00:00असलामाबाद में अमेरिका एरान की बीच होने वाली दूसरे दौर की वारता को लेकर के सस्पेंस गहरा गया है
00:04अमेरिका से बड़ी खबर सामने आई है अमेरिकी उप राश्पती जेडी वैंस अभी तक पाकिस्तान के लिए रवाना नहीं हुए
00:10है
00:10फिलहाल वैंस अमेरिका में हैं वहीं राश्पती डोनल्ड टरम्प ने कहा था कि सीजफायर खत्म होने से पहले
00:15अमेरिका एक प्रतिनी मंडल पाकिस्तान भेज़े गा ताकि एरान के साथ बाचीत आगे बढ़ाई जा सके
00:20हालाकि एरान के तरफ से ये भी कहा गया है कि वो शांती वारता में शामिल होने पर विचार कर
00:25रहा है
00:25लेकिन अभी कोई अंतिम फैस्पा नहीं हुआ है
00:27तो मिलाकर एरान अमेरिका बाचीत के दिशा अभी तक साफ नहीं है
00:32तो जेडी वैंस के पाकिस्तान दोरे को लेकर के सस्पेंज आरी
00:38स्टो बिटकॉफ, जेड कुष्णर और जेडी वैंस का ये तीन लोगों का प्रतिनधी मंडल जिसको इसलमाबाद पहुँचना था
00:45अभी तक ये डिलिगेशन वाशिंग्टन से नहीं निकला है
00:49और उधर तहरान की ओर से भी जो रुख अपनाया गया है
00:52उसके बाद ऐसा लग रहा है कि अभी तक तहरान की ओर से भी ये इस पश्ट नहीं है
00:56कि आखिर उनका प्रतिनी मंडल इसलमाबाद आएगा की नहीं
00:59ऐसे में आज होने वाली बादचीत पर अब सस्पेंस बना हुआ है
01:02कि क्या बादचीत होगा लेकिन सस्पेंस क्यों गहराया है
01:06आखिर वैसी कौन सी शर्ते हैं क्या वज़ए है
01:09जिसके चलते सीस फायर की जब मियाद सिर्फ 24 घंटे और बची है
01:13खत्म होने वाली है ऐसे में पूरी दुनिया की नज़र है कि बादचीत होगी के नहीं
01:17आखिर स्थितिया क्यों फस्य हुए है
01:18ये वो बज़े है
01:19इसलामाबाद में डायलॉग होगा या डेडलॉग होगा
01:22डायलॉग होनी थी
01:23डेड लॉग इसलिए क्योंकि डायलॉग हो नहीं पा रही है
01:25अब अमेरिका क्या देख रहा है कि जेडी बेंस अब तक रवाना नहीं हुए
01:28कल राजपती ट्रंप ने कहा कि डेलिगेशन निकल रहा
01:31लेकि वाशिंटन मीडिया ने कहा कि नहीं अभी तक महाँ से शुरुवात नहीं
01:34उनका प्रतनी बंडल अभी अमेरिका में है
01:36इरान की और से कहा गया कि हम बादचीत पर विचार कर रहे हैं
01:40क्योंकि जो अमेरिका के और से विरोधाभासी बयान आ रहे हैं, जो शर्ते रखी जारी हो, प्रियोगात्मक नहीं है, और
01:46वो इरान की सारभोमिक्ता को चिनोती दे रहे हैं, इसलिए दोनों आगे नहीं निकले।
02:10क्या का संकट हो, लेकिन अगर आप दबाव बनाएंगे, तो हम इस दबाव के आगे नहीं जुकेंगे, ये दो टू
02:15खरी खोटी सिधे-सिधे, इरान का जो नित्रितो है, वो कह रहा है, तो आप ट्रम कह रहे हैं कि
02:19मैं डील के रिए किसी दबाव में नहीं हूँ, जब क्यो ब
02:40उसके हित में होगा, वही फैसला लिया जाएगा, चाहे वो स्टेट अफ हर्मुस पर नियंतरन हो, या नूकलियर, उसके नूकलियर
02:46डस्ट को लिकर के हो, अब अमेरिका डील होगी, लेकिन अमेरिका के शर्तों पर होगी, और यही संभवत है, डेडलॉक
