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  • 7 weeks ago
धर्म नगरी उज्जैन में अक्षय तृतीया पर एक विशेष आध्यात्मिक आयोजन के दौरान हर्षा रिछारिया ने सांसारिक जीवन त्यागकर संन्यास धारण कर लिया. दीक्षा के बाद उनका नया नाम हर्षानंद गिरी रखा गया. उन्होंने सुमिनानंद महाराज से विधिवत संन्यास दीक्षा लेकर आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत की. मोनी तीर्थ आश्रम में रविवार को आयोजित इस दीक्षा समारोह में हर्षा रिछारिया ने सुमिनानंद महाराज से संन्यास दीक्षा ली. हर्षा रिछारिया ने संन्यास परंपरा के सभी धार्मिक अनुष्ठान पूरे किए गए. परंपरा के अनुसार हर्षा रिछारिया ने शिखा त्याग, दंड त्याग, तर्पण और स्वयं का पिंडदान जैसे कठिन संस्कार संपन्न किए. संन्यास ग्रहण करने के साथ ही उन्होंने अपने पुराने जीवन का त्याग कर पूर्ण रूप से आध्यात्मिक मार्ग अपनाने का संकल्प लिया.

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00:07ुश्याइन के मौनितीर थार्षम की हैं, जहर अविवार को सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर, कंटेंट क्रियेटर और मौडल हरशा रिछारिया ने सन्यास
00:15ग्रहन किया।
00:17उनको निरंजनी अखाडा के पीठा दिश्वर, महामंडलेश्वर, स्वामी सुमना नंदगीरी महराज ने सन्यास की दिख्षा दी।
00:47पूरे रिती रिवाजों से संस्कारों से, इसके साथ ही उनके आशेवाज से, उनके मागडशन से आगे बढ़ेंगे।
00:55हर्षनी सन्यास परंपरा की तहट, शिखा त्याग, दंड त्याग, तरपन और स्वयम का पिंडदान जैसे संसकार किये, जो सांसारिक जीवन
01:04में त्याग का प्रतीख हैं।
01:05मैं तो एकी बात कहता हूँ, मौनतिर्थ में जो भी दिक्षार थी दिक्षा लेते हैं उन्हें, कि सन्यास को किसी
01:16भी तरह कलंकित मत होने लेगा। यदि हम सन्यास में आये हैं, तो सन्यास कलंकित नहीं होना चीए।
01:24दिक्षा के साथ ही हर्शारिचारिया का नया नाम स्वामी हर्शानन्द गिरी हो गया है, उन्होंने भजन, साधना और इश्वर प्राप्ती
01:31के मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हुए, अपनी आध्यात्मिक यात्रा का आरम कर दिया है।
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