00:00तरियादों के शेहर में तनह भटकता रहा
00:15खुद से मुलाकात का रास्ताई को गया
00:20मैंने खुद को खुद से विच्छरते देखा है
00:25तेरे बिना रोज खुद को मरते देखा है
00:29सांस चली है लेकिन रुख कही थमी थी
00:35हर जखम में मैंने तुछ में जीते देखा है
00:51तेरे बाहों का सुकूम अभी आदों में है
00:56पर हर रात में मुझे सिर्फ तनहा पाया है
01:01मैंने खुद को खुद से विच्छरते देखा है
01:06तेरी खामोशी में अपना नाम मुझे देखा है
01:12दुआओं के जवाब भी अब धूर लगते है
01:22तेरे जाने के बाद हर चहरा रोते देखा है
01:27तेरे दिना मुझे से रिष्टे सब बेजा है
01:33हर लबह तेरी कमी का मतम बन गया
01:37मैंने खुद को खुद से विच्छरते देखा है
01:43तेरे इंतजार में खुद को चलते देखा है
01:48ना मैं रहा ना मेरी कोई बात रही
01:53तेरे बाद हर दिन को रात बनते देखा है
01:58मैंने खुद को खुद से विच्छरते देखा है
02:04तेरे बिना रोज खुद को मरते देखा है
02:13झाल झाल
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