:50बदला हुआ है तब तब सथा में ब�
00:56बड़ा उधारन मिलता है जब 2.4 फीजदी की बढ़ुतरी के साथ ममताब अनरजी ने 34 साल पुराने वामपंथी शार्षन
01:04को खत्म कर दिया था अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार इतनी जादा वोटिंग हो रही
01:10है तो इस बार भी सत्ता बदलने जा रही है �
01:13इस बड़ी वोटिंग से किसको फायदा मिलेगा इसको समझने के लिए चार बड़े कारण सामने आते हैं पहला कारण SIR
01:20प्रकरिया जिसमें करीब 91 लाख वोटर्स के नाम लिष्ट से हटाये गए हैं इसके बाद राज में वोटर्स की संख्या
01:287.66 करोन से घटकर 6.75 करोन र
01:42दिख रहा है जबकि वोट डालने वालों की वास्तलिक संख्या में उतना बड़ा बदलाव नहीं हुआ है दूसरा कारण राजनितिक
01:50वादे और महिलाओं की भागीदारी ममता बनर जी की पार्टी और इंडिया तिलमूल कॉंग्रेस ने लक्षमी भंडार जैसी योजनाओ
01:56में बढ़ोतरी और महिला सुरक्षा को लेकर कई गोशनाय की हैं वहीं भारती जनता पार्टी ने भी महिलाओं को सीधे
02:03आर्थिक मदद और सुविधाय देने का वादा किया है इससे महिला वोटर्स बड़ी संख्या में मद्दान के लिए आगे आई
02:10है तीसरा बड़ा कार�
02:25पर जादा लोग पहुच रहे हैं चौथा कारण सकता को लेकर लोगों की भावना है पिछले 15 सालों से राज
02:32में टीमसी की सरकार है जिससे कुछ लोग बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं जबकि कुछ उबर्ग सरकार के साथ
02:38मजबूर्ती से खड़े हैं इसी कारण वोटिंग
02:45से किसे फायदा होगा इस पर अलग-अलग राय है कुछ विशेशक मानते हैं कि जादा वोटिंग बदलाव का संकेत
02:51हो सकती है जबकि कुछ कहते हैं इससे मौजूदा सरकार को भी फायदा मिल सकता है एक रिसर्च के अनसार
02:58जब मुकाबला कड़ा होता है तब ही वोटिंग
03:13बढ़ी या घटी है लेकिन हर बार सकता नहीं बदली है इसलिए वोटिंग परसद के आधार पर चुनाव नतीजों का
03:20अन्मान लगाना बेहत ही मुश्किल काम है बिहार चुनाव का उदहन भी सामने आता है जहां पिछले साल ही चुनाव
03:26हुआ था वोटिंग हुई थी नत
03:40कि में दुनिora पत्रकारों का मानना है कि कुछ इलाकों में टीम्सी की पकड अभी भी मजबूत है जब कि
03:45कुछ चेतों में विजएपी चुनोती पेश कर रही है खासकर उद्तर बंगाल में विजएपी मजबूत मानी जाती है लेकिन धंख्ष्ण
03:52और गैमिड इलाकों में �
03:53टीमसी की पकड़ अभी भी गहरी है।
03:55कुल मिलाकर पश्चिमंगाल में रिकॉर्ड 92 फीजदी वोटिंग ने चुनाव को और दिल्चस बना दिया है।
04:01ये बढ़ा हुआ मद्दान किसके पक्ष में जाएगा इसका जवाब अभी किसी के पास नहीं है।
04:06लेकिन इतना तय है कि इस बार का चुनाव सिर्फ सत्ता का नहीं बलकि जनता की सक्रिय भागिदारी का भी
04:12सबसे बड़ा उदाहरन बन चुका है।
04:15इस वीडियो में बस इतना ही मेरा नाम वैब हो है। आप देखके रहिए वन इंडिया।
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