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00:00भाजपा ने एक भ्रह्म फैलानी की राजुनीती करी, जिसका पटाशेव, 17-18 तारिके सर्दन के अंदर आप सबने देखा, महिला
00:12श्रशक्तिकरन के नाम पर, जो पूरा खेल रता गया, वो कहीं पे निगाहे कहीं पे इशारा जैसा था,
00:21नारी वंदन के नाम पर, संसद के स्वरूप को बदलने का खेल सर रहा था, जो की एक राश्ट विरोधी
00:31शडियंतर था, निज़ा पाजली का एक शेर है, हर आदमी में होते हैं 10-20 आदमी, हर आदमी में होते
00:39हैं 10-20 आदमी, जिसको भी देखना है कई बार देखना,
00:43यह बीजेपी पर सटीक बैठता है, क्योंकि उनके किसी भी मतव्य को अगर आप देखें, तो आपको हजार बार सोचना
00:50पड़ता है कि किस मंद्शा से लेकर आए, और यही कारण है कि सदन में जब अमित्शा जी बोल रहे
00:56थे, तो बार बार यह कह रहे थे कि हम पर भरोसा क
01:09मुखोटा और सक्ता बचाने की बेचैनी, यह था असली खेल, बात महिलाओं की और खेल चुनावी नक्षे को अपनी सक्ता
01:21को काबिस करने के लिए बदलने के लिए था, नारा महिला आरक्षन का और सक्ता की गनित का एतिहासिक छलावा
01:31लोगतंतर के अंदर रचा गया, दि
01:38जादे बुगोल के विखंडन के प्रधान मंत्री जी ने महिला शशती करन के नाम पर ये बिल आने से पहले
01:50विज्ञान भवन के अंदर भाशन दिया, उसके बाद में बीजेपी के ट्विटर हैंडल से बहुत सारे शोशल मीडिया इंफ्लूएंसर से
02:01एक पूरा क्या पूर
02:03प्रपोगेंडा चलाया गया, एक धोंक करा गया, बहिलाओं के प्रती एक समवेदना के प्रत का एक आवरन बनाया गया, लेकिन
02:14उसके पीछे छुपा था परिसिमन का वो विश्दंश, अखंड भारत, उत्तर भारत और दक्षिन की एक्ता को संकट में लाने
02:24वाला एक ऐसा
02:25बिखायक, वो लेकर आए, आपने सुना था, 400 पार का नारा भाजपा दे रही थी, और वो आज पता लगता
02:36है कि 400 पार उन्हें क्यों चाहिए था, उन्हें किसी भी सविदान शर्शोधन के लिए दो त्याय बहुमत के लिए
02:42और अपने ऐसे मनसूबे, पूरे करने के लिए
02:46400 पार का आकड़ा चाहिए था और देश की सजब जन्ता ने उन्हें बहुमत नहीं दिया, वो 240 पर उठे
02:53और बिहार और साउस में चंद बाबुनाईडू जी की दो बैसाथियों के तले आज वो सरकार चल रही है, आधी
03:00आबादी, बहिलाओं का हक, पियार टैक्टिक्स, श
03:16भाजपा का हदे परिवर्तन क्यूं हुआ, उनकी नियत और उनकी सरकार की मंशा क्या थी, सितंबर 2023 के अंदर नारी
03:28शक्ती वंदर अधिनियम सर्च समती से पारित हो चुका है, और उस वक्त आधरनिये सोन्या गांधी जी ने, आधरनिये मलिका
03:41अर्जिन खड़गे जी ने
03:45बहुत पुर्जोर तरीके से पैर भी करी थी, और ये कहा था, कि आप इन्हें जिस तरीके के मायाजाल में
03:52बांध रहे हैं, वो मत करिये, इसे तुरंद बिना शर्च के लागू कीजिए, लेकिन भाजपा तब इस बिल को लेकर
03:59आई, और इसके अंदर शर्ते लगाई गई,
04:02और शर्ते थी के पहले जंगलना होगी, परिसिमन होगा, और उसके बाद 33 प्रतीशन आरक्षन लागू होगा, सब ये कह
04:11रहे थे के एक बिल लेकर आ रहे हैं, जिसकी कोई टाइम लाइन नहीं है, बिल तो हम लिया है,
04:14लेकिन कब लागू होगा, ये पता नहीं है, और उस �
04:31संद्रने ली दिये, लेकिन नहीं, जंगलना और परिसिमन के जंजीरों में, महिलाओं के अधिकारों को बांधा, नियत साफ होती, तो
04:42दो हजार चौबिस में लागू करते, बिना शर्त लागू करते, 33 प्रतीशन मौजूदा जो सीच है, 543 उसमें लागू करते,
04:51अब 30 मही
04:52दे बाद में, अचानत सविदान शोदन लाना नियत नहीं, नियती से डर है, वो भविश्य देख रहे हैं कि आज
05:01240 दिया है, आगे गुंतीज का चुनाव है, 2029 का, 3034 में सरकार में क्या होगा नहीं होगा, 2029 में
05:11सरकार बनती नहीं दिखरी है, कहां से महिला और हमारा ये प
