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  • 1 week ago
Heer Ranjha: Ek prem katha
Transcript
00:00हीर रांजा, ये नाम सुनते ही, पंजाब की मिट्टी और एक अधूरी प्रेम कहानी की याद आती है, है ना,
00:06सधियों से हम सब ने इसे एक दुखद प्रेम कहानी के रूप में ही सुना और समझा है, बस दो
00:13प्रेमी थे जिनें समाज ने एक नहीं होने दिया, और आखिर में �
00:17एक दुखद अंधुआ, सीधी साधी कहानी लगती है, लेकिन क्या हो अगर ये कहानी सिर्फ प्यार की ना हो, क्या
00:24हो अगर ये उससे कहीं ज्यादा गहरी हो, आज हम इसी कहानी की पर्तों को खोलेंगे, एक मनोवेग्यानिक नजरिये से,
00:32क्या ये असल में अपनी पहचान,
00:34अपने स्वा को खोजने के संघर्ष की दास्ता है?
00:37चलिए, पता लगाते हैं.
00:39तो चलिए, शुरू करते हैं.
00:42कहानी की शुरुवात ही दो लोगों के मिलने से नहीं,
00:45बलकि उनकी अंदर के स्वा के जागने से होती है.
00:49ये एक ऐसा बुलावा था,
00:50जो समाज की सारी परंपराओं से कहीं उपर था.
00:54कहानी का एक सिरा है धीदो रांजहा.
00:58अपने भाईयों से बिलकुल ललग,
00:59उसे जमीन जायदाद में नहीं,
01:01संगीत में सुकून मिलता है.
01:03अब अगर इसे साइकॉलोजी के लेंस से देखें,
01:05तो रांजहा असल में उस टिपिकल मर्द वाली सोच को चुनौती दे रहा है.
01:09वो सिर्फ एक प्रोवाइडर, एक कमाने वाला बनकर नहीं रहना चाहता.
01:13उसकी तलाश कुछ जाधा गहरी है, कुछ जाधा मीनिंग्फुल है.
01:17अब आगे बढ़ने से कहले,
01:18एक छोटा सा लेकिन बहुत जरूरी कॉंसेट समझना होगा,
01:22एनिमा और एनिमस का.
01:23मशूर साइकॉलोजिस्ट काल यूंग कहते थे,
01:26कि हर पुरुष के अंदर एक फेमिनिन साइड यानि एनिमा,
01:29और हर महिला के अंदर एक मैस्कुलिन साइड यानि एनिमस होता है,
01:34और असली गहरा कनेक्शन तब बनता है,
01:36जब किसी का एनिमा दूसरे के एनिमस को पहचान लेता है.
01:40और बस ठीक यही होता है हीर और रांजहा की बीच.
01:44जब हीर पहली बार रांजहा की बांसुरी सुनती है,
01:47तो वो सिर्फ एक मीठी धुन नहीं होती.
01:49नहीं, वो असल में उसके अंदर के एनिमस के लिए एक पुकार होती है.
01:54रांजहा के एनिमा की पुकार.
01:56यह एक इंस्टिंट कनेक्शन था.
