00:00सत्रह या अठारह अप्रेल कब है वैशाक अमावस्या जाने सही तिथे
00:04वैशाक मास की अमावस्या को सनातन धर्म में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है
00:09द्रिक पंचांग के अनुसार अमावस्या तिथी सोलह अप्रेल
00:12रात 8 बज कर 11 मिनट से शुरू होकर 17 अप्रेल की शाम 5 बज कर 21 मिनट तक रहेगी
00:19उदया तिथी के आधार पर 17 अप्रेल को ही ये अमावस्या मनाई जाएगी
00:23इस दिन सनान, दान और पितरों के निमित तरपन का विशेश महत्व बताया गया है
00:28मान्यता है कि इस दिन किये गए शुभकारियों से पित्र प्रसन होते हैं
00:32और जीवन में सुख, शान्ती, सफलता और सम्रिध्ध का आशीरवाद मिलता है
00:36अमावस्या के दिन सनान और दान ब्रह्म मुहूर्त में करना बहुत ही शुभ माना जाता है
00:42इस दिन सनान दान का मुहूर्त सुभह 4 बचकर 25 मिनट से लेकर, सुभह 5 बचकर 9 मिनट तक रहेगा
00:48धार्मिक दृष्टी से ये दिन पित्रों को समर्पित होता है
00:51इस दिन पित्रों को याद कर तरपन और दान करने से उनका आशीरवाद प्रात होता है
00:56जिससे जीवन के कश्ट कम हो सकते हैं
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