00:00मुझे याद है आज भी वो रिक्षे वाला
00:01मैं रिक्षे में बैठा तो मैंने जान बूच के
00:04पुराना रिक्षे लिया यहां से
00:07मैंने उसको बताया था
00:08या वदूत सल्ले अला मुहम्मद
00:10वा आलही वा असहाद ही
00:12इनकरहीम वदूत
00:13मैंने का पढ़ ले
00:14और फिर वो कोई अरसे के बाद मिला
00:17तो रब ने तवंगरी के दरवादे खोड़ दी है
00:19पुशाली के दरवादे खोड़ दी है
00:22उसको मैंने रिक्षे वाले तो बताया था
00:25मैंने का पढ़ ले
00:28मिहनत से अगर होता
00:29تو تو اب تک مالدار ہو چکا ہوتا
00:32محنت شرط ضرور ہے
00:34میں محنت سے انکار کبھی نہیں کر سکتا
00:36پر محنت پر فیصلے شرط نہیں ہیں
00:41ضرور نہیں کہ محنت پر فیصلے بھی ہو جائیں
00:45یا ودودو
00:47صلی علی محمد وآلہی وآصحابہی
00:51انکا رحیم الودود
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