01:57एक ऐसा connection जो समाज के सारे काईदे कानूनों से बहुत उपर था
02:02और बस यहीं से शुरू होता है असली टकराव
02:05एक तरफ हीर और रांजह जो अपनी पहचान, अपनी authenticity के लिए लड़ रहे हैं
02:11और दूसरी तरफ है परिवार, समाज और परमपरा का भारी दबाव
02:15जो उने जुका कर अपने जैसा बनाना चाहता है
02:18ये देखिए, दो अलग-अलग दुनियाएं आमने सामने हैं
02:22एक तरफ स्याल खांदान, जिसके लिए गेरत यानी जूटी शान और कंट्रोल ही सब कुछ है
02:28और दूसरी तरफ हीर और रांजा, जिनके लिए authenticity, सच्चा connection और अपने स्वर की यात्रा सबसे जरूरी है
02:36ये सिर्फ दो इनसानों की नहीं, दो value systems की सीधी टकर थी
02:40और इस टकराओं का जीता जाकता चहरा है हीर का चाचा, कैदो
02:45कहानी में तो वो villain है, पर psychology की भाषा में वो shadow है
02:49मतलब वो समाज की उन सारी दबी कुछली च्छाओं और insecurities का आइना है
02:54जिने कोई देखना नहीं चाता
02:55असल में कैदो हीर से नफरत इसलिए करता है
02:58क्योंकि हीर वो सब करने की हिम्मत दिखा रही है
03:01जो कैदो खुद कभी नहीं कर पाया
03:03जब हीर की जबरदस्ती शादी कर दी जाती है
03:06तो वो हार नहीं मानती
03:07बलकि वो एक बहुत बड़ा psychological stand लेती है
03:10वो शादी को मानने से ही इनकार कर दीती है
03:13इसका मतलब साफ है
03:14समाज उसके जिस्म को तो कैद कर सकता है
03:17लेकिन उसकी आत्मा, उसका स्वर वो अभी आजाद है
03:21उससे कोई नहीं जोका सकता
03:22अब जरा रांजह की तरफ लोटते हैं
03:25हीर के दूर जाने के बाद
03:27रांजह की जिन्दगी एक नया, बहुत ही गहरा मोड लेती है
03:31वो एक बड़े ट्रांस्फोमेशन से गुजरता है
03:34वो जोगी बन जाता है
03:36पर ये सिर्फ कपड़े बदलना या कान छिदवाना नहीं था
03:39ये एक तरह की इगो डैथ थी
03:42यानि अपने अहंकार की मौत
03:44हीर के काबिल बनने के लिए रांजह को रांजह होना छोड़ना पड़ा
03:48अपनी जमीनदारी, अपना रुतबा, अपना नाम, सब कुछ
03:52समाज जिन चीजों को कीमत देता है, उसे वो सब छोड़ना पड़ा
03:56ताकि वो अपने असली स्वाव को, अपनी असलियत को पा सके
03:59और जब ये नया रांजह, ये जोगी वापस लोटकर हीर से मिलता है
04:04तब कहानी अपने क्लाइमेक्स पर पहुँचती है
04:06यहां परिवार अपनी आखरी और सबसे खतरनाक साइकलोजिकल चाल चलता है
04:11मनोविज्ञान में इसे लव बॉम्बिंग कहते है
04:14ये एक बहुत ही मैनिपुलेटिव टाक्टिक है
04:17जिसमें किसी पर बेहिसाब प्यार लुटाया जाता है
04:19अपनापन दिखाया जाता है
04:21सिर्फ इसलिए ताकि उसका भरोसा जीता जा सके
04:24और फिर उसे धोखा दिया जा सके
04:28सियाल परिवार समझ चुका था कि वो हीर को तोड़ नहीं पाएंगे
04:31तो उन्होंने उसे जोडने का नाटक किया
04:33उन्होंने शादी के लिए हां कर दी
04:35हीर को ये यकीन दिलाया कि आखिरकार उन्होंने उसे अपना लिया है
04:39ये एक जाल था
04:41और ये जाल हीर की उस एक कमजोरी पर फेंका गया था
04:44जो हर इनसान में होती है
04:46परिवार से जुडने की चाहा
04:48और यहीं कहानी का सबसे दर्दनाक और सबसे गहरा सबक सामने आता है
04:53परिवार का ये प्यार, ये अपना पन
04:56It's all a sudden, it's all a sudden, it's all a sudden.
05:26It's all a sudden, it's all a sudden.
06:01It's all a sudden, it's all a sudden.
06:28It's all a sudden, it's all a sudden.
06:33It's all a sudden, it's all a sudden.
06:33It's all a sudden, it's all a sudden.
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