00:00लोग अमारे साथ अच्छे से पेश क्यों नहीं आते हैं, एक आसरिजम क्यों ले के आते हैं बीच मेरे
00:04स्क्रीन पर जिस करदार पर आप हसते हैं, क्या पता उसके पीछे किसी ऐसी सच्चाई का जो है अन्रिवील टूथ
00:11हो जो आप लोगों को हैरान करते हैं
00:13जो हसने नहीं सोचने पर बजबूर करते हैं, एक पॉपिलर वेब सेरीज का जाना पहचाना चाहरा है, जैसे ओडियन्स ने
00:19खूब प्याद दिया है, आज अपनी रियल लाइफ स्टोरी से एक अनकमपटेबर रियालिटी सामने ला रहे हैं, वो सच्चाई जिसको
00:26आज के समय
00:27अवेपर accept करपाना बहुत मुश्कील है, एक नामी एक्टर, लेकिन फिर भी कास्ट डिस्क्रिमिनेशन जैसी चीजों का सामना करना पड़ता
00:35है, इतना नाम कमाने के बाद, इतनी शौहरत कमाने के बाद भी आखिर क्यों कास्ट डिस्क्रिमिनेशन और क्या है ये
00:41पूरी कह
00:52पंचायद से अपनी पहचान बनाने वाले अक्टर विनोद शूरेवंशी
00:57जी हाँ, ये वही चारा है जिसे आपने स्क्रीन पर हलके फुल के अंदास में देखा होगा
01:02उनकी कहानी कुछ काफी अच्छे तरीके से महसूस किया होगा
01:06पंचायद से घर-घर पहचान बनाने वाले, सचीफ के रूप में किरदार निभाने वाले
01:11विनोद बताते हैं कि उनके साथ किस तरीके से कास्ट डिस्क्रिमिनेशन आज भी हो रहा है
01:17विनोद बताते हैं कि fame मिलने के बाद भी उनकी जंदिकी से discrimination खत नहीं हुआ है
01:22करनाटका के उनके गाउं में आज भी कास्ट के नाम पर दिवारे खड़ी है
01:26अलग इलाके, अलग लोग और अलग rules
01:29यानि पहचान बदलने से पहले समाज की सोच बदलना कितना जरूरी है वो सबसे मुश्किल है
01:35उन्होंने अपने बच्पन का एक किस्सा भी सुनाए
01:37जो सुनकर कुछ सेकंड के लिए आप लोग भी चुपो जाएगे
01:41सिर्फ बारा साल के हुआ
01:43पिदा के साथ एक होटेल में खाना खाने गए थे
01:46खाना खत्म हुआ तो उन्हें अपनी फ्लेट्स खुद धोनी पड़े
01:50एक छोटा बच्चा जिसे उस सुम्पर में क्युवालिटी समझ भी नहीं आती थे
01:53उसे वही एसास करा दिया गया जो उसे शायद समझ भी ना है
01:58और ये यही नहीं रुका
01:59गाउं के कुछ मंदिर आज भी उनके लिए बन है
02:02जी हाँ सोचिए
02:03आज एक एक्टर जिसे लाखों लोग स्क्रीन पर देखते हैं
02:06वो अपने ही गाउं में एंट्री के लिए रिस्ट्रिक्टेड है
02:09वो आज भी कई मंदिरों में नहीं जा सकते
02:11सिर्फ इसे लिए
02:13क्योंकि कास्ट डिस्क्रिमिनेशन है
02:15उनका बच्चमन से बिस्क्रिमिनेशन नहीं
02:17स्ट्रगल से भी भरा हुआ था
02:19पेस्टिबल जो बाकी लोगों के लिए
02:21सलिब्रेशन होते थे उनके लिए सवाल बन जाते थे
02:23दिवाली क्यों आती है
02:25क्योंकि घर में इतना नहीं होता था
02:27कि वो वे दूसरों की तरह
02:29खुशियां मना सके
02:30घर की सिट्वेशन भी आसान नहीं थी
02:32मां घरों में काम करनी थे
02:34पिता मिस्त्री थे
02:35लेकिन काम रोज नहीं मिलता था
02:37कहीं बार फॉस्ट्रेशन घर तक आता था
02:39और महौल टूट जाता था
02:41ये सब उन्होंने बच्पन से देखा है
02:43और महसूस किया है
02:44लेकिन यहीं से उनकी कहानी पलती है
02:47सर्वाइवल के लिए उन्हें हर जॉब की
02:48लिफ्ट मैन, ओफिस बॉई, सिक्यूरिटी गार्ड
02:51बारा-बारा घंटे की शिफ्ट्स
02:53बारिश में भी भीगते जूते
02:55पैरों में छाले और फिर भी
02:56नेक्स टे रेडी
02:57आज वही विनोद, शूरे वंशी
02:59सत्वे विजयते, जॉलिया लिल्बी 3
03:02जैसे प्रजेक्ट का हिस्सा है
03:03और फंचायत से जो फेम कमाया है
03:05वो किसी से छुपाया ने छुपाया है
03:07लेकिन उनके कहानी एक सिंपल प्रुथ छोड़ जाती है
03:10सक्सेस आपको स्पॉटलाइट जरूर दे सकती है
03:12लेकिन सुसाइटी की सोच बदलना अभी भी एक लॉंग जर्णी है
03:15कभी-कभी असली स्ट्रॉगल कैमरा के सामने नहीं कैमरा के पीछे होता है
03:19और वही विनोद ने बताया है कि किस तरीके से एक आक्टर
03:23जो इतनी बड़ी मुकाम पर पहुंच गया इतने स्ट्रॉगल करने के बाद
03:27लाखों लोगों का दिल जीतने के बाद
03:29लेकिन आज फिर भी उसे कास्ट डिस्क्रिमिनेशन का असापना करना पड़ता है
03:33आखिर क्यों इतनी फैन पॉलवे लोगों के दिल में प्यार
03:37लेकिन फिर भी कास्ट डिस्क्रिमिनेशन एक अक्टर को किस तरीके की जिलज हिलनी पड़ रहे हैं
03:42यह उन्हें पूरे तरीके से पताया कि आज भी कई मंदिलों में करें जगाहों पर उनी के गाहों में डिस्ट्रिक्शन
03:48लगा हुआ है
03:48कि वह वहां नहीं जा सकते
03:50तो सोचे किस तरीके की जो है चीजें उनके साथ हो रही होगी
03:54आपके क्या राय कॉमेंट बोक्स में ज़रूर बताइएगा
03:56और ऐसी एंटेटीनमेंट से जोड़ी ख़बरों के लिए देखते रहे हैं
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