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  • 12 minutes ago
Etsy Sale आने पर GSTR-1 और GSTR-3B में कौन सा Amount दिखाएं_

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00:00दोस्तों आज की स्टूडियो के अंदर मैं आपको बताऊंगा कि जब इटसी पर आपके पास कोई भी ओडर सी होता
00:05है और जब आप उसको एक्सपोर्ट कर देते हैं तो एक्सपोर्ट करने के बाद में उसमें GST के अंदर यानि
00:12की GSTR1 और GSTR3B के अंदर उसका जो एंट्री कर
00:35यहां पर मैं फाइनेंश में जाता हूं जैसे यहां पे गया मैं और पयमेंटकांटके अंदर क्या हותा है, यहां पर
00:57सब्से
00:58पहले आपकी सेल मतलब की टोटल सेल कितनी होती है तो इटसी के अंदर इंडियन रुपीज के अंदर यहाँ पर
01:04आप देखते हैं कि टोटल आपकी जो सेल होती है यह वाला अमाउंट आपको लेना होता है और यह मैं
01:10अपनी प्रिवेस वीडियो में भी आपको बता चुका हू
01:12कि टोटल सेल मतलब इसमें क्या डिडेक्शन जो होता है उसको आपको माइनस नहीं करना क्योंकि आपकी सेटलमेंट वेल्यू जो
01:18होती है यहाँ पर देखते हैं कि सेटलमेंट वेल्यू यह है और इसमें भी फिर जो पेवनियर के अंदर जाती
01:24है उसका और सेटलमेंट कम हो
01:42का जो होता है सिपिंग बिल जनरेट होगा और सिपिंग बिल के लिए ये पहले बता देता हूँ कि जब
01:47आप कोई भी गुड्स जो होता है एक्सपोर्ट करते हैं तो उसके दो तरीके होते हैं
02:00कि यहां पर जैसे कोई भी आपने गिफ्ट बेजा गिफ्ट बेजते हैं कराप को फिरी सेंपल बेजते हैं कराप सामान
02:21को
02:21रिप्लेस्मेंट के लिए बेजते हैं या बिना कोई भी बिक्री के यह वारंटी के रिप्लेस्मेंट बेजना तो यह सारे के
02:27सारे आते हैं
02:28CSB-4 के अंदर आते हैं और इसको भी मैं डिटेल के साथ प्रिवेस वीडियो में एक्स्प्लेइन कर चुका हूँ
02:33अब इसके बाद में होता CSB-5 जो होता है यह एक तरह का कॉमर्सियल पार्सल जो आपका जाता है
02:40उसके लिए यह यूज किया जाता है
02:42CSB-5 जो होता है इसमें आपको सपिंग भी प्रोवाइड करता है जिस किसी भी लोगिस्टिक पार्टन के थ्रूँ अगर
02:48आपका
02:49पैकट जो होता है उनिकी आपने जो भी सामान बैचा है उसका पेइमेंट्ट आपको रिसी हुआ है तो इस
03:13CSB4 जो होता है
03:14इसके तहट अपनी जो goods होते हैं
03:16उनको वो export करते हैं
03:18मान के चलो आपके पास
03:20इटसी से आपके पास order आता है
03:22और आप क्या करते हैं उसको gift और sample दिखा के
03:25Speedport के थूर आप export कर जाते हैं
03:28तो हाला कि क्या होता है
03:29कि जो नया seller होता है
03:31जो अभी हाले में बिल्कुल ने नया start किया होता है
03:34तो ये system जो होता है
03:36उसमें कोई issue नहीं है
03:37आप कर सकते हैं
03:38starting के अंदर आप 2, 4, 5 जो भी आपके order होते हैं
03:41वो चले जाते हैं क्योंकि volume थोड़ी सी कम होती है
03:43तो इस वज़े से कोई issue नहीं होता है
03:45लेकिन इसको routine बना लेना
03:48ये थोड़े सी अच्छी practice नहीं है
03:50इसको routine आप नहीं बना सकते हैं
03:52क्योंकि आपका starting का जो होता है
03:55उसमें कोई issue नहीं होता है
03:56क्योंकि आप gift और sample बेज भी देते हैं
03:59तो उसकी entry आपको GST portal में तो करनी ही होती है
04:02क्योंकि होता क्या है
04:04क्योंकि आपका transaction जो होता है
04:06आपका TCS भी इसमें deduct होता है
04:08TDS भी आपका उसमें deduct होता है
04:10तो इस case में अगर आप gift और sample बेज़ते हैं
04:13तो उसकी entry भी आपको GST portal के अंदर दिखानी होती है
04:16और basic इसमें आपको LUT जो होती है
04:18वो भी file करना होता है
04:20LUT होता है कि इसमें आपको जब भी कोई export करते हैं
04:23तो उसके लिए LUT must होता है
04:24बिना LUT के आपको tax pay करना होता है
04:28तो ये चीज़ें आपको ध्यान में रखनी है
04:29अगर आप CSV 4 से भी कोई भी parcel बेज़ते हैं
04:33तो उस case में भी आपको GST portal के अंदर entry आपको दिखानी होती है
