00:00एक तरफ भीशन युद चल रहा है और दूसरी तरफ दुनिया का सबसे ताकतवर शक्स
00:05अमेरिकी राष्टपती डॉनल्ड श्रॉम्प एक जटके में अपने सबसे करीबी दोस्त को रेड सिगनल दिखा देते हैं
00:11वो भी बिना किसी फोन कॉल ये सीक्रेट मीटिंग के सीधे पबलिक के बीच
00:16जी हां ट्रॉम्प ने साफ कह दिया है कि इसराइल अब और नहीं
00:21लेबनौन पर बंबारी रोकने के लिए ट्रॉम्प का ये फर्मान किसी सरकारी चुठी में नहीं बलकि सोशल मीडिया पर गरच्टा
00:27हुआ आया
00:28ट्रॉम्प ने दो टूक शब्दों में घोशना कर दी है कि इसराइल को लेबनौन पर हमले करने से प्रतिबंधित किया
00:34जाता है
00:34संदेश सीधा और सक्त था इनफ इस इनफ यानि यह बहुत हो चुका
00:40लेकिन कहानी में स्लिटुस्ट यहां है
00:42रुपोट्स कहती है कि जब यह खबर आई तो प्रधान मंतरी बेंजमन नेतन याहु स्तब्ध और चिंतित रह गए
00:48सोचिए इसराइली हुकूमत को अपने सबसे बड़े सहियोगी केस फैसले का पता तब चला जब उन्होंने टीवी पर न्यूज देखी
00:56इसे कहते है कूटनीती का नया चहरा ना कोई आधिकारिक जानकारी ना कोई गुप्त बैठक सिफिक पोस्ट और हड़कम
01:03टरंप चाते है कि इसराइल इमारतों को तबाह करना बंद करे वो इसे एरान के साथ एक बड़े ग्रान डील
01:08से जोड़ रहे हैं
01:09लेकिन क्या ये इतना आसान है एजराइल का तर्क हिजबुल्ला अभी भी हमारी सीमाव पर खड़ा है हम पीछे कैसे
01:16हटे वहीं टरंप का स्टैंड है कि शान्ती चाहिए और वो भी अभी के अभी
01:21ये सिर्फ एक युद्विराम नहीं है एक संदेश है कि अब अमेरिका की कूटनीती बंद कमरों में नहीं बगी पब्लिक
01:27प्लाटफॉर्म पर तैह होगी
01:28कि नेतन याहू इस डिजिटल दबाव कुछ हील पाएंगे देखी इस रिपोर्ट में
01:51हमले करने से प्रतिबंधित किया जाता है एक ऐसा बयान जिसने इसराइली नेत्रित्व को जगजोर कर रख दिया
01:56रिपोर्ट्स के अनुसार प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन याहू इस कदम से स्तब्ध और चिंतित रह गए
02:03सबसे अहम बात यह रही कि इसराइली अधिकारियों को इस फैसले की जानकारी अधिकारिक चैनलों से नहीं
02:09बलकि मीडिया रिपोर्ट्स के जरिये मिली यही तर्थ्य सहयोगी देशों के बीच समनवय पर गंभीर सवाल खड़े करता है
02:15और यह दिखाता है कि इस बार समवाद की पारमपरिक प्रक्रिया को दरकिनार कर दिया गया
02:20ट्रम्प का संदेश बेहत सबस्ट और सक्त था
02:22इसराइल अब लेबनान पर बंबारी नहीं करेगा और अब बहुत हो चुका
02:25उन्होंने यह भी कहा कि इमारतों को तबाह करना तुरंट बंद किया जाना चाहिए
02:28और वह इसे जारी रहने नहीं देंगे
02:30यह बयान उस घोशना के ठीक एक दिन बाद आया
02:32जब ट्रम्प ने इसराइल और लेबनान के बीच
02:34दस दिन के युद्ध विराम का एलान किया था
02:36एक ऐसा नाजुक समझोता
02:38जो पहले से ही भारी तबाही जेल चुके संघर्ष को
02:40थामने की कोशिश कर रहा है
02:42हालांकि इसराइल के भीतर इस मुद्दे पर
02:45मतभेद साफ दिखाई दे रहे हैं
02:46कुछ अधिकारी सैन निकारवाई जारी रखने के पक्ष में है
02:49सिर्फ लेबनान में ही नहीं
02:51बलकि इरान से जुड़े व्यापक संघर्ष में भी
02:53उनके लिए इस समय रुकना
02:54रणनीतिक बड़त खोने जैसा हो सकता है
02:56वहीं ट्रम्प का फोकस तनाव कम करने पर है
02:59और वह इसे इरान के साथ
03:01संभावित बड़े समझोते से जोड़ कर देख रहे हैं
03:03उनका मानना है कि लंबे समय में
03:06कुटनीतिक समाधान इसराईल के लिए अधिक फायदे मंद होगा
03:09लेकिन यह द्रिष्टिकोन सर्व सम्मति से स्वीकार नहीं है
03:12क्योंकि इसराईल के नजरिये से सुरक्षा खत्रे अभी भी कायम है
03:15उसकी सीमाओं के पास हिजबुल्लाह की मौजूदगी
03:18एक बड़ा और लगातार बना हुआ खत्रा है
03:20ऐसे में ट्रंप का यह सार्वजनिक निर्देश एक नए तरह का तनाव पैदा करता है
03:25रणनीती और संप्रभुता के बीच, गठबंधन और स्वायत्तिता के बीच
03:29इतिहास में शायद ही कभी ऐसा हुआ हो
03:31कि कोई अमेरिकी राष्ट्रपती इस तरह खुलेाम इसराइल की सैन्ने कारवाई पर रोक लगाए
03:36और वह भी बिना पूर्व समन वेके इसका नतीजा है बढ़ती अनिश्चित्ता
03:41क्या इसराइल इस निर्देश का पालन करेगा?
03:43क्या सैन्ने ओपरेशन जारी रहेंगे? या यह युद्ध विराम टेक पाएगा?
03:47आज की स्थिती में जंग सिर्फ लेबनान की जमीन पर नहीं लड़ी जा रही?
03:50बलकि कूटनीती के स्तर पर भी जारी है?
03:52यह दो अहम सहयोगियों के रिष्टों की परीक्षा भी बन चुकी है
03:55क्योंकि जब ऐसे संदेश सार्वजनिक रूप से दिये जाते हैं
03:58तो वे सिर्फ रणनीती को ही नहीं
03:59बलकि गटबंधनों की दिशा को भी बदल देते हैं
Comments