02:52की एक बड़ी व�
03:07विरोध में हैं, उसके खिलाप हैं, बलकि उसकी सारभोमिक्ता को चिनोती दे रहे हैं, अमेरिका कह रहा है, डील होगी,
03:12लेकिन अमेरिका के शर्तों पर होगी, अब वो कह रहा है, अब यह आगे की तैयारी का मतलब क्या है,
03:19क्या इरान ये कह रहा है कि युद्ध विराम के
03:21स्थिती में अगर खत्म होती है और आपरेशन एपिक फिरे ट्यू शुरू होता है इरान उसके लिए तैयार है इसी
03:27के चलते एक बार फिर सवाल योट रहा है कि क्या पूरी दुनिया स्कॉयर वन पर चली गई है क्या
03:32मिडलीस की जो स्थिती थी हम वापस युद्ध के मुहान
03:46इरान का रवया कुल मिला करके जो नूरा कुछती है वो डेड लॉक वन जिसे कहते हैं रास्ता कैसे निकलेगा
03:52कहा तो दोनों को इसलामाबाद आज होना था दोनों अभी तक निकले भी नहीं है
04:16हाउस के हवाले से कि जेडी वैंस जाने वाले हैं मंडे को यहां पर वाश्टोंग दी सी में ये बताए
04:20गया कि प्रेजिडेंट ट्रम्प ने कहा कि
04:23मतलब जेडी वैंस जो है जा रहे हैं इसलामाबाद और थोड़े ही घंटों में वो लैंड करने वाले हैं पाकिस्तान
04:28उसके तीन साड़े तीन घंटे बाद ने देखा कि किस तरह जेडी वैंस खुद वाइट हाउस आ गए और तब
04:34से मीटिंग्स चल रही हैं आप अमेरिक
04:51था या है भी भी फिलाल कि अगले दिन ट्यूजडे मॉर्णिंग हमारे यहां पे यहां से एक डेलिगेशन जाएगा टॉक्स
04:57के लिए इसलामाबाद लेकिन इरानियन्स जो हैं अब वो जिस तरह की मैसेजिंग कर रहे हैं वो बार बार यह
05:02कह रहे हैं कि हम इस तरह से निग
05:07अब लॉकेट के नाम पे हम रसाद निगोशियेट नहीं कर सकते तो कही न कहीं जो मैसेजिंग रही है इस
05:13पुरे पुछले तीन साड़े तीन चार दिनों में काफी कन्फीजिंग रही है और हमने यह भी तस्वीरी दिखी थी पाकिस्तान
05:19से इसलामाबाद को खाली कराया ज
05:23लेकिन क्लारिटी जो है फिलाल मिल नहीं पा रही है कि यह इसलामाबाद में जो टॉक्स होने वाली है यह
05:30दरसल किस दिशा में जाएगी और अगर आप फ्रेंक्ली मुझसे पूछे तो मैं कहूँगा कि बहुत अर्टर कन्फूजिन है कि
05:36हो क्या रहा है और चल क्या रहा है
05:53जेता के तोर पर वो सामने आया है क्या वो ऐसे में इतनी आसानी से गिव अप कर सकता अमेरिका
05:57के शर्तों क्या से क्योंकि उसे तो फिर पूरी दुनिया के सामने उसका संदेश गलट जाएगा
06:03इरान का ये कहना कि उनको एक मिस्ट्रस्ट है अमेरिका के विरुदा आते हैं ये जायज बात है हमने देखा
06:10जब ये वार शुरू इसके उस वीक में ही अमेरिका निगोशेट करने वाला था इरान से और यही लोग अमेज़र
06:17विटकॉफ और जाएट कुछ नजा रहे थे �
06:19इरान के फॉरान मिस्ट्रस्ट से मिलने के लिए तो वही बात है कि एक मिस्ट्रस्ट जरूर है दोनों देशों के
06:26बीच में हाला कि प्रेजिट डरम काफी भुलिश थे एक डील को लेके और उन्हें इस तरह के बयान भी
06:31दिये इस पिछले हफते में कि इरान सब कुछ मानने