04:36तो CSV 5 से तो आपको दिखानी है क्योंकि आपका commercial parcel जा रहा है
04:40तो ये तो हो गया कि आप अपनी sale जो है
04:42ये वाला amount आपको दिखाना है
04:44और इसी के अंदर आपको फिर क्या होता है
04:46इसी के base पे आपका export invoice generate होगा
04:49और उसी export invoice की जो details होती है
04:51आपको अपनी GSTR 1 के अंदर table 6A के अंदर देनी होती है
04:55तो ये तो हो गया GSTR 1 का process
04:57अब आपको GSTR जब 3B file करेंगे आप
05:01उस case में आपको जो आपके खर्चे होते है
05:04इसी जो अपनी charge लेता है
05:06उसकी entry कैसे करेंगे वो कौन सा amount आप लेंगे
05:08तो इसके लिए आपको क्या करना होता है
05:10इसी के अंदर finance के अंदर ये monthly statement होता है
05:13तो monthly statement के अंदर क्या होता है
05:16कि यहाँ पर जैसे मैं अगर बात करो
05:18April की तो जैसे मैं April यहाँ पर कर रहा हूँ
05:22तो चलने के case में यह जो statement होती है
05:24अगर मैं अपने previous month की दिखाऊं
05:27तो previous month के अंदर क्या होता है
05:28कि जैसे मेरे को जो order receive हो थे
05:30उस month के अंदर हो थे
05:31April 2025 में और October 2025
05:34अगर मैं जैसे अपनी यहाँ पर दिखाता हूँ
05:36financialer 2025 और October का मेरा आइक order था
05:39जैसे मैं दिखा देता हूँ
05:41क्योंकि जैसे October का
05:42अब यहाँ पर मेरी sale होई थी
05:44और sale होने के साथ ही
05:46अब मैं यहाँ पर क्या गाता
05:47monthly statement में आपको जाना होता है
05:48और यहाँ पर GST report होता है
05:51GST report के अंदर जैसे आप यहाँ पर
05:52download करते हैं
05:54तो इसमें क्या होता है
05:55कि आप देखते हैं
05:56जो charges होता है
05:57अभी जैसे इटसी जो charge लेता है
05:59अगर मैं आपको दिखा हूँ
06:00इसके अंदर यह एक तो marketing की
06:02जो charge होते है
06:03offsite aid का charge 2000 रुपे है
06:05और इटसी की जो fees होती है
06:071686 रुपे है
06:08तो जो invoice मैंने भी download किया है
06:242000 का offsite aid होता है
06:25यह वाला भी इसमें सामिल होता है
06:27तो यह जो invoice होता है
06:29अब यह जो proper invoice आपको यह कहता है
06:31कि total अब आपको जो इसमें
06:33RCM के तहट जो entry करनी होती है
06:35GSTR 3 भी जब आप file करते हैं
06:37तो उस case में आपको यह amount जो होता है
06:40total यहां आप नीचे देखते है
06:42तो इसका जो amount होता है
06:43इसमें Indian rupees के अंदर भी होता है
06:46और Euro में भी होता है
06:47तो यहां पर Indian rupees के अंदर जो amount आ रहा
06:50आपका यह वाला amount यह आपको लेना होता है
06:52तो यह वाला amount होता है
06:54इसके अंदर आप देखते हैं
06:55GST जो होती है इसमें add नहीं है
06:58तो यहाँ पर आपको
06:59जो भी यह सब total आ रहा है
07:01amount इसके अंदर
07:0218% यानि 18%
07:05आपको GST इसमें add करनी है
07:07और add करने के साथ ही अब जब
07:09अपनी 3B को file करेंगे
07:11तो उस case में यह वाला amount
07:13आपको इसमें add करना होगा
07:15और इस पर लगने वाला
07:17जो tax होता है
07:18tax का मतलब होता है कि इस पर 18%
07:20के साथ से जो भी tax बनता है
07:22वो आपको peak करना होगा
07:24और यह जो आपका होता है
07:26table 3.1 के अंदर जाएगा
07:28और table 4 होती है
07:30उससे आप eligible ITC
07:32जो होता है उससे इसको claim करेंगे आप
07:34अब इसमें क्या होता है कि जैसे मैं अगर इसकी बात करूँ
07:37तो 3.686 रुपे मैंने यहाँ पे
07:39total invoice का amount बन रहा है
07:413.686 का अगर 18% अगर मैं निकालूँ
07:44तो जैसे यहाँ पे
07:453.686 रुपे
07:52अब इसका अगर मैं 18%
07:53यह जैसे अगर 18% के साथ से मैं अगर
07:55बनाता हूं और मैंने जैसे इसका percentage निकाल दिया यहाँ पर
07:59जो amount होता है इसको मैंने into और इससे enter किया फिर
08:03तो यहाँ पर आप देखते है चासो 63 रुपे अरचास पेसा तो यह वाला जो amount होता है
08:08यह मुझे पेई करना होगा और यह पेई करने का जो प्रोसेस होता है दोस्तों आपका जो cash laser होता
08:14है
08:14जीस्टी पोर्टल के अंदर मैं पहले दिखा दूँ आपको कि वहाँ पर आपको जीस्टी पोर्टल के अंदर
08:19तो आपका जो cash laser होता है, case laser के अंदर ये balance होना चाहिए, अब जैसे आप देखते हैं,
08:25आपका electronic case laser, ये मेरा electronic case laser है, और इसके अंदर जो amount होता है, जैसे अभी यहाँ
08:30पे कितना है, ये IGST की मैं बात कर रहा हूँ, ये IGST amount होगा, आपका CGST और SGST में
08:36नहीं होगा, तो IGST section के अं�
08:48अगर ये मेरा अभी October 2025 का था, इसके तो मैं अपनी sale चड़ा चुका हूँ, और अगर यहाँ पर
08:56मैं इसकी 3B के अंदर, GSTR 3B जब मैं फाइल करूँगा, तो उस case में मेरे IGST के अंदर भी
09:02देखते हैं, 2872 का जो amount होता है, कि ये यहाँ पर already इसमें balance है, तो जब मैं इसको
09:093B �
09:10फाइल करूँगा, तो 3B फाइल करने पर, यहाँ पर मेरा जो amount निकल रहा है, 663 रुपे का, तो ये
09:16663 रुपे इसमें से minus हो जाएंगे, और minus होने पर, अब ये जो थोड़ा सा concept होता है, इसका
09:23ITC का, कि RCM के जो भी आपका payment होगा, वो आपके case laser, यानि इसमें से निकलेगा
09:29और निकलने के बाद में, जब आप table 3.1 जो होता है, उसमें आप entry करेंगे, और table number
09:364 होता है, उससे इसका claim जब आप ले लेते हैं, तो ये वाला आपका electronic credit laser, यानि इसके
09:43अंदर वो balance add हो जाएगा, यहाँ पर ये थोड़ा सा concept इसका आपको समझने की जरुरत है, यानि कि
09:50case laser स
09:58आपका इस amount में आ जाएगा, electronic credit laser के अंदर, यानि कि कितनी payment आएगी, जो amount आपने यहाँ
10:05पे feel करेंगे आप, जो भी आपकी value होती है, RCM की taxable value, और उसका जो 663 रुपय, अरचास
10:13पैसा, तो इसमें से तो यहाँ पे minus होगा, और electronic credit laser के अंदर आके वो 663 रुपय, अरचास
10:21
10:28आप refund अपने ले सकते हैं, bank account के अंदर direct, इसका एक अलग process होता है, वो भी मैं
10:33आपको बता चुका हूँ, लेकिन, जो electronic credit laser होता है, इसमें जो balance होता है, इस balance को आप
10:40refund नहीं ले सकते हैं, क्योंकि इसमें आपका, जो भी आप B2B invoice होते हैं, या अपनी GST returns जो
10:48फाइल करते हैं,
10:48जो tax का settlement होता है, जो amount इसमें होगा, वो इसी के अंदर आपका settlement value जो होती है,
10:55इसी के through होगी, लेकिन इस amount का refund नहीं ले सकते हैं, तो ये चीज़े आपको थोड़ी सी ध्यान
11:01रखनी होगी, कि आपका RCM के अंदर, जो GSTR 3B के अंदर, जो आप फाइल करते हैं, वो वाला amount
11:08
11:08S laser से निकलेगा, जब आप claim ले लेते हैं, तो यहाँ पर आपका electronic credit laser होता है, इसके
11:14अंदर वो amount आपका आजाता है, claim लेने पर, और अगर आप claim नहीं लेते हैं, for example, आपने क्या
11:20किया, उसका RCM का text तो आपने pay कर दिया, लेकिन उसको claim आपने नहीं किया, तो यहाँ पर आप
11:38RCM pay तो किया, लेकिन उसको मैंने claim नहीं किया, तो इस वज़े से यह वाला amount आप देखते हैं,
11:43RCM liability slash ITC statement होता है, इसके अंदर वो amount आपको देखने को मिलता है, तो दोस्तों यह था
11:50ITC का, जो sale आपको receive होती है, उसकी GSTR1 के अंदर जो entry करते हैं, उसका process मैंने बता
11:57दिया, यह
11:58कौन सा amount आपको लेना है, और 3B के अंदर जो आप फाइल करते हैं, RCM की entry, उसमें कौन
12:04सा amount आपको लेना है, तो यह complete detail मैंने यहाँ पे आपको बता दी, बाकी इसका जो practical रहेगा,
12:10जब मैं अपनी दोनों details को फाइल करूंगा, तो उस case में इसका practical demo भी मैं आप लोगों को
12:14
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