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  • 5 hours ago
'महिलाएं बार-बार धोखा देने वाले पुरुषों को जल्दी पहचान लेती हैं', सरकार पर प्रियंका का तंज

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00:00साथियों को शायद ये बात पसंद नहीं आएगी लेकिन इसका इतिहासिक बैक्ग्राउंड ये है कि इसकी शुरुआत भी नहरू नाम
00:08के एक व्यक्ति नहीं किया
00:11लेकिन गबराईये नहीं ये वो नहरू नहीं है जिनसे आप इतना कत्राते हैं
00:15ये उनके पिताजी मोतिलाल नहरू जी ने एक रिपोर्ट तैयार की थी 1928 में
00:22और उस प्रतिवेदन को उन्होंने कॉंग्रेस पार्टी की कारी समीटी को दिया था
00:30वो एक समीटी के अध्यक्ष थे उसमें उन्होंने 19 मूल अधिकारों की सूची बनाई थी
00:391931 में सर्दार पटेल जी के अध्यक्षता में कॉंग्रेस अधिवेशन हुआ था कराची में
00:46उस कराची अधिवेशन में इस प्रस्ताव को पारित किया गया
00:51और वहीं से ये शुरुवात हुई कि महिलाओं का समान अधिकार हमारे देश की राजनीती में शामिल हुआ
01:08हमारी राजनीती में स्थापित हुआ आपको ताजब होगा ये जानकर कि जबकि इस सिध्धान्त की वज़े से
01:21हमारे देश में महिलाओं को वोट देने का अधिकार आजादी के पहले दिन से मिला
01:27अमेरिका जैसे देश में ये अधिकार उन्हें इस अधिकार के लिए डेर सौ साल इंतजार करना पड़ा संघर्ष करना पड़ा
01:36हमारे देश की राजनीतिक व्यवस्था में महिला अरक्षन लागू करना भी दुनिया में एक ऐसा ही अनोखा कदम था
01:44पंचायतों और नगरपाली कौम में 33 प्रतिशतार अरक्षन का प्रावधान भी भारतिक राष्ट्र कॉंग्रेस की सरकार ने स्वर्गिया राजीव गांधी
01:53जी के नेत्रित्व में सदन पंड़त पर पहली बार प्रेश किया
01:58कर अर्कर उस समय यह प्रावधान पारत नहीं हो पाया आज ओन ँरन प्रधान मंत्री महवादय जी ने भी इसका
02:06जिक्र किया लेकिन हमेशा की तरे उन्हों ने आधी बात बोल दिर
02:12उन्होंने कहा सदन को ये बताया कि विरोध करने वाले कौन थे उन्होंने ये नहीं बताया उन्होंने कहा कि इसका
02:20विरोध हुआ कौन किस ने विरोध किया और नहीं बताया विरोध तो आप ही ने किया था
02:29कुछ सालों बाद स्वर्गियाश्री पीवी नर्सिमराजी के नेत्रित्व में कॉंग्रेस सरकार ने इस कानून को सदन में पारित करके लागू
02:37किया
02:37आज अपने भाशन में प्रधान मंत्री जी ने जब पंचायत की अंदोलित महिलाओं का जिक्र किया
02:43तो ये समझ लीजिए कि इस कदम के चलते ही आज 40 लाग पंचायत प्रतिनिधियों में से 15 लाग महिलाएं
03:012010 में स्वर्गिया प्रधान मंत्री डॉक्टर मन्मोहन सिंग जी और UPA की अध्याक श्रीमती सोनिया गांदी जी ने के नेत्रित्व
03:09में
03:09कॉंग्रेस पार्टी ने लोकसभा और विधान सभा में महिलाओं को आरक्षन देने का फिर से प्रयास किया
03:15राज्य सभा में इसे पारिज भी कराया लेकिन लोकसभा में हाम सहमती नहीं बन पाई
03:21कि 2018 में आदर्निया श्री राहुल गांदी जी ने मोदी जी को एक पत्र लिखा और उस पत्र में उन्होंने
03:30कहा कि ये महिला का जो आरक्षन है ये 2019 तक लागू हो जाना चाहिए
03:36मुझे लगता है कि यहां आका प्रधानमंत्री जी राहुल जी का मजाग तो बना लेते हैं लेगिन धर जाके उनकी
03:42बातों पर गौर करते हैं कि हम आज उसी बात पर चर्चा कर रहे हैं
03:51वैसे आज प्रधानमंत्री जी की बातों से ये लगा कि भाजप्पा की महिला भाजप्पा ही महिला अरक्षन के चैंपियन, प्रस्तावक
04:01और सबसे बड़े समर्थक रहे हैं
04:04इनके पूरे भाशन में यही बात थी, जबकि ये कह रहे थे कि इन्हें इसका श्रय नहीं चाहिए
04:12कोई भी महिला आपको बता देगी कि बार-बार बहकाने वाले पुरुशों को महिलाएं जट से पहचान लेते हैं
04:29पकड़े जाएंगे
04:34आखर जब 2023 में राहूल जी के पत्र को पढ़ने के कुछ सालों बाद
04:42उसके बाद पढ़ लिया
04:49आखर जब 2023 में आदर्निय प्रधान मंत्री डरेंदर मोदी जी की सरकार ने यह अधिनियम सर्फ सहमती से पारित किया
04:58तब भारतिय राष्ट्री कॉंग्रेस ने अपनी विचार धारा के अनुकूल इसका पूरा समर्थन किया
05:05आज भी इसमें कोई शक नहीं होना चाहिए कि भारतिय राष्ट्री कॉंग्रेस महिला रक्षन के पक्ष में डट कर खड़ी
05:15है और खड़ी है
05:20लेकिन अध्यक्ष महोंजय सच्चाई यह है कि आज की चर्चा दरसल महिला रक्षन पर है ही नहीं जो विध्यक के
05:32सरकार ने पेश किया है उसका प्रारूप हमने पढ़ा उससे पूरी चर्चा ही बदल गई है
05:41उनकी सरकार के इस विध्यक का सार सुनिया सबसे पहले इसमें लिखा है कि संसद में महिला रक्षन दोहजार उनतिस
05:50तक लागू होना चाहिए
05:54पिर कहा गया है कि इसे लागू करने के लिए लोकसबा सदस्यों की संख्या 50 प्रतिशक बढ़ानी पड़ेगी
06:02मतलब कि सीटों की संख्या 543 से बढ़कर 850 तक बढ़ानी पड़ेगी और इन सीटों को बढ़ाने के लिए एक
06:13परसीमन आयोग बनाया जाएगा
06:15जो 2011 की जंगर्ना को आधार बना कर ये कार्य करेगा उपर उपर से इसमें कोई आपत्ती जनक बात नहीं
06:25लगती
06:26मगर इसे गहराई से समझा जाए तो इसका असली मकसद उभरता है
06:33वे राजनीती की बू जिसका जिकर प्रधानमंतरी महोदय ने किया वे राजनीती की बू इसमें पूरी तरें से गूली हुई
06:44है
06:45दरसल इसी सरकार ने महिला अरक्षन का जो विध्यक सर्फ सहमती से 2023 में पारिद कराया था
06:52उसमें दो चीज़ें थी जो इस विध्यक में नहीं है
06:56उसमें लिखा था कि इसे लागू करने से पहले नई जणगरना और परसीमन कराई जाएगी
07:05अब अचानक क्या हो गया?
07:07मन बदल गया?
07:08वही सरकार पुराने अक्रों के अधार पर क्यों आगे बढ़ना चाह रही है?
07:14और इतनी जल्द बाजी क्यों?
07:17अध्यक्ष महोदे, यह हमारे देश की सच्चाई है
07:20कि प्रतिनिधित्व का सवाल जन संख्या के सवाल से जड़ा हुआ है
07:24जब तक जाती है जन्गर्ना नहीं होती
07:28सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल सकता
07:31यह अन्यवारिय है
07:33यह सरकार 2011 की जन्गर्ना पर आगे बढ़ना इसलिए चाहती है
07:38क्योंकि इस जन्गर्ना में OBC वर्ग की संख्या ही नहीं है
07:48आज प्रधान मंत्री महोदे ने बड़ी हलके में बोल दिया
07:52कि इस वर्ग और उस वर्ग के बारे में हम बाद में देख लेंगे
07:56कौंसा इस वर्ग, कौंसा उस वर्ग
07:58OBC वर्ग की बात कर रहे थे
08:00कि हम बाद में ही देख लेंगे इसके बारे में
08:19इसे टेकनिकल मुद्दा बताके उन्होंने अपना पल्ला जार दिया
08:23हम इनकी मांग कर रहे हैं हम इनकी जरूरोतों को आगे कर रहे हैं
08:28हम कह रहे हैं कि इनको भी अपना हक मिलना चाहिए
08:32और प्रधान मंत्री जी ने उसको एक टेकनिकल मुद्दा बता दिया
08:38हमारे प्रधान मंत्री महोदे किस बात से घबरा रहे हैं
08:42इसी बात से न कि जब नई जंगरना होगी
08:47तो इस ओबी सी वर्ग के असली आंक्रे निकलेंगे
08:53और उसमें पता चलेगा कि ये वर्ग कितना मजबूत है कितना बड़ा है
09:00और उसके हक को कोई नकार नहीं पाएगा
09:052011 की जड़गरना को पर्सीमन का अधार बनाकर प्रधान मंत्री जी ओबी सी वर्ग की ये हक का ये हक
09:15चीनना चाहते हैं
09:17उनके साथ एक बहुत बड़ा अन्याय करने जा रहे हैं
09:21अध्यक्ष महोदे कॉंग्रेस पार्टी कभी नहीं होने देगी
09:27हमारा संविधान सब का है ये देश एक एक देश वासी का है किसी एक का हक छीन कर इसे
09:35नहीं चलाया जा सकता
09:39इस विद्हैक में सिर्फ यह भाव नहीं है एक और खतरना का भाव है
09:43संसद का पचास प्रतिशत विस्तार प्रस्तावित है लेकिन इसके लिए कोई ठोस प्रक्रिया के बारे में एक भी शब्द नहीं
09:51देख़ा है
09:52आश्चरी की बात यह है कि इतने बड़े परिवर्तन के नियम क्या होंगे कैसे किया जाएगा इसके बारे में पूरे
10:00विद्हैक में एक भी शब्द नहीं है
10:03महोदे संसद में भारत के हर प्रदेश की भागीदारी 1971 में निश्चित तोर पर तैकी गई थी और इसमें परिवर्तन
10:11लाने पर रोक लगाई गई थी
10:12लेकिन इस विद्हैक के तहट ये सब बदलने जा रहा है आदन्य प्रदान मंत्री महोदे जी और उनके अन्य मंत्रियों
10:20के खोकले आश्वासनों के बावजूद ये निश्चित है कि संसद में प्रदेशों के वजन का परिवर्तन किया जाएगा
10:27हमारे लोक तंत्र की विवस्था में इतने बड़े परिवर्तन के लिए पूरी प्रक्रिया बनी हुई है
10:34मगर इनकी योजना यही है कि प्रक्रिया को नकारा जाएगा
10:39जिस तरह असम में इन्होंने मन चाहे सीटों को काटा पीटा
10:43विपक्षी दलों के नेताओं की सीटों का विभाजन किया
10:47और अपने राजनी तिक फायदे के लिए नई सीमाएं बनाई
10:51उसी तरह हैं यह पूरे देश में चाहे
10:56इसका मतलब यह है
10:59कि परिसीमन आयोग में सरकार दौरा चुने गए
11:03तीन जने इस पूरे देश के प्रदेशों का वजूद
11:07देश के लोकतंत्र में उनकी भागीदारी और उनका महत्वत्य करेंगे
11:12लोकतंत्र को खत्म करने की शुरुआत
