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  • 1 hour ago
यूपी के बाहुबली अभय सिंह हुए बरी, एक ‘H’ नहीं लिखने से केस हुआ कमजोर

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Transcript
00:00आपने कई बार सुना होगा कि किसी मर्डर में एक बाल फिंगर प्रिंट ने मर्डर को जेल की हवा खिलाई
00:05लेकिन जब आपको ये पता चले कि एक एच ने किसी को जेल जाने से बचा लिया है
00:09तो यकीनन आप जानना चाहेंगे कि पूरा मामला क्या है
00:11कैसे एक एच न लिखने से मामला संदिक्ध हो गया
00:14और आरोपी केस साबित नहीं कर पाया
00:1524 साल पुरानी बाहुबलियों का शूट आउट क्यों रोचक है
00:18मैं आपको आगे बताऊंगी लेकिन पहले आपको बता दूं
00:20कि यूपी के दो बाहुबली अभय सिंह और धननजय सिंह के
00:2324 साल पुराने टक साल शूट आउट केस में
00:25कैसे विधायक अभय सिंह बरी हुए
00:27वारांट सी की MPMLA कोर्ट के नियाधीश यजुवेंद्र विक्रम सिंह
00:30ने टक साल शूट आउट मामले में
00:32विधायक अभय सिंह, संदीप सिंह, उर्फ पपू
00:34और संजय रगुवन्शी को बरी कर दिया
00:36यह घटना 4 अक्टूबर 2002, शाम 6 बजे की है
00:38वारांट सी के कैंट क्षित्र में
00:40तब जॉनपूर के निर्दलिये विधायक धननजय सिंह
00:42अभय सिंह के खिलाफ अंधा धुंद फाइरिंग की
00:44F.I.R. दर्ज कराई थी
00:45इस हमले में धननजय सिंह के साथ ही संतोष
00:47सिंह बाबा की आँख निकल गई थी
00:49पुलिस ने 6 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी
00:51लेकिन 24 साल चली कानूनी लड़ाई के बाद
00:53कोट ने कई खामिया पाई
00:54लेकिन इस पूरे मामले में सबसे रोचक था
00:56गाड़ी का नंबर जिसका निकला
00:57JCB Connection
00:58इस पूरे मुकदमे में सबसे रोचक मोड तब आया
01:00जब धननजय सिंह की सफारी गाड़ी
01:02जिस पर हमला होने की बात कही गई थी
01:04धननजय सिंह ने FIR में गाड़ी का नंबर
01:07MH04B 5817 दर्ज कराया था
01:09पुलिस जांच में पता चला कि यह नंबर
01:10महाराष्टर की एक JCB के नाम पर दर्ज है
01:12बाद में कोट में यह दलील दी गई कि
01:14जल्दबाजी के कारण नंबर में H लिखना चूट गया था
01:17और सही नंबर MH04BH 5817 था
01:20यह बात अलग है कि धननजय सिंह कोट में
01:22इस गाड़ी के मालिकाना हक से जुड़े
01:24पुखता दस्तावेज पेश नहीं कर पाए थे
01:26जिसे अदालत ने वादी पक्ष की बड़ी लापरवाही माना
01:28और अभय सिंह बरी हो गए
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