00:05नवास्कार मैं हूं शम्स ताहर खान और आप देख रहे हैं वारदात पूरी दुनिया की निगाहें बुद्वार यानी 22 अप्रेल
00:12पर है पंद्रह दिनों के युद्ध विराम के बाद क्या अमेरिका और एरान जंग रोकने के लिए राजी होंगे या
00:20सीज फायर की मियाद आ
00:29जिसका जवाब पूरी दुनिया जानना चाहती है और वो ये कि क्या एरान हॉर्मुस का रास्ता खोलेगा अगर एरान ने
00:38हॉर्मुस का रास्ता खोलने का फैसला कर भी लिया तो सवाल ये भी है कि आखिर उन बारूदी सुरंगों को
00:44एरान कैसे हटाएगा जो खुद उसने
00:56पिछले 14 दिनों से टीवी स्क्रीन या बारों की सुर्खियों से जंग की तबाही, बर्बादी, बंबारी, फाइटर जेट्स, ट्रोल, मीजाई,
01:07या तेल के कौओं और कार्फानों से उठते, आज के शोले या धूओं की तस्मीज या खबर, लटफ़ गाइब, गाइब
01:16है।
01:16क्योंकि अमेरिका और इरान के बीच जुद्ध विराम जानी है। जुद्ध विराम यानि समझ होते के तहट एक खास मुद्ध
01:24के लिए हमले रोग देना और उस दोरान शान्ती के लिए बात चीट करना है। लेकिन शान्ती की ये तैय
01:31मियाद 25 अप्रेल यानि बुदवार क
01:34के सुभा भारफिय समय के मुताबिक साड़े पांच बजे खत्म हो जाएगी। और पस इसी वज़ा से बीते 15 दिनों
01:42से शान्त दुनिया फिर से बेचैन दिखने लगी। बेचैन ये सोचकर कि 22 अप्रेल को क्या होगा। क्या पहले दोर
01:51की बात चीट की नाकामी के बाद अ
02:04फिर से जंग की तबाहरें, बरबाद, बंबारी, फाइटर जिप्स, ड्रोन, मीजाईल, तेल के कुऊं और कारखानों से उटते आप के
02:14शोलें या धुएं की दस्मीर या खबरें फिर से वापस लोटा हैं जो बीते 28 फरवरी से दुनिया देख रहे
02:22हैं।
02:34जो तीन सबसे बड़ी रुकावटे हैं, वो हैं इरान का यूरेणियम, जिसे अमेरिका खुद लेना चाहता है। दूसरा, वो बहत
02:43छोटा पतला और संक्री सा समुदरी रास्ता, जिस पर इरान अपना कंट्रोल खोना नहीं चाहता। और उसी हॉर्मुज के चानों
02:53तरफ �
02:54अमेरिकी नाके बंदी जो इरान को बरदाश्त नहीं। अगर इन तीन मुद्दों पर दोनों देश कोई रास्ता निकाल लेते हैं,
03:01तो समझ लीजिए, शांती बस दस्तक देने वाली हैं। वन्ना, फिर से जंग की वही दरावनी तस्वीरें देखने के लिए
03:09तयात हुजा
03:1928 फरवरी को जब इसराईल और अमेरिका ने इरान पर हमले कर जंग की शुरुवात की तब उस वक्त किसी
03:25ने सोचा भी नहीं था कि जो जंग इरान के न्यूटलियर प्रोग्राम के नाम पर शुरू हुई, वो आगे चलकर
03:31हॉर्मुस पर जाता है देखिए।
03:35इरान ने भी जंग हॉर्मुस के उस रास्ते को बंद कर जिस रास्ते से दुनिया भर के देशों को 20
03:41शी सदी तेल पहुंचता है, जाने अन जाने पूरी दुनिया को ही इस जंग की आँन महसूस करा।
03:49हॉर्मुस की क्या एहमियत है, इरान को इसका बखूगी अंदाजा है।
03:54इसलिए इरान युद्विराम के दौरान भी इसे खोला नहीं, बलकि अब भी बंद कर रखा है।
04:00लेकिन हॉर्मुस के बंध होने या खुलने से ज्यादा दुनिया भर के देशों के बड़े-बड़े तेल टैंकरों को वहां
04:06से गुजरने से, जो डर सबसे ज्यादा डरा रहा है।
04:10वो सी माइन्स यानि समुदरी बारूदी सुरंग है।
04:16वो समुदरी सुरंग जो इरान ने हॉर्मुस के समंदर के नीचे बिचा रखा है
