00:00समीर एक एहसास जो गीतों में जिंदगी के हर रंग भर देता है
00:05हिंदी सिनिमा के करिश्माई गीतकार समीर अंजां
00:09वारण असी में जनमे समीर जी ने संगीत को अपना जीवन बनाते हुए
00:12हजारों गीतों के माध्यम से हर दिल तक अपनी पहचान बनाए
00:16आशिकी, दीवाना और कुछ-कुछ होता है जैसी फिल्मों में उनके गीत आज भी दिलों में गूंचते हैं
00:23चार हजार से अधिक गीतों के साथ उन्होंने संगीत जगत में एक अदृतिय कीर दिमान स्थापिक किया
00:29उनके शब्दों ने महब्बत को आवाज दी और जज़बातों को एक नई पहचान
00:35प्रेम, जुदाई और उम्मीद के हर भाव को शब्द देने वाले समीर अंजान जी का ये सफर यूही चलता रहे
00:43उनके इस अमुल्ले योगदान को हमारा नमन
00:47समीर अंजान जी को सूर जोचना राष्ट्रिय संगीत पुरसकार प्रदान करते हुए हमें अत्यंत गर्व हो रहा है
00:58समीर अंजान जी को आप सब की तालियों के साथ मंच परामंतरत करती हूँ
01:03अपने पिता से मिली विरासत को आधर पूर्वक संभालने वाले
01:07उसमें नए आयाम जोड़कर अपनी रचनात्मक्ता से उसे समर्द करने वाले
01:12साहित्यक भाषा के साथ लोगप्रिय सामानी शब्द प्रयोगों के भी विशेशग्य
01:18और जो कहते हैं कि जहां से बंद होते हैं सारे रास्ते वहां से नया रास्ता निकलता है
01:24हम सारी उम्र जिनको समझते हैं अजनभी उन्ही से कोई वास्ता निकलता है
01:29खुबसूरत गीतों और नजमों के रचैता समीर अंजान जी को
01:34सुर जोड़कर राश्रिय संगीत को रसकार विशेश योगदान के लिए प्रदान किया जा रहा है
01:40जीवन की जोच्सना है और जोच्सना का जीवन वो पल के लीव जिन में संगीत में हो तन्मन
01:54जीवन की जोच्सना नाशनल म्यूजिक अवर्ड पावर्ड पावर्ड पावर्ड सेलो, L7 Group and Solitaire
02:01in association with SRJ Global Group
02:03Outstanding Contribution to Music, Sameer Anjanji सुप्रसिदी अवर्ड
02:14संगीत मन की भाषा
02:17बहुत सारी बढ़ाईयां आपकी सुरजनात्मक यात्रा यूँ ही आगे बढ़ती रहे
02:21और अनेक उपलब्दियां आप पाते रहें यही मंगल कामनाये हैं
02:26आप से निवेधन हैं इस अवसर पर दोशब्द वश्यक हैं
02:29थोड़ी देर बाद उनके एक छोटी सी मुलाकाद भी समंच कर होगी
02:33आही माले संगीर पसकूर ओड़ी राश्टिय समान समारो
02:52मैं उपस्तित तमाम महानुभाओं का मैं हिर्दय से आभार प्रकट करता हूँ
03:01और सभाग्री में उपस्तित मुझे चाहने वाले, मुझे सुनने वाले
03:08वो तमाम श्रोता जो यहां मौझूद हैं मैं उनका हिर्दय से आभार प्रकट करता हूँ
03:17समान तो बहुत मिलता है रहते हैं मगर कुछ ऐसा समान मिलना
03:21तो ऐसा लगता है कि पूरी दुनिया में तो मैंने जो कुछ दिया दुनिया को और जो कुछ समान पूरी
03:31दुनिया से मिला
03:32जैसा कहा गया कि गिनी दुका वर्ड रिकार्ड से लेकर बहुत सारे समान मिले
03:37मगर मेरी कर्म भूमी महाराष्ट्रा में सम्मानित होना और इन महानुभाओं की बीच सम्मानित होना
03:46अपने आप में मेरे लिए एक बहुत बड़ा सम्मान है और विजय दाड़ा जी है और उनके पूरे परिवार का
03:57मैं बहुत दिल से धन्यवाद देता हूँ
03:59आशीज जी का प्यार मेरे प्रती हमेशा रहा है जब भी मैं उनसे मिला हूँ
04:04उसी सनेह से मिले हैं और आप लोगों ने मुझे बहुत सुना है तकरिबन चार पीड़ियां अब तक हो चुकी
04:12हैं जिनके लिए मैं गीत लिखता रहा हूँ
04:14मेरे स्वरगी पिता गीतकार अंजान जिन्होंने मेरे खयाल से 90% अमिताब बच्चन के गाने उन्हों लिखे हैं और ये
04:24पहली बार इतिहास में हुआ है कि किसी मशुहूर गीतकार का सुपत्र भी कुछ थोड़ा बहुत नाम कर पाया
04:32तो उसमें आप लोगों का बहुत आसिरवाद रहा है और मैं बनारस को अपनी मातर भूमी बोलता हूँ गंगा किनारे
04:41से लेके पिता जी ने लिखा था मैं छोरा गंगा किनारे वाला अब मेरे दिल में बहुत है कि मैं
04:49समंदर के ओपर कोई एक गाना लिख दूँ ताकि एक
04:53महाराश्रा का अभार भी मैं प्रकट कर सकूं इसी बहुत सारी बातें आप से करूँगा भी थोड़ी देर में बहुत
05:01दिल है आप लोगों से बहुत कुछ कहना है मगर सबसे पहले तो फिर से एक बार आप लोगों का
05:07धन्यवाद देते हुए मैं विदा लेता हूँ धन्य�
Comments