00:04मिडिल इस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अब एक नया मोर्चा खुलता नज़र आ रहा है और ये जंग जमीन
00:10आस्मान या समुद्र में रही बलकि समुद्र के नीचे लड़ी जा सकती है
00:14क्या आप इंटरनेट भी इस से टक्राव का अगला निशाना बनने वाला है
00:18इरान की हालिया धमकी के बाद पूरी दुनिया में हलचल है
00:21चलिए आपको पूरी खबर विस्तार से बताते हैं
00:24नमस्कार मेरा नाम है रिचा पराशर और आप देख रहे हैं One India Hindi
00:27दरसल हालिया संकेतों से ये साफ हो रहा है कि इरान अब खाड़ी शेत्र के
00:32अंडर सी इंटरनेट केबल्स पर नजर रखे हुए है
00:34रिपोर्ट्स के मुताबिक एरान से जुड़े मीडिया प्लाटफॉर्म्स ने
00:38स्ट्रेट और हॉर्मूस के आज पास बिचे उन सब मरीन केबल्स का नक्षा जारी किया है
00:43जो पूरे खाड़ी शेत्र को दुनिया से जोड़ते हैं
00:46ये केबल सर्फ इंटरनेट की स्पीड का मामला नहीं है बलकि ये वैश्वी कर्थ वैवस्था की रीड है
00:52UAE, कतर, बहरीन, कुएत और साओधियरब जैसे देशों का पूरा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर
01:13तक समित नहीं रहेगा बलकि पूरी दुनिया इसकी चपेट में आ जाएगी
01:17विशिशग्यों का मानना है कि खाड़ी के दक्षिनी हिस्से के देश इन केबल्स पर ज्यादा निर्भर हैं
01:23जबकि इरान के निर्भरता अपेक्शाकरत कम है
01:26यही असंतुलन एक बड़ा रणनेतिक दबाब बिंदू बन सकता है
01:30यानि अगर टक्राओ बढ़ता है तो इरान इस डिजिटल कमजोरी का फाइदा उठा सकता है
01:35यह खत्रा सर्फ कागिजों तक समित नहीं है
01:38हाल ही में UAE और बहरीन में कुछ cloud facilities को drone हमलों का निशाना बनाया गया था
01:45जिससे data center operations पर असर पड़ा
01:48इसे एक तरहे की छेतावनी माना जा रहा है
01:51कि अब digital infrastructure भी सुरक्ष्वित नहीं है
01:55इसी बीच समुदर में भी हालात तनाव पुर्ण बने हुए है
01:59हर्मुस के पास से दो commercial जहाज अच्छानक ट्रेकिंग सिस्टम चें गायब हो गए
02:03जिनके बाद इरान की revolutionary guard cops ने जब्त करने का दावा किया
02:08इनमें से एक जहाज पर firing की भी खबरे सामने आई जिससे उसके bridge को नुकसान पहुँचा
02:14दूसरी तरफ अमेरिका भी अपने दबाब को लगतार बढ़ा रहा है
02:18United States ने भी ने हाल के दिनों में इरान से जुड़े कई जहाजों को जब्त किया है
02:23और खाड़ी छेतर में अपनी मौजूदगी को और सक्त कर दी है
02:26इस पूरे घट्टा क्रम के बीच डॉनल्ड ट्रॉम्प ने सीस फायर को बढ़ाने की बात तो कही है
02:31लेकिन साथ ही ये भी स्ताफ कर दिया है कि इरान पर दबाब जारी रहेगा
02:36यहीं से टक्राव और ज्यादा खतरनाक हो जाता है
02:40एक तरफ अमेरिका इरान के तेल निर्यात को निशाना बना रहा है
02:43तो दूसरी तरफ इरान अब डिजिटल इंफ्रस्ट्रक्टर को समभावित चार्गेट के रूप में देख रहा है
02:49अगर अंडर सी केबल्स पर हमला होता है तो इसका असर सिर्फ इंटरनेट स्लो होने तक स्मित नहीं रहेगा
02:55इससे ग्लोबल फाइनेंशिल सिस्टम ठप हो सकते है
02:58फ्लाइट ओपरेशन प्रभावित हो सकते है
03:00और कई देशों के बीच कॉम्यूनिकेशन जो है वो पूरी तरह से कट सकता है
03:04सबसे बड़ी चुनोती ये है कि इन केबल्स के निगरानी बेहत मुश्किल होती है
03:09ये हजारों किलोमिटर तक समुद्र के नीचे फैले होते हैं
03:13जोहां इनकी सुरक्षा करना असान बात नहीं है
03:15यानि जंग अब सिर्फ हत्यारों तक नहीं
03:17बलकि डेटा नेटवर्क और डिजिटल इंफ्रस्ट्रक्चर की भी खोश चुकी है
03:22एक ऐसी जंग जो दिखाई नहीं दे रही
03:25लेकिन जुसका आसर पूरी दुनिया महसूस कर सकता है
03:28और अगर ऐसा होता है तो पूरी दुनिया में उथल पुथल मत जाएगा
03:32उस ख़बर में इतना ही मैं हूरिचा पराशर और आप देख रहे हैं One India हिंदि
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