00:00उत्राखन में मानव वन्यजीू संगर्ष साल 2026 में एक गंभीर चुनोती के रूप में उभरता दिखाई दे रहा है
00:09पहडी राजी में जंगली जानवरों और इंसानों का आमना सामना कोई नई बात नहीं है
00:16लेकिन इस साल के शुरुवाती तीन महीनों के आंकड़े हालात की गंभीरता को साफ तोर पर बया कर रहे हैं
00:23आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्स 2026 के पहले तीन महीनों में ही वन्यजीओं के हमलों में 20 लोगों की
00:32मौत हो चुकी है जबकि 97 लोग घायल हुए है
00:35ये आंकड़े इस बात का संकेत हैं कि राज्य में मानव वन्यजीव संगर्ष लगातार बढ़ रहा है और इसे नियंत्रित
00:44करना एक बड़ी चुनोती बनता जा रहा है
00:46खास बात ये है कि इन हमलों में टाइगर्स सबसे ज़्यादा घातक साबित हो रहा है
00:54उत्रखन में मानव वन्यजीव संगर्ष के लिहाद से 2026 बेहत चिंता जनक दिखाई दे रहा है
00:59ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले तीन महीनों के दोरान ही टाइगर्स या बाकी वन्यजीवों के हमले में अब तक सौ से
01:07ज़्यादा लोग घाया लिया मारे जा चुके है
01:10ऐसे में अब ये बात सामने आ रही है कि वन्यजीवों और मानवों के बीच संगर्ष का कारण क्या वाकाई
01:17लोगों का जागर्ष ना होना है या फिर इसके पीछे कुछ और भी वज़ा है
01:22दरसल इन 20 मौतों में से आधी यानि 10 लोग की जान अकेले टाइगर के हमलों में गई है
01:29उत्राखंड के वन्मंत्री सुबोध उन्याल ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि विभाग की ओर से लगातार
01:37जागरूपता अभियान चलाए जा रहे है
01:39उन्होंने ये भी कहा कि मानव और वन्नीजियों के भी संतुलन बनाए रखने के लिए समाज के हर वर्ग को
01:47जिम्मेदारी निभानी होगी
02:12उदर प्रमुक वन संदकार जाए है तो जिनको लोगों को इस एडवाजरी को मानना भी चाहिए जिसने हमने का कि
02:21बच्चों को एसकोर्ट करते हुए इसकूल ले जाने काम तक किया गिया इसकूल की टाइमिक्स बदलने का काम किया गिया
02:29तो सरकार यता संभाओ जो भी होते
02:33कि अधर प्रमुक वन संरक्षक हॉफ रंजन कुमार मिस्रा का कहना है कि बदलते समय के साथ वन्यजियों के ब्यवहार
02:46और मुवमेंट पैटर्न में भी बदला वा रहा है लोगों को बार-बार जागरूब करना होगा और उन्हें यह समझाना
02:53होगा कि किन परिस्तितियों मे
02:55खत्रा बढ़ सकता है और उससे कैसे बचा जा सकता है
03:26अपने आपको कैसे बचाना है इस प्रकार से आपने दिन चरिया को आडजस्टमेंट करना पड़ेगा प्रटिकुलरली विडर में बारिस में
03:34या समर में कि आजकर बहुत जल्दी अन्हेरा हो जाता है
03:38गर के आसपास प्रकास होना चाहिए घर के आसपास भी ज़ाड़ी कम होना चाहिए इसके लिए अगर बनव्याद को आपको
03:46कोई मदद करना जोरूरत है आप लीज बताइएगा
03:48क्योंगा आमने कहा है कि सोलार लाइट का वेवस्ता भी किया जा सकता है
03:52We are talking about the other line department, so that we are talking about this as well, so that it
03:59will be a solution for people's minds.
04:01So awareness is most important. Number two is equipment.
04:04We have the equipment that will be used more and more so that we can get out of the jungle
04:09from the mountains.
04:11We can get out of the jungle from the mountains.
04:14We have constant contact with the mountains.
04:20If there is any feedback, we will be able to get out of this.
04:28If we have the last year or in the last year, it will be more and more than the last
04:39year.
04:39The people living in the mountains were in the mountains.
04:42The early years of the midterm, the people living in the mountains were in the mountains.
04:49This is clear that this year, the struggle is very much faster than the people living in the mountains.
05:00We are trying to get out of time.
05:09and they are still doing this.
05:11They are also doing this.
05:13But this time, the last three months of the time,
05:17the tigers started to attack the people with the most of the time.
05:22And the deaths of the tigers are also 50% of the time,
05:26which are related to tigers.
05:28This is the camera person, Praveen Sohankar,
05:31Naveen Uniyal, ETV Bharat.
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