11:15तो इस सरकार ने चुनावायोग मियाए पालिका, मीडिया
11:19और अन्य संस्थाओं पर अपना पूरा दबाब डाल कर शुरू कर ही लिया था
11:24मगर अब लोकतंत्र पर खुलावार होने जा रहा है
11:28अगर ये विध्याक पारित होता है
11:31तो समझ लीजिए कि इस देश में लोकतंत्र खत्म होचाए
11:37अध्यक्ष महोदे मौजूदा सरकार एक पर फिर इस देश की जनता की आँखों में धूल जोकने का काम करके
11:43देश की अखंडता पर बहुत बड़ा हमला कर रही है
11:47एक तरफ महिला अरक्षन की बड़ी-बड़ी बातें
11:50तो दूसरी तरफ गुप्त रूप से
12:02और अगले चुनाओं के लिए अपनी पार्टि की मजबूती का धाचा बनाया जा रहा है
12:12अघ्यमंत्री जी हसने
12:15पूरी योजना बना रखी है
12:17तो दो जोजना बना रखी है
12:19चानक्या अज अगर जिन्दा होते
12:21तो वो में चौक जाते, आपकी राज़ीती खुटिल तारे, इन्होंने पूरी योजना बना रखी है, हस रहे हैं, सैमत है
12:36मेरी बातों से, अचानक प्रदेशों में चुनाओ के दौरान सदन की बैठक बुलाओ, कोई सर्व दली बैठक मत बुलाओ,
12:46विध्याक का प्रारूप सिर्फ एक दिन पहले सार्व जनिक कर लो, ताकि विपक्ष को कोई मौका न मिले कि इस
12:52पर चर्चा कर ठीक धंग से हो,
12:55मीडिया और पब्लिक में पहले से ही चर्चा शुरू कर लो, कि मोदी जी एक बहुत बड़ा कदम उठाने वाले
13:01हैं महिलाओं के उत्थान के लिए,
13:02ये विपक्षी दल के जो नेता हैं कुछ समझते नहीं है, राज्ट के हित में कुछ करते नहीं है, विरोध
13:10करेंगे, बिचारे मोदी जी इतना बड़ा कदम उठाने वाले हैं,
13:15सबको इनका साथ देना चाहिए, राजनीती से उपर उठकर, और ये करकर के विपक्ष को धर्म संखट में डाल दो,
13:29एक तरफ महिला अरक्षन और दूसरी तरफ आपको काट पीट करने की पूरे ढाचे को बदलने की स्वतंत्रता, और बीसी
13:40वर्ग को नकारने की स्वतंत्रता,
13:44अध्यक्ष महोदे, राजनीती में कुटिल होना अपनी जगे है, शायद हमें और थोड़ा होना भी चाहिए, इस तरफ वालों को,
13:54लेकिन सत्ता बनाये रखने की महत्व कांक्षाओं को परे करके, देश के हित के लिए सही निर्ने लेना अलग है,
14:07आज ये उमीद नहीं रख सकते, क्योंकि वह समस्याओं से घिरे हुए है, उन पर अंतर राष्ट्रे दबाव बहुत है,
14:15महिला अरक्षन जैसे एतिहासिक कदम को उन्होंने सत्ता को बनाए रखने का एक कमजूर बहाना बना दिया है,
14:21जाती जन्गर्ना को नकारते हुए एक ऐसी संसद बनाना चाहते हैं, जिसमें सिर्फ अभी व्यक्ति और चर्चा का भी अभाव
14:31नहीं होगा,
14:32बल्कि पिछडे वर्गों और प्रदेशों की समानता का भी अभाव होगा।
14:36हमारी मात्र भूमी की अखंड़ता का अधार है,
14:41वन सिटिजन, वन वोट, वन वैलियूर।
14:44अलग अलग राजयों का जर्दा अगेर किसी सम्वेधानिक प्रक्रिया के तै करना इस अखंड़ता परवार है,
14:51इससे हम कैसे सेमत हो सकते हैं।
14:54अधियाक्ष महोद है, इन ही 543 लोकसभा क्षेत्रों में से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षन क्यों नहीं दिया।
15:05अगर पद खोने का डर नहीं हैं, तो कुछ लोग अपना पद खोले।
15:14इसी में से S.C.S.T. का जो दर्जा है, S.C.S.T. में महिलाओं का आरक्षन 33
