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  • 2 months ago
मेरठ के 95 वर्षीय पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह ईमानदारी की मिसाल हैं. 5 बार विधायक रहने के बावजूद उन्होंने कभी गाड़ी नहीं खरीदी.

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00:00आपने तमाम ऐसे लोग देखे होंगे, जो अपने मन, कर्म और विचारों से ना सिर्फ और लोगों को प्रेड़ना देते
00:08हैं, बल्कि कुछ लोग उनके बताए रास्तों पर भी चलने की कोशिश करते हैं.
00:13इस वक्त हमारे साथ में पिच्चानवे वर्सी है, चौधरी नरेंद्र सिंग्जी है, पांच बार विधायक रहे हैं और मेरट के
00:23आदर्स नगर में रहते हैं और जिस मकान में रहते हैं ये इनके पिताजी ने बनवा के कभी इने दिया
00:29था, आज तक कभी भी ऐसा नहीं हुआ
00:31कि इनके घर के बार कभी भी विधायक की पट्टी का लगाई गई हैं और अब पूर विधायक है, पांच
00:38बार विधायक रहे हैं, गांधिवादी तरीके से अपना जीवन आयापन कर रहे हैं, इनकी सालीन ताका हर कोई कायल है,
00:45तो एच्छा से छटवी बार चुनाव भी न
01:02राजनीती की और देखने जो घर है, उसमें पड़ियां है उपर जो आज से साट सतर साल पहले जिस तरह
01:08के घर होते थे, ऐसा कहीं हमन मिलता नहीं है, हम देखते हैं कि कोई एक विलॉक्तर मुग भी बन
01:12जाए तो उसकी तस्वीर और तक्दीर बन जाए तो यह तो बना बना
01:17खरीद लिया था, मैं एक आपको एक बात सुनाना चाहता हूं, आपको सुनके अच्छा लगे रहा है, जब मैं पहली
01:26बार सत्रततर में चुनाव से पहले तो मैं चौरज साब से मिलने भी नहीं गया, जब चुनाव में भी टिकेट
01:33मिल गया, उसके कुछ महीन उबाद में ए
01:41रेश कूस पांच और साथ थी, पांच में चौरी चौरण सिंगी रहते थे और साथ में अजबादी नेता राज मराण
01:49जी तो खेर उन से मिलने गया, तो उनके जो आपको जानते हैं, उनके शैडो जो थे, करतार सिंग, वो
01:59बहुत इंपोर्टेंट आद में बहुत अच्छ
02:11पूच के आते तो फ़र टाई मिल जाता है, तो थोड़े देर में भी पार्लेमेंट जाने वाले है, उसका आए,
02:17रोख कलने के बहुत ठीके भेज़ दो, तो तीन चार बाते मुझे बताई, आपको बताना चाहता हूँ, उससे आप अंकरन
02:25कर सकते हैं, कि कैसे विदायक मु�
02:40पूले आजकल के विदायक जो है, उनको प्रोटोकोल का ही पता नहीं कि तुमारा किसी का स्टेटस है, उनको चीफ
02:47सग्रेट्री का प्रोटोकोल तुमसे नीचे है, मुख्यमंती ऐसा ही है कि वो तुम में से बड़ा चुला गया तो इसलिए
02:54बड़ा मानते हो, अधर्वाइ
03:33अधर्वार के लिए, अपने परिवार के लिए, अपने दोस्तों के लिए,
03:39अपनी पार्टी के लिए अगर तुम खर्च करते हो, तो यह सरा सरा डिस्मोलस्टी है, बईबानी है, अब बताए जिस
03:46आदमी ने ऐसी लकीर खीच दियो, और खुद मुझे सुना करके कही हुए बात, आज के लोग हम कहां स्टेंड
03:52करते हैं, कितने स्टेंड करते हैं, आल
04:07कि कई चीजों में गिराबटा आई है, जब कभी उनके पास मिला ऐसा लगता था, उससे बात करके जब बहार
04:16निगलता था, कि मिला कुछ कद बढ़े गया, और कहा था है जिए छपरोली के जब धायक होते थे, वो
04:22तो किसी भी मंत्री से बने होते हैं, यह था लिहाज था, �
04:25अब वो तो में बन्त्रियों के घर कहा गया अपर, पर तो किसी मंत्री घर भी गया, एक बार मुलायम
04:33से यहां गया था, जब बहुत जाया, पुटी पुटी ने मुलायम से मेरी बितरता भी है, उनकी में इज़त भी
04:37बहुत करता हूँ, मुचारी मिलन सार बहुत थी, अपक
04:54पर चपराली का विदायक था, ता पार्टी की सरकार में तो मेरे 99 का पूरे होते थे, 99, बिल्कुल, आज
05:02देखते हैं कि विदायक जो है, कहां से तो सोच समझ कर ले जाऊ था, ऐसा थूरा ही के, कई
05:06ऐसा का, उट्टा सीधा काम ले, ऐसा नही था, लेकिन वो बात फिर दीर
05:22होते थे, बहुत कंबरांत लोग, बहुत पालदार बड़े लोग, बड़े लोग, कोई करीब आद में, गाओं का आद में, कच्छी,
05:31कुर्मी, मल्ला, मच्वारा, कोई अंसारी, कहां भी लेगा आपको, चपर साब की विलिश्टी उटा कर देखो, रहसे थे, दोत्ती पां
05:52हमारे दोस्त, बनारस के, एजुकेशन मिनिस्टर, छोटा बड़ डिपार्टमेंट, आप तो तेन-तीन मिनिस्टर है, हार का अलग है, मादनविक
05:59का अलग है, लोगर का अलग है, और ऐसे, अभी बले, बैरी परशाद बर्मा, पुरमी थे, वो कहां का बना
06:07दिया, लेकिन य
06:23यहां नहीं आता, दॉक्तर के कमाई में आपके अमंदरी कितनी है, इस पे पूछा अपना, उस वक्त यह था, स्वास्त
06:39मंत्री, कल्यान सिंग, मुक्य मंत्री रहे दो थे, उससे पूछा, बच्छा प्रॉली का थाला, वहां यह नहीं था, कुछ में
06:47तप गया गी, मिनिस्�
06:50कभी, चौरी साप के पास बैठ के यह कभी आया ही थे, प्रती थी, तो अब वो उसको चुछ सुन
06:57लिया, उसमें वहां सहुष मो बोले, कैसे थी है, यह बता दो, हिस्सा कितना आपका, कर इस हाउस कटम हुआ,
07:02उस सुस्पेंड कर दिया, तुम सही करें, सब सही शिकायते है
07:07तो, अब यह सब कुछ चीजें, चौरी साप से चौंपें सिख्षी हैं, सिख्षी हैं का खुदी, इंबाइब हो जाती हैं,
07:13तो, संपर्क में रहने के, तो वो ऐसे मापुरुष थे, के, वो तो खार के भी कभी, उनका रुतबा कभी
07:22कभी कभी हुआ, जब आप पहली बार �
07:24लड़े, या कहें कि राजनीती माए, जब आपके पास क्या प्रपर्टी थी, और उसके बाद क्या प्रपर्टी रही हैं, प्रपर्टी
07:31तियाई रही हैं, मेरे पास जमीन की 80 विगे हैं, अकिला लटकाउं था आपके बाप, और अब चालिस ने 49
07:41विगे हैं, जैक्टी, 3.11
07:45है, लगा लो आप रिजाल में, कितने भी हैं, जैक्टी हैं, वो वेरी अपनी कुछ दरूरतों की वरे से अपनी
07:52घर की चुनाव से कोई संबन देचा, ना आपको शुगर है, ना आपको कोई वैसी निसरे से लिगे हैं, कुछ
07:57नहीं कोई सुगर है, क्या है राज, जात मेरा
08:14से मुश्किल काम है, बहुत आसान काम नहीं है, और आदमी को, इमानदारी के बात जो है, अगर चुए वे
08:23प्रिक्सिय निदिक हो, चाहे वो मेंबर पार्लेमेंट हो, या विदायक हो, या तो कह रहा हूं, गाउं का परदान दी
08:27हो, जब तक उसे, ये लोगों ने उसको भे
08:44कभी रही नहीं, कभी दिखा रही है, बढ़ाओ से टेक्सी लेता है, लेकिन ऐसा नहीं कि टेक्सी के बिन हमें
08:49कहीं गया नहीं किछी ज़रुवत पड़ी काम को गटना होगी कहीं, बहुत होगी, जबरदस्त होगी, तो जाता तफुर्ण, आप जो
08:55देखते हो, प्या संभा
09:04आउना के बारे में तो में एक शबनें होगा, कि वो मेरा अधिकार की चेता नहीं, और मैं ये भी
09:09नहीं कहता कि अब योग नेता नहीं, लेकिन इस देश का जो इस्वक्त होता है, सोचते हुए रोजालां की चोट
09:15-चोटी गटनाओं को देखते हैं, और आजगल तो रोज �
09:18रोजियो भरे पड़े हैं उनके बारे में जक्तिकर्च चरित्र के बारे में रहे जरा सा एक्षिगेंट लो गया था रेलवे
09:24का कहीं, लाल बादुर शाहत्यों बहुत नजबिक से देखा, लोगों नजबिक से देखा है, स्टीफा दे दिया लोगों ने कहाँ
09:33क्या क्यों,
09:34foreign
09:43foreign
09:44foreign
09:45Thank you very much.
10:15Thank you very much.
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