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  • 17 hours ago
एक्सपोर्ट_में_राहत (1)

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00:00भारतिय एक्स्पोर्टर्स के लिए एक बड़ी राहत की खबर है, चलिए देखते हैं सरकार ने क्या नए कदम उठाये हैं,
00:06वजह है पश्चिम एशिया में चल रहा जियो पॉलिटिकल संकट, जिससे शिपिंग रूट्स पर असर पड़ा है, अब इस संकट
00:24से शिपिंग कॉ
00:27जकर 20,000 उपे हो गया है, तो जाहिर है इस बड़ती लागत से एक्स्पोर्टर्स पर भारी फाइनाशल दबाओ पड़
00:33रहा है, तो सरकार ने क्या किया, सरकार ने तुरंद एक हाई लेवल टास्क फोर्स बनाई, जिसमें DGFT और वित
00:39मंत्राले जैसे बड़े विभाग शा
00:57अब Advanced Authorization और EPCG Holders के लिए नई डेडलाइन 31 अगस्त 2026 है, पर सबसे बड़ी राहत आई है
01:06एक नई स्कीम के जरिये, चलिए इस पर नदर डालते हैं, इस स्कीम का नाम है Relief, जिसे खास तोर
01:11पर इस बढ़ते Financial Board से निपटने के लिए ही बनाया गया है, इस Relief स्कीम को Export Credit Guarantee
01:17Corporation यानि ECGC लागू कर रहा है, स्कीम के तहट Risk Cover बढ़ाया गया है और MSME Exporters को सीधे
01:25खर्च की भरपाई की जाएगी, तो ये MSME Reimbursement काम कैसे करता है, चलिए समझते हैं, एक उधारन लेते हैं,
01:32मान लीजे आपका Extra भाड़ा लगा 1,00, और Extra Insurance 20,000 रुपे, तो एक shipment पर आपक
01:39कुल Extra खर्चा हुआ, 1,20,000 रुपे, अब Relief Scheme के तहट, एक MSME को इसका 50%, यानि 60
01:48,000 रुपे वापिस मिल सकता है, और ये Reimbursement की अधिक्तम सीमा भी काफी बड़ी है, 50,000 रुपे प्रती
01:54IEC Code, तो अब Exporters के लिए Action Plan क्या होना चाहिए, चलिए देखते हैं, सबसे पहले ECGC
02:01कवरिज चेक करें, फिर Relief Scheme के लिए Apply करें, और मदद के लिए DGFT से संपर्क करें, तो कुल
02:07मिलाकर इस Scheme का मकसद Exporters को बढ़ती लागत और Supply Chain की दिक्कतों से बचाना है, लेकिन बड़ा सवाल
02:14यही है, क्या ये कदम भारत की Export Economy को बचाने के लिए काफी होंगे?
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