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Pahalgam हमले की बरसी पर शहीद शुभम को याद करते हुए उनकी पत्नी ऐशन्या भावुक हो गईं। इस मौके पर उन्होंने अपने पति की यादों को साझा करते हुए कहा कि वह आज भी उस दर्दनाक घटना को भूल नहीं पाई हैं। उनकी आंखों में आंसू और दिल में गर्व दोनों साफ नजर आए। ऐशन्या ने देशवासियों से शहीदों की कुर्बानी को हमेशा याद रखने की अपील की। Watch Out

#PahalgamAttack #Martyr #Tribute #IndianArmy #Respect #Salute #FilmiBeat

~HT.318~ED.484~PR.478~

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Transcript
00:00ना ये हिंदू जैनिसाइड लोगों को भूलना चाहिए
00:05कि मैं क्यूं गई वहाँ पर
00:10कि वो गटना तो मुझे को इतना दर्द देही रही है
00:15पुरी जिंदगी का ट्रॉमा दे दिया है उन्होंने
00:21पहल गाम ऐसी गटना है ये इस तरीके का मुझे लगता है अटाक था
00:26जो हम 26 परिवारों के लिए तो जो परसनली लेवल पर बहुत बड़ा दुख बहुत बड़ी गटना है
00:33लेकिन मुझे लगता है ये देश और ना मतलब जियो पॉलिटिकल लेवल पर भी बहुत बड़ी गटना है
00:38क्योंकि आज जो मैं सुबह न्यूस देख रही थी तो कई एरान और अलग-अलग इसराइल और इवन 6-7
00:46अलग-अलग मैं नाम अभी नहीं यादा रहा
00:48चहसाद अलग-अलग कंट्रीज ने भी आज पहलगाम के एक साल होने पे अपना दुख अपने कमेंट्स किये हैं
00:57कम से कम इने 6-7 कंट्रीज का सुबह से देखा पीम सर ने भी मॉर्णिंग में अपना ट्वीट किया
01:02है इस चीज का कि मुझे 26 फामिली के लिए दुख है और पहलगाम का अटाक को एक साल हो
01:08गए तो यह एक ऐसी इकटना है जिसने सिफ हम 26 परिवार नहीं अफेक्ट किया है
01:13इस पूरे देश को और पूरे दुनिया को कहिना का इफेक्ट किया है जिस तरीके से हमारे देश ने कदम
01:28उठाए है इस अटाक के बाद ऑपरेशन सिंदूर हो चाए ऑपरेशन महादेव हो बहुत जरूरी है कि हम ऐसे कदम
01:35उठाते रहें जो हमेशा आतंगवाद के खिला�
01:43कि ये देश कई बार आतंगवाद से परिशान हो चुका है अब इस हाई टाइम के हमें उनकी आखों में
01:50देख के बोलना जरूरी है कि अब अब हमें बरदाश नहीं है और हम पूरी तरीके से आतंगवाद खतम करेंगी
02:03कि बहुत सारी चीजें आते हैं बहुत सारे सवाल खुझ से आते हैं कि मैं क्यूं गई वहाँ पर बुझे
02:08नहीं जाना चाहिए था मैं शुमम को मना कर देती काश इतने सारे काश क्यूं दिमाग में आते हैं ना
02:16कि मैं में को लगता है मैं अपने पूरे दिमाग को अपने आ
02:27मुझे वो पूरी जिंदगी का ट्रॉमा दे दिया है उन्होंने और उसके साथ जो मैं खुद को परिशान करती हूं
02:32क्यूं हो गया काश मैं यह ना करती काश हम कश्मीर नहीं जाते तो यह यह चीजे मुझे और उससे
02:39जादा परिशान करती रहती है देखिए मोटिव तो सिं�
02:55लेकिन यह जो श्रदांजली सभा है यह उन सभी 26 लोगों के लिए इस सिफ शुभम की नहीं है पहलगाम
03:02अटाक में 26 परिवार एफेक्ट हुए थे यह आज जितना भी हम सब बैटके एक साथ प्रे करेंगे यह उन
03:08सभी 26 परिवारों के लिए है और रही बात कि मैं किस तरी
03:25हम भूलने चाहिए ना वह 25 बाकी लोग भूलने चाहिए ना यह हिंदू जैनिसाइड लोगों को भूलना चाहिए और ना
03:31यह दुबारा कभी इस देश में होना चाहिए इसलिए मैं यह कर रही हूं इसलिए हम सब को एक होके
03:37बोलना जरूरी है इसलिए हम सब को एक होके कड
03:41उस पाकिस्तान को जरूरी है कि हम एक हैं खड़े रहेंगे मरते दम तक साथ खड़े रहेंगे
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