04:21ये वो बारूदी सुरंग है जिनके संपर्क में आने भर से बड़े बड़े जहास तबाह हो जाए
04:32बस एरान के इसी बारूदी सुरंग की वज़ए से अमेरिका अपनी पूरी ताकत जोग देने और बार बार धंकी देने
04:39के बावजूर हॉर्मुस पर कबज़ा नहीं कर पा रहा है
04:42जब कि अमेरिका ने हॉर्मुस के पूरे इलाके में नाके बंदी कर रखे लिए
04:47अमेरिकी नौसेना के खाड़ी के देशों में इस वक्त 15 जंगी जहाज मौदूद है
04:53इनमे एरक्राफ्ट कैरियर यूएसस अबराहम लिंकल और दस से ज़्यादा युद पोर्ट शामिल है
04:59लेकिन हॉरमुस के करीब जाने का मतलब अमेरिका को भी बता है
05:03अब सवाल ये है कि एरान में ऐसा कौन सा समुदरी माइंस या बारूद बिचा रखा है
05:08ऐसे सी माइंस को समंदर के अंदर कैसे बिचाया जाता है
05:12ये कैसे जहाजों के लिए खत्रा है
05:15इन्हें समंदर के नीचे बिचाने ये फिर निकालने का तरीका क्या है
05:20दरसल इस समुद्री खत्रे की जानकारी भी खुद इरान में दिए
05:24इरान का दावा है कि उसने हॉर्मुस के इर्दगिट बारूदी सुरंगों का जाल मिछा रखा है
05:30इस बारूद को सी माइन्स या नेवल माइन्स भी कहते है
05:34अगर कोई भी जहाज भिना इरान की मर्जी से यहां से गुजरने की कोशिश करेगा
05:39तो इसी सी माइन्स या बारूदी समुद्री सुरंगों के जाल में फंस कर धावांकों के साथ तबाह की जाए
05:49समुद्री माइन्स को कई तरीकों से बिछाय जाता है
05:51इन्हें ये रिपोर्ट से बिछाय जा सकता है
05:54पंदुब्बी से, छोटी तेज नौकाओं से, यहां तक के हेलिकोंटर ये विमानों से, समंदर के अंदर माइन्स बिछाय जा सकता
06:02है
06:03अलग-अलग रिपोर्ट के मताबिक एरान के पास इस वक्त पास से छे हजार के खरीब सी माइन्स या बारूदी
06:10सुरंगे
06:11असल में हॉर्मुस का पतला रास्ता यहां पर पानी की कम गहराई और आसपास के आईलेंड का इरान फाइदा उठाकर
06:19यहां आसानी से बारूदी सुरंग बिछा लेता है
06:23इरान ने हॉर्मुस के चारों तरफ तीन तरह के बारूदी सुरंग या सी माइन्स बिछाई ये तीन सी माइन्स है
06:30मोड माइन महाम सरीज, सदाफ माइन, इन्फलेंस माइन
06:38मोड माइन्स एक तरह से तैरता हुआ बारूद होता है
06:41इसे समंदर के नीचे तल पर लिजा कर किसी लोहे के चेन ये रसी से बांदिया जाता है।
06:47इसके बाद ये समंदर के नीचे पानी में ही तैता रहता है।
06:51इसके करीब से गुजरने वाला कोई भी जहास जैसे ही इससे टकराता है इसमें धवाका हो जाता है।
06:59सदाग बारूदी सुरंग एक चुम्बक की तरह होता है जो जहास से जाकर चिपक जाता है इसे टाइमर के जरिये
07:06भी ब्लास्ट किया जा सकता है
07:09इंफलेंस माइन वो बारूदी सुरंग है जो जहास के संपर्थ में आए बिना है फट जाता है
07:14असल में ये बारूदी सुर्ण इस तरह बनाया गया है कि ये सिर्फ जहाज की आवाज पानी में उसके डबाओ
07:21और मैगनेटिक फील्ड को महसूस करते हैं उसमें ठामा का कर दोता है
07:26इसके रावा एरान के पास रॉकेट माइन्स भी है जिसे एम-52 कहते हैं
07:32इस रॉकेट माइन्स का इस्तेमाल अमूमन बड़े जहाजों और एरक्राफ्ट केरियर के खलाब होता है
07:37इन रॉकेट माइन्स को समंदर के तल पर लगाय जाता है और वहां से जब ये किसी जहाज के मूव्मेंट
07:44को महसूस करते हैं
07:45तो रॉकेट लॉंच हो जाता है और उस जहाज को तबाह कर देता है
07:50युनाइटेड इस्टेट्स नेवल इंस्टिचूट की एक रिपोर्ट के मुताबिक इरान के पास इस वक्त 5 से 6000 सी माइन्स है
07:57एक्सपर्स की माने तो समुदरी वारूद बिचाना जितना आसान है उसे वापस बाहर लाना उत्रह ही मुश्किल
08:05अलग-अलग रिपोर्ट की माने तो इरान ने हॉर्मुस को बचाने के लिए अपनी आधी सी माइन्स यानी बारूदी सुरण
08:12हॉर्मुस के चारों तरफ बिचा रखी
08:16समंदर की नीचे एक सी माइन्स को तलाश कर उसे नस्ट करने में औस तन 5 घंटे लगते हैं
08:21इस हिसाब से देखा जाए तो अगर इरान ने सक्मुच 3,000 माइन्स बिचा रखी तो उसे ढूंड कर नस्ट
08:28करने में देड़ साल से ज्यादा का वक्त लग सकता है
08:33अगर अमेरिका एक साथ 20 टीमे भी इने तलाशने में लगा दे तो भी तीन महीने से पहले वो इन
08:39बारूदी सुरंगों से जाल को तोड़ नहीं पाएगा
08:42यही वज़ा है कि अमेरिका ने हॉर्मुच की नाका बंदी जरूर करने की पर आगे नहीं बढ़बा रहा
08:48क्योंकि आगे कहा बारूदी सुरंग उसे फुट पता रहा
08:52यहां तक कि खुद अमेरिका नहीं पिछले हफ़ते ये भी दावा किया था
08:56कि एरान को खुद याद दें कि उसने हॉर्मुच के किन किन जग्मों पर बारूदी सुरंग बिछा रखी
09:02ऐसे में मुश्किल और ज़्यादा बढ़ गई है
09:05यहीं वज़ा है कि बड़े बड़े जहाद भी इनी बारूदी सुरंगों के डर से एरान के बताए रास्ते से ही
09:11गुज़र रहे है
09:15हलाकि अमेरिकी नौसेना हॉर्मुच को तबजा करने की कोशिश भी करती है
09:19तो उसे सबसे पहले इन सी माइन्स को नस्ट करना होगा
09:22इसके लिए तीन फेज में काम करना होता है
09:25पहले फेज में समुदरी ड्रोन और हेलिकॉप्टर की मदद से उन इलाकों की पहचान की जाती है
09:31जहां सी माइन्स बिछाया गया है
09:33दूसरे फेज में रोबोर्ट बोर्ट जहाजों की मदद से माइन्स की पहचान की जाता है और उन्हें टार्गेट के लिए
09:40लॉफ किया जाता है
09:41तीसरे फेज में छोटे बम और मिस्पोटक की मदद से इन माइन्स में धमा करकर उन्हें नस्ट किया जाता है
09:51हाला कि अमेरिका सी माइन्स को ढूम कर कम वक्त में उन्हें नस्ट करने के लिए हलिकॉप्टर का भी इस्तिमाल
09:57कर सकता है
09:58इसे एर बोन लेजर माइन डिटेक्शन सिस्टम भी तहा जाता है
10:02इसकी मदद से समंदर में बिना उत्रे वहां बिचाई गई सी माइन्स का पता लगाया जा सकता है
10:08और जब उनकी लोकेशन पता चल जाती है तो उने जहाजों और ड्रोम से नस्ट कर दिया जाता है
10:13इसके रावा सी माइन्स को नस्ट करने के लिए अवेरिका रोबोर्ट बोर्ट की भी मदद लेने की सोच रहा है
10:21वैसे समुदरी माइन्स को ढूंडने के लिए कुछ खास जहाजों का भी इस्तमाल किया जाता है
10:25जिनका हल जानी जहाज का निचना हिस्सा लोहे का नहीं बलकि ग्लास, फाइबर ये लकडी का होता है ताकि चुमबकिये
10:33सबुदरी तरंगे नपढ़े ये जहाज हाई रिजुलोशन सोना तरंगों से माइन्स को खोच दे है इसके रावा पानी की नीचे
10:41चलने वाले MK-18 ना�
10:59हालांकि अमेरिका के लिए ये सब करना इतना आसान भी नहीं वजाए ये कि अमेरिका ने भले ही इरान की
