00:06आधी रात पुकारती है, जैसे कोई सांस चल रही हो
00:21कुछ नहीं बदला, फिर भी सब बदल गया
00:25भीड में ठंडी हवा का सिलसिला
00:28आहिने में तेरा अक्स दिख जाए, मगर तु कभी ठहर के देखे ही न
00:36ग्रेनन सी आखे दिली रोशनी, मगर उन में कोई सच नहीं
00:44सस्ती शेंपे का नशा, बारिश, सोफा, सल्हा मदा
00:55देश की धड़कन जिसम में उत्रे, हर बीट मुझे तेरी तरफ कीच ले
01:06मुझे पता है सब फानी है, पर अभी बस महसूस करना है
01:14मेर अतनेयों में गिरता जा रहा हूँ, एक बार तुझे छूना चाहता हूँ
01:22मेरा नाम भीमी आवाज में, पर मैं दन्हा ही नाच रहा हूँ
01:29तुपास आकर खो जाता है, एक साया, जो ठहर ना सका
01:57हर रिबन तेरी याद बन जाए, नए चेहरे वही रात लाए
02:01तेरे होंटों पे आधा जूट हर बात मैं छुपाए, एक दर्द मैं जुकता हूँ
02:06तू दूर हो जाए, जैसे कुछ था ही नहीं दर्मिया
02:11मुझे बैसाया सोहरत नहीं चाहिए, बस जीने की एक वजा चाहिए
02:44अगर अंधेरे में हाथ बढ़ाऊं, क्या तू मिल जाएगा या सिर्फ आवास रहज रहेगी
02:51जो मुझे भामोशी में ले जाए, मैं उपर उठता हूँ
02:55फिर गिरता फिर भी तेरा पीछा करता
02:58रोशनी बुझ गई मेरे गया, तेरे नाम के साए में खो गया
03:06बेस लाइन मुझे बांध लेती है, और मैं फिर गिरता हूँ
03:16रोशनियों में
03:28कर दोशनियों में लेगी
03:34झाल
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