06:33को तयार हो गया है अपना युरेनियम हमें देने को तयार हो गया है तो इस तरह की हमने conversations
06:39या comments सुने हैं यहाँ पे लेकिन अब जिस तरह के हम comments सुन रहे हैं इरान से जो आ
06:44रहे हैं I think वो थोड़ा सा बताता है कि जो divide है दोनों देशों के बीच में उनकी positions
06:49को लेके वो काफी
06:50बड़ा है फिलहार और इस्लामाबाद टॉक्स 2.0 में भी सक्सेस जो है वो निर्भर करेगा कि कौन सी साइड
06:57कितना डेस्परेटली चाहती है इस युद्ध को खतम करने का प्रेसें डॉल्ट अप्टर ये भी का थे कि एक डील
07:05भी साइन हो सकते है इस्लामाबाद में लेकिन �
07:07अभी भी हमें नहीं पता कि क्या वज़ा है कि ये डिले किया गया है चीज़ों को और जिस तरह
07:12के बयान बाजी हो रही है तो I think थोड़ा सा हमें रुकना होगा हमें कल सुबह देखना होगा क्या
07:16हदात होते हैं अमेरिका में अभी तक officially तो कोई guidance नहीं आया है जेटी वैंस क
07:33जो है उसका trust gain करना ज़रूरी है अमेरिका के लिए इरान और अमेरिका चाहें ना चाहें रोहितियुद खतम हो
07:40लेकिन पूरी दुनिया ज़रूर चाहती है अब जो सबसे बड़ी शर्त है वो फंसा है मामला uranium को लेकर के
07:46उस uranium पे अमेरिका चाहता कि पूरा नहीं अंतरण हो
07:48या किसी अंतरणाश्टी संस्था के अंदर लेकिन वहाँ ज़्यादा तर अमेरिका का कबजा माना जाता है इरान के पास option
07:53क्या है uranium को देने का वो चाहेगा कोई watchdog उसको देखे क्योंकि सीधे अमेरिका को तो नई देने वाला
07:59वो
08:01इरान को परका nuclear program उसके लिए बहुत ज़्यादा important है और यह हम इसलिए नहीं कहरें क्योंकि ये negotiations
08:08में बात आ रही है इस चीज़ को लेके इरान ने हमेशा से चोरी छिपे हमेशा काम किया है उन्हें
08:15भी पता है कि अगर उनके पास ये nuclear weapons आ जाते हैं तो वो एक तरहां से एक black
08:22male game खेल सकते हैं पूरे Middle East के साथ तो again उन्हेंने हमेशाए डिले किया है जो प्रेजिडंट Obama
08:29की डील बीती 2015 की जिसका जिकर प्रेजिडंट Trump कर रहे हैं उसमें भी यही था कि आप डिले कीजिए
08:35अपना uranium enrichment तो मुझे लगता है कि इसमें कहीं न कहीं प्रेजिडंट Donald Trump को एक
08:51तरीका हो सकता है shared negotiations को में इस topic को आगे ले जाने के लिए लेकिर अगर इरान बिलकुल
08:58नहीं मानता कि वो uranium enrichment नहीं चोड़ेंगे और nuclear program नहीं give up करेंगे तो फिर मुश्किल होगी क्योंकि
09:05प्रेजिडंट Donald Trump का यह जो पूरा operation रहा है यह इसलिए रहा है पिछले साल midnight hammer से जो
09:21इरान कुछ concessions नहीं देता है तो फिर मुझे नहीं लगता कि यह TP stock से ही जा सकती है
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