11:05नौसेना की ताकत काफी हद तक खत्म कर दे है लेकिन वो इसलामिक रिवलुशनरी गार्ड कॉव यानि आई-आर जी
11:12-सी की नौसेना को कमजोर नहीं कर पाया
11:14आई-आर जी-सी की 60 की सदी स्पीड बोर्ट अब भी पूरी तरह से महपूस है यही वो स्पीड
11:21बोर्ट जिनकी मदद से इरान ने हौरमुज में माइन्स बिचाई
11:25वैसे अमरीका छोड़ी खुद एरान के लिवी बारूदी सुरंग को समंदर से हटाना इतना असान नहीं
11:32कहते हैं समुद्री माइन्स को हटाना दुनिया के सबसे खतरनाक कामों में से एक
11:38नाटो शिपिंग सेंटर की एक रिपोर्ट के मताबिक समुद्री माइन्स अक्सर गहरे पानी ये कीचर में तबी होगी
11:44सबंदर की लहरें और तेज बहाओ कई बार माइन्स को उनकी असली जगा से दूर ले जाते हैं
11:50जिससे सुरक्षित रास्ता भी जोकिम भरा हो जाता है
11:54कुछ माइन्स शिप्ट काउंटर से लैस होती है जो पहले दो तीन जहाजों को जाने देती हैं
12:00और पीछे आने वाले जहाज पर पड़ देती हैं
12:05शमस तहर खान आज तर लेंगे
12:10अमेरिका और टरंप दोनों ही पिछले एक महीने से ये दावा करते आएं
12:15कि वो हॉर्मूस पर कब्जा कर सकते हैं ये कर लेंगे
12:18लेकिन कब्जा करना तो दूर
12:20अमेरिका तमान कोशिशों के बावजूद हॉर्मूस का रास्ता तक नहीं खुलवा पाया
12:26दरसल ये पूरा इलाका है ही ऐसी जगा पर जहां एरान को किनारे कर इस पर कब्जा करना बेहत मुश्किल
12:33है
12:33इसके आसपास के छोटे छोटे और ऊंचे टीले वाले आईलंड इस पूरे इलाके को एक तरह से सुरक्षा कवच्च महया
12:42कराते है
12:49वैसे अकेला इरान का ये समुद्री 22 सी अमेरिका को परेशान नहीं कर रहा है
12:54बलकि हॉर्मुस का पूरा चक्रवी हुई ऐसा है जिसे अमेरिका तमाम कोशिशों और नाके बंदी के बावजूद तोड़ नहीं पा
13:01रहा है
13:01अमेरिका की छटपटा हट भी यही है कि सुपर पावर का तमगा पाने के बावजूद वे इरान के इस छोटे
13:08से दूई पर कबज़ा नहीं कर पा रहा है
13:11नहीं दुनिया के तेल के लिए हॉर्मुस के इस रास्ते को खुलवा पा रहा है
13:14आकिर इरान का ये छोटा दूई कैसे अमरिका के लिए तिलिस में बना हुआ है
13:19आएए इससे समझते है
13:2133 किलो मीटर चोड़ा और सिर्फ दो दो मील की दो पतली गलियों वाला
13:25ये हॉर्मुस इतना संकरा और उतला है
13:28कि बड़े बड़े जहाजों के पास बचने के लिए यहां कोई जगाही नहीं बचते
13:32यही वज़ा है कि जंग से पहले शान्पी के दिनों में भी
13:36यहां पर आकर जहाजों की लंबी गतार लग जाया करती है
13:39और यही चीज़ इरान को मौका दे जाती है
13:43قطار में खड़े इन जहाजों में से दिश्मन के जहाजों को निशाना बनाने यहां पर ऐसे जहाजों को निशाना बनाना
13:50बеहत आसान हो जाता है
13:53हॉर्मुस के इर्दगिद एरान की उबर खावर्ट ट्रक्सीमा छोटे छोटे हमला वर नाओं या जहाजों को छुपने के लिए सुरक्ट्रिक
14:01ठिकाना भी दे देती है
14:02जहां से वो अचानक हमला कर गाइब हो जाते हैं
14:05इरान के हॉचे तक्ये इलाके भी उसे पूरे हॉर्मुस पर निग्रानी रखने और सटी मीजाई डागने में मदद करती है
14:12हॉर्मुस के असपास इरान के और भी कई सारे छोटे छोटे चोटे दूई भी जिनका इस्तमाल एरान मीजाई अड्डों की
