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संकट का एक नया मोर्चा समुद्र के नीचे उभर रहा है। ईरान संकेत दे रहा है कि बढ़ते तनाव के बीच, होर्मुज़ जलडमरूमध्य में समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल रणनीतिक निशाने बन सकती हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़ी एक रिपोर्ट उन महत्वपूर्ण सबमरीन केबल मार्गों पर प्रकाश डालती है, जो खाड़ी देशों को वैश्विक नेटवर्क से जोड़ते हैं।
ये केबल संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन, कुवैत और सऊदी अरब जैसे देशों की डिजिटल कनेक्टिविटी की रीढ़ हैं। इनमें किसी भी तरह की रुकावट वित्तीय प्रणालियों, संचार नेटवर्क और वैश्विक डेटा प्रवाह को प्रभावित कर सकती है।
विश्लेषक चेतावनी देते हैं कि इस तरह के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना तनाव में एक बड़ी वृद्धि का संकेत होगा, जिससे इस क्षेत्र की डिजिटल रीढ़ की कमजोरियां उजागर हो जाएंगी। जैसे-जैसे भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे—और वैश्विक कनेक्टिविटी—पर मंडरा रहे खतरे को नज़रअंदाज़ करना और भी मुश्किल होता जा रहा है।

A new front in the crisis is emerging beneath the ocean. Iran is signaling that undersea internet cables in the Strait of Hormuz could become strategic targets amid rising tensions. A report linked to the Islamic Revolutionary Guard Corps highlights critical submarine cable routes connecting Gulf nations to global networks.
These cables are the backbone of digital connectivity for countries like the United Arab Emirates, Qatar, Bahrain, Kuwait, and Saudi Arabia. Any disruption could impact financial systems, communication networks, and global data flow.
Analysts warn that targeting such infrastructure would mark a major escalation, exposing vulnerabilities in the region’s digital backbone. As geopolitical tensions rise, the risk to critical infrastructure and global connectivity is becoming harder to ignore.


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~HT.410~PR.514~GR.538~ED.104~

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Transcript
00:04मिडिल इस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अब एक नया मोर्चा खुलता नज़र आ रहा है और ये जंग जमीन
00:10आस्मान या समुद्र में रही बलकि समुद्र के नीचे लड़ी जा सकती है
00:14क्या आप इंटरनेट भी इस से टक्राव का अगला निशाना बनने वाला है
00:18इरान की हालिया धमकी के बाद पूरी दुनिया में हलचल है
00:21चलिए आपको पूरी खबर विस्तार से बताते हैं
00:24नमस्कार मेरा नाम है रिचा पराशर और आप देख रहे हैं One India Hindi
00:27दरसल हालिया संकेतों से ये साफ हो रहा है कि इरान अब खाड़ी शेत्र के
00:32अंडर सी इंटरनेट केबल्स पर नजर रखे हुए है
00:34रिपोर्ट्स के मुताबिक एरान से जुड़े मीडिया प्लाटफॉर्म्स ने
00:38स्ट्रेट और हॉर्मूस के आज पास बिचे उन सब मरीन केबल्स का नक्षा जारी किया है
00:43जो पूरे खाड़ी शेत्र को दुनिया से जोड़ते हैं
00:46ये केबल सर्फ इंटरनेट की स्पीड का मामला नहीं है बलकि ये वैश्वी कर्थ वैवस्था की रीड है
00:52UAE, कतर, बहरीन, कुएत और साओधियरब जैसे देशों का पूरा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर
01:13तक समित नहीं रहेगा बलकि पूरी दुनिया इसकी चपेट में आ जाएगी
01:17विशिशग्यों का मानना है कि खाड़ी के दक्षिनी हिस्से के देश इन केबल्स पर ज्यादा निर्भर हैं
01:23जबकि इरान के निर्भरता अपेक्शाकरत कम है
01:26यही असंतुलन एक बड़ा रणनेतिक दबाब बिंदू बन सकता है
01:30यानि अगर टक्राओ बढ़ता है तो इरान इस डिजिटल कमजोरी का फाइदा उठा सकता है
01:35यह खत्रा सर्फ कागिजों तक समित नहीं है
01:38हाल ही में UAE और बहरीन में कुछ cloud facilities को drone हमलों का निशाना बनाया गया था
01:45जिससे data center operations पर असर पड़ा
01:48इसे एक तरहे की छेतावनी माना जा रहा है
01:51कि अब digital infrastructure भी सुरक्ष्वित नहीं है
01:55इसी बीच समुदर में भी हालात तनाव पुर्ण बने हुए है
01:59हर्मुस के पास से दो commercial जहाज अच्छानक ट्रेकिंग सिस्टम चें गायब हो गए
02:03जिनके बाद इरान की revolutionary guard cops ने जब्त करने का दावा किया
02:08इनमें से एक जहाज पर firing की भी खबरे सामने आई जिससे उसके bridge को नुकसान पहुँचा
02:14दूसरी तरफ अमेरिका भी अपने दबाब को लगतार बढ़ा रहा है
02:18United States ने भी ने हाल के दिनों में इरान से जुड़े कई जहाजों को जब्त किया है
02:23और खाड़ी छेतर में अपनी मौजूदगी को और सक्त कर दी है
02:26इस पूरे घट्टा क्रम के बीच डॉनल्ड ट्रॉम्प ने सीस फायर को बढ़ाने की बात तो कही है
02:31लेकिन साथ ही ये भी स्ताफ कर दिया है कि इरान पर दबाब जारी रहेगा
02:36यहीं से टक्राव और ज्यादा खतरनाक हो जाता है
02:40एक तरफ अमेरिका इरान के तेल निर्यात को निशाना बना रहा है
02:43तो दूसरी तरफ इरान अब डिजिटल इंफ्रस्ट्रक्टर को समभावित चार्गेट के रूप में देख रहा है
02:49अगर अंडर सी केबल्स पर हमला होता है तो इसका असर सिर्फ इंटरनेट स्लो होने तक स्मित नहीं रहेगा
02:55इससे ग्लोबल फाइनेंशिल सिस्टम ठप हो सकते है
02:58फ्लाइट ओपरेशन प्रभावित हो सकते है
03:00और कई देशों के बीच कॉम्यूनिकेशन जो है वो पूरी तरह से कट सकता है
03:04सबसे बड़ी चुनोती ये है कि इन केबल्स के निगरानी बेहत मुश्किल होती है
03:09ये हजारों किलोमिटर तक समुद्र के नीचे फैले होते हैं
03:13जोहां इनकी सुरक्षा करना असान बात नहीं है
03:15यानि जंग अब सिर्फ हत्यारों तक नहीं
03:17बलकि डेटा नेटवर्क और डिजिटल इंफ्रस्ट्रक्चर की भी खोश चुकी है
03:22एक ऐसी जंग जो दिखाई नहीं दे रही
03:25लेकिन जुसका आसर पूरी दुनिया महसूस कर सकता है
03:28और अगर ऐसा होता है तो पूरी दुनिया में उथल पुथल मत जाएगा
03:32उस ख़बर में इतना ही मैं हूरिचा पराशर और आप देख रहे हैं One India हिंदि
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