00:00पश्चिम बंगाल में भारत नेपाल सीमा पर इस्थित बेंगई जोत नाम का एक छोटा सा गाउं दारजिलिंग के पास होने
00:07के बावजूद पर्याचकों के आकर्शन का केंद्र नहीं है।
00:11लेकिन ये गाउं पश्चिम बंगाल के राजनीतिक अतीत के याद दिलाता है। खास तोर पर नकसल बाड़ी आंदोलन की जो
00:18देश के दूसरे हिस्सों में भी फैल गया था।
00:41अब इस शेत्र में कोई प्रभाव नहीं है।
01:11खास तो फिलाने वाला बात था। तो वह सब हमने उतना ज्यादा तो देखे नहीं है। थोड़ा बहुत सुने हुए
01:17हैं।
01:17और प्रभाव कुछ भी देखे भी हैं ऐसे भी नहीं कि एकदम नहीं देखे हैं।
01:21तो देखे हैं लेकिन उतना नहीं है। और अभी तो फिलाल ये मान लीजिए परसंटेज के हिशाब मान लीजिए।
01:47आज भी याद करते हैं। वे कभी सांदोलन से घनिष्ट रूप से जुड़े थे।
01:51सिंघा भारतिय कम्यूनिस्ट पार्टी बांक्सवादी लेनिनवादी के सदस्य हैं जिसकी स्थापना चारू मजूमदार ने की थी।
01:58वामपन्थी विचारधारा से उनका जुड़ाव इस बात से जलगता है कि वे आज इस सांदोलन की इस्तिथी का आंकलन कैसे
02:05करते हैं।
02:28आगमी दिन में आम जंता इस रास्ता पर इलो का खिलाप में अंदोलन में उत्रे गए।
02:58अँडमी तो झाल बुवड़ा गोटा ले करेकर चलता है।
03:03हमारा था हम चोटा बच्चा पंडरो दिन हुआ था॥ा।
03:07हम भोला की हम कोई घरितों
03:09एन पंदी।ों नेत्रितों देते हैं
03:13हम कोई सा Article हम के घरमें तो यही बच्चा लेकर हम चला गिया।
03:18那个人的名字是,我们的名字是 War and Niggal Gio
03:31之后和安道lan之后,他们还没有忘记了
03:47我的顾客在股的股票需要在身上
03:48foreign
04:19foreign
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04:54।
04:56Thank you very much.
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