14:19तरह करता है
14:20इसी हॉर्मूस के करीम एरान का सबसे बड़ा बंदरगाह और शहर बंदरबास है
14:25शहर नजदीक होने के चलते चंदी मिन्टों में एरानी सेना यहां पहुचकर फूर रास्ते को बंद कर सकती
14:32यानि इस इस इलाके की भौगोलिक इस्तितिक अभी इरान को भरपूर फाइदा बिलता है
14:38अमरिका के साथ चल रहे इस जंग के दोरान इरान ने बारूदी सुरंगे बिछा कर और अपने इलाके की भौगोलिक
14:45कमजोरियों का फाइदा उठा कर हौरूज में लगातार सारी आवाजाहिं रोग दिये
14:50अमरिकी नाके बंदी के बावजूद यानि तमाम कोशिशों के बावजूद ही इरान अब भी ये तैक कर रहा है कि
14:57कौन सा जहाज यहां से गुजरेगा और कौन सा ने
15:01के पी एल इयार की एक डेटा के मताबिक युद्ध विरान के बाद भी औसतन हर दिन सिर्फ नौ जहाजी
15:07इस हौरमुस से गुजर रहे
15:09जबकि जंग शुरू होने से पहले 130 से ज्यावा जहाज यहां से हर रोज गुजरा करते थे
15:1528 फरवरी यानि जंग शुरू होने से पहले हौरमुस से औसतन रोजाना 20 मिलियन बैरल पेल गुजरता था
15:22जिसका 5 फीसदी भी अब नहीं गुजरता है
15:26समुदर में चलने वाले मालवाहग जहाज आमतौर पर बेहत विशाल होते हैं
15:31और धीमी रफ्तार से चलते हैं
15:33इन जहाजों में खत्रे का पता लगाने की शमता भी लगभग ना के बराबर दोती हैं
15:38इसलिए इन्हें निशाना बनाना और भी आसान होता है
15:41हाली में इरान ने भार किये जहाजों पर फारी की और जहाजों को हॉर्मुस पार किये बिना हिलोग ना पड़ा
15:49इरान की कम लागत वाले ड्रोन और माइन से जहाजों को धंकाने की गुवत का ही नतीजा है
15:55कि ट्रम्प लगातार कोशिशों के बाद भी इसे एक छोटे से रास्ते तक को जीत नहीं था
16:02हाला कि हॉर्मुस पर कब्ज़े या कंट्रोल की ये कोई पहली लडाई नहीं
16:06पास्वानिस साल पहले पुर्टगालियों ने इस रास्ते पर कब्ज़ा जमाया था
16:11और यहां से गुजरने वाले जहाजों से टोल या टैक्स वसूलना शुरू किया था
16:15हाला कि बाद में फारस जब इरान बन चुका और ब्रिटिश सेनाओं ने मिलकर पुर्टगालियों को यहां से ख़दे लिए
16:22इसके बाद 1950 में खुद ब्रिटिन ने हॉरमुज में ऐसी ही नाके बंदी की थी
16:28उस वक्त इरान के पुर्धान मंतरी मुहमद मुसा देग ने देश के तेल उध्योक का रास्चे करन कर दिया था
16:35इससे ब्रिटिन और अबेका काफी नारास थे
16:37इसके बाद ब्रिटिन ने अमेरिकी खुफ़े अइजनसी सियाईए के साथ मिलकर एक खुफ़या उपरेशन चला है
16:43और मुसा देग की सरकार का तखता पलट कर दिया
16:47फिर 1980 के दशक में एरान एराक युथ के दोरान भी इस रास्टे पर कई बार रुकावटे पैदा की गए
16:54लेकिन हॉर्मुस के रास्टे पर पूरी तरह से एरान का ही कंट्रोल पना था
16:59अब दुनिया की निगाहें 22 अप्रेल यानी बुथवार पर है
17:03जब ये तैह होगा के एरान दुनिया के लिए हॉर्मुस नाम का ये रास्ता खोलेगा ये नहीं
17:09अगर खुल गया तो पूरी दुनिया में तेल की खल्लत खत्म हो जाएगी
17:14और नहीं खुला तो तेल में आग लगना तैले
17:19शम्स तहर खान आज तक
17:24तो वारदात में फिलाल इतना ही
17:26मगर देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए आप देखते रही आज तक
Comments