05:22परमान नहीं, गिर्ते हुए जनाधार को बचाने के लिए, ये उनका आखरी शबुका था, क्या था मुद्धा, प्रधान मंत्री जी
05:36आ रहे हैं, बात कर रहे हैं, पूरी बीजेपी ने अथा पैसा महिला आरक्षन के नाम पर लगा दिया, मुद्धा
05:43महिला आरक्षन नहीं
05:52हमेशा ये सुनिश्चित करने के उस सब्ता में बैठे रहें, 2011 की पुरानी जनगर्ना के आधार पर सीटों का फेर
05:59बदल करना चाहिए, आज आप और हम सब समझते हैं कि आज 2026 चल रहा है, 2011 से 2026 में
06:08करिस्थित्या कितनी बदली होगी, जनसंख्या में वृद्धी हुई है
06:13सामाजिक धाचा बदला है, जात्य संजचना बदली है, आर्थिक हानात बदले हैं, व्यापक पलायन हुआ है, इन सब को नजर
06:22अंदाज करते हुए, अब वो 2011 की बात कर रहे हैं, पहले ये कहा था कि 2027 के अंदर जनगर्ना
06:31कास्टेंस सब पूरा हो जाएगा, लेकिन अब �
06:35कास्टें 2011 पर जा रहे हैं, इसका मतलब वो 2027 में जो आंकड़े आने वाले हैं, कास्टेंसिस के जो आंकड़े
06:43आएंगे, उससे भाजबा घबरा रही है, इस्ती हरबड़ी क्यों हुए,
06:49कि 2011 से अब, 2026 में, 2011 को लागू करना, इसका अर्ट ऐसे है, मान लीजिए कि लोकतंतर को हम
07:01चलाना ऐसे चा रहे हैं, कि आपने 15 साल पहले जाकर कोई बलड रिपोर्ट या अमराई कराई है, और 15
07:07साल बाद जाकर आप उस बलड रिपोर्ट या उस अमराई के आधार पर अप
07:11कराने जा रहे हैं, किस तरीके का छलावा है, क्योंकि गुहाटी के अंदर प्रेस कॉंफरेंस कर रही हूँ, क्या करना
07:20चाहते थे ये डिलिमिटेशन से इसके दो बड़े उधारन है, जम्मू कश्मीर और आसा, दो जगे इन्होंने डिलिमिटेशन किये हैं,
07:28भाजपा पु
07:40प्रेस्तरों की सीमाओं को चालाकी से बदलना चाहती थी सिर्फ और सिर्फ चुनाव में अधिक सीते लाने के लिए, भाजपा
07:50के लिए परिसिमन कोई लोकसांत्रिक प्रक्रिया नहीं थी, ये विपक्ष को खतम करने का एक राजनेतिक हत्यार था, जम्मू कश्मीर
07:59के अं�
08:10कैसा दोरा मामतल था, आपका दो प्रदेश के अंदर आपने अलग-अलग मामतलों के उपर किया, असम में आपकी एक
08:19लोग सबासी 14 लाग की है, एक आपकी 26 लाग की है, ये चुनावी सुवदा नहीं है, ये वो चौसर
08:27का गेम है, जहाँ पर बस जो पासा फेके, रिक दि�
08:32से कहते हैं, कि जो पासा फेके, वो हमारा ही हो, कई जगे भुगौलिक निरंतर्ता के नाम पर, आप ऐसी
08:40कॉंस्टिट्विंसी बना रहे हैं, एक जगे पहाड़े, एक जगे नदी है, और वो कंटिन्यूस चली जा रही है, ये राजनेतिक
08:46शोर्षन है, जिसे देश की जं�
08:50और राहल गांधी जी बिलकुल बरदाश्ट नहीं करेंगे, जो प्रयोग असम और जम्हू कश्मीर में किया, वही साजिश महिला आरक्षन
08:59के आर्मे पूरे देश में करना था देए, राहल गांधी जी ने सदन में, ये बहुत पुज़र तरीके से कहा
09:07है, ये जो डीलिमि�
09:20राजियों का राजनेतिक बजन कम करना चाहते हैं, ये एक एंटी नैशनल एक्ट है, और भारत की अखंडता पर मठा,
09:29उनकी जड़ों में मठा डालने का काम करेंगे, राहल गांधी जी बार बार कह रहे थे कि कोविड आएगा, आपने
09:36कोई व्यवस्तानी करी, आपने एक �
09:48दिया जलाएए, ठाली बजाएए, राहल गांधी जी बार बार कह रहे थे सदन में कि आप जातिगत जंगनना कराएए, जातिगत
09:55जंगनना आज की जरूरी है, किसका कितना अधिकार है, उन्हें मिलना चाहिए, तब प्रधान मंत्री जी कह रहे थे कि
10:01ये अर्वन नकसल मा�
10:04आज वही सरकार राहुज गांधी जी की वज़े से OBC हितेशी जो बनती है, उसे जातिगत जंगनना करानी पड़ी, एक
10:12तरफ वो OBC की हितेशी बनती है, और दूसरी तरफ OBC की गिंती से देश को अपने को खत्रा मानती
10:19है, तेलंगना और बिहार के जो सर्वे हैं, उनके आ
10:34महिलाओं में किस वर्ग की संख्या कितनी है, और OBC महिलाओं का कितना हिस्सा बनेगा, कौन सी सीट HTSC की
10:42होगी और कौन सी HTSC महिलाओं के लिए आरिक्षित होगी,
10:47बीजेपी OBC के साथ होने का ढोंग और नाटब तो करती है, लेकिन उन्हें सक्ता में किसी प्रकार की कोई
10:53जगय नहीं देना चाहती है, और ये उनका मनुवाद का नया आधुनिक अफ़तार है, पिछलों को बराबरी नहीं देना,
11:03आपने देखा कि 30 महीने बाद अच्चानक जब चुनाव चल रही हैं और अभी भी तमिलनाडू और बंगाल के चुनाव
11:13की वोटिंग बागी ये प्रचार चरम पर हैं, तब आप स्पेशल सेशन लेकर आते हैं 16, 17 और 18 अपरेल
11:18को, क्यों ऐसी क्या जरूरत थी, ऐसा क्या स
11:23अंकट था कि आप काउंटिंग के बाद में ये विशेश सत्र क्यों नहीं ला सकते, कंसेंसे क्यों नहीं बनाया आपने,
11:31भलिका अरजुन खर्गेजी हमारे अध्यक्ष पार्टी के बार बार उन्हों ने पत्र लिखा और ये कहा कि आप और पार्टी
11:38मीटिंग बनाईए, �
11:39बुलाईए, आप एक कंसेंसिस बनाईए, सरसमती बनाईए, और कृपया, बंगाल और तमिलनाडू के चुनाव के बाद में आप ये लाईए,
11:48हम आप सब का समर्थन करेंगे और इसमें साथ हैं, लेकिन वो समवाद नहीं करना चाहते हैं, ड्रामा करना चाहते
11:55हैं, थिये�
11:59की पॉलिस्री है, ये अब नहीं चलेगी, आपने देखा कि 815 और 850 बाद में मिलाकर एक आखड़ा दिया, किस
12:09आधार पे तै किया गया ये आखड़ा, किस सिपारिश पे, किस रिपॉर्ट नहीं आखड़ा दिया, कहां से ये संख्या टप्थी,
12:17नागपूर से भेटी गई
12:19है, बिना जनगना के, बिना किसी आखड़ों के, बिना आबादी की आपके पास ये डेटा कहां से आया, आप कौन
12:30सी गणिक से या कौन से चिराग से ये आखड़ा 815 का लेकर आए, लोगतंतर की सीटे में संसद की
12:44सीटे,
12:45तै करना कोई चुनावी नारा नहीं, ये सबका असनाथ, सबका विकास, 15 लाग का जुमला के आपने मज़े आए, वैसे
12:51बोल दी और वैसे कर देंगे, ये बहुत गंभीर मुद्धा है, और देश की संसद को इस तरीके से विशेश
13:00सदन बुलाकर, जब करीबत 80 MP, चुनाव
13:14का दफ्तर नहीं, उनकी पार्टी का दफ्तर नहीं है, 18 अप्रेल को शाम को प्रधान मंत्री जी देश के नाम
13:23संदेश देने आते हैं, जब देश के प्रधान मंत्री संदेश देने आते हैं, तो बहुत गंभीर का होती है, बहुत
13:30गंभीर्य होता है, और ये सुनते हैं कि भ
13:44start prasarist ke rup me apna tandaish dde rahe thai
13:4858 bar unhoney congres ka naam liya
13:51sudden ki har ka rwai ke anndar
13:54neharu neharu ka retorik wo ratte aayin
13:56aapne dekha hai
13:56aaj ki baat nahi karenghe
13:58birodgaari ki baat nahi karenghe
13:59maharangai ki baat nahi karenghe
14:01samansa ki baat nahi karenghe
14:02LPG ke crisis ki baat nahi karenghe
14:0630 second
14:07har 30 second me
14:09bar bar congres
14:11congres unhoney apne sambodan me kiya
14:13ya staff dikhaata hai
14:14ki unki ghabrahat hai
14:16unki baukhlahat hai
14:17banggal aur tamilnadu ke chuna
14:19wun nishyit rup se hara raha
14:21eek safed jhut unhoneyunne desh ke saaf bola
14:25ka kongres ne bil gira hai
14:26kongres ne sarv samiski ke saath
14:29meh 2023 meh ye bil parit kar diya tha
14:32dealimitation bil joh leker aayin
14:35uska joh shadiyanthir tha
14:37woh sab ke saamne aya
14:38aur aise
14:40jahan harcans tha
14:43jahan har aawaz ko woh dabbana
14:44chahate ho
14:45cbi ho
14:46it ho
14:47election commission ho
14:48in sab ko joh apna
14:49cutcutri banana chahata ho
14:51uspe kaisa
14:52wishfaat kar sasthay
14:53kis prakaz ka
14:53delimitation commission
14:55woh bhahtit
14:55kisah
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