15:21प्रतिशत हो जाए, एक तिहाई आरक्षन हो जाए, O.B.C. का भी उचिता आरक्षन हो जाए।
15:26आज पारित हो सकता है, शुब काम भी हो जाएगा, बेवज़े प्रक्रियाहीन परसीमन से देश का नुकसान भी नहीं होगा,
15:37और काला टीका भी काम आ जाएगा।
15:55काम भी लोकतंत्र का गौरव में पन्नों में लिखा जाएगा। अध्याक्ष महोदे, आज मेरी बहुत सारी बहनें यहां बैठी हैं,
16:07सदन की चर्चा देख रही हैं, हम चाहे बड़े शेहरों में रहती हों, या छोटे कस्बों में, गाउं में, चाहे
16:19पड़ी लिखी हों,
16:20कभी भी सवागर की गिलेरी की चर्चा नहीं करते सदन में,
16:45मान ये सबासदों, सबा की सहमति हो, तो सबा की कारवाई आज रात को ग्यारावे तक बढ़ा दी जाए,
17:07हम चाहे बड़े शेहरों में रहती हों, या छोटे कस्बों और गाउं में, चाहे पड़ी लिखी हों, या हमने अफसरों
17:14की कमी का सामना किया हो,
17:16महिलाए ही अपने समाज का बोज, अपनी द्रिड़ता और मजबूत इच्छा शक्ती से अपने कंदों पर उठाती है,
17:24हम ही वे अथक कर्म शक्ती हैं, जो हमारे राश्च्र को आगे बढ़ाती है, दर्द और तकलीफे सहने की हमारी
17:32शम्ता असीम है,
17:33लेकिन अध्यक्ष महोदे, आज इस संसद में खड़े हुए, मैं खास तोर से, अपने पुरुष साथियों को याद दिलाना चाहती
17:43हूँ,
17:43कि इस देश की महिलाएं निडर्ता पूर्वक जीवन के कठिन से कठिन परिस्थितियों में अपने हग के लिए लड़ना भी
17:51जानती हैं, गोरत कर्सिक हरी राथ में उठकर एक नई सुबे का दावा करना जानती हैं, इस देश की महिलाएं
18:02वे जबर्दस्क सामोहिक शक्ती ह
18:05जो इस देश के भविश्य को आकार दे रही हैं, इसलिए अध्यक्ष महोदे, आपके द्वारा मैं आधर्णिय प्रधान मंत्री महोदे
18:13जी को ये कहना चाहती हूँ, कि अगर वे इस अतिहासिक कदम को इमानदारी से उठा रहे होते, तो पूरा
18:20संसद इनके साथ एक जुट
18:23होकर इसे पारित करता हैं, लेकिन देश की महिलाओं के नाम पर इस देश के बुनियादी धाचे, इसकी अखंड़ता के
18:32साथ खिलवार करने की कोशिश ने इस विध्यक का मकसद ही बदल डाला है, हमारी संसद को कमजोर करके, अपनी
18:39सत्ता को कायम रखने की एक खोकली कोशि
18:43साबित हुई है, आदर्निय प्रधान मंत्री महोदय जी, इस देश की महिलाओं का वाकिया आप सम्मान करतें, तो उनका राजनीति
18:52की इस्तमाल मत न करतें, ये आपकी हस्ती, आपके पद, उसकी गरिमा और आपके दायत्व के प्रतिकूल है, आपने ही
19:03कहा था कि भारत की हर
19:04प्रणारी का ये हक है, उसका अधिकार है, किसी की महरबानी नहीं, आज नहीं तो कल उसे ये हक मिलेगा,
19:14और इस हक को वे पूरी जिम्मेदारी से देश की अखंडता और एकता को बचाने के लिए इस्तमाल करें, हम
19:24आपके इन तीनों विधायकों का सक्त विरूद करते हैं,
19:32लेकिन अभी भी, आप एक ऐसा निर्ने ले सकते हैं, जो सरसेहमती से इस सदन में पारित हो जाएगा, और
19:39हमारे देश की हर नारी को, अपनी असली शक्ती को धारन करने का मौका मिलेगा,
19:47मैं आपके द्वारा प्रधान मंत्री जी से अपील करती हूँ, कि मन बनाएं, साज करें, सही निर्ने ले लें, हम
19:56सब उनके साथ खड़े रहेंगे, धन्यवाद, रहेंगे.
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