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  • 1 day ago
Haliwood movie explain in Hindi.
Transcript
00:00The story of the story in Bohans,
00:01is a mysterious earthquake.
00:03Our main character,
00:05which is named Chuck,
00:06would have been able to be toilet at a time.
00:08It seems that the toilet could have had been roofless,
00:11and the car was
00:12maintained.
00:14The plane was not able to break through the strainer.
00:18The plane was leading the direction of the hurricane.
00:23The plane was driving to the好不好,
00:25and the plane was the very unlikely part.
00:28pocket watch गिर गई है पाइलट ने life jacket पहनने को कहा परवहदाई और थी
00:32pocket watch की वजह से jack ने अपनी seat belt खोल दी और लड़ खडाते हुए उसे उठाने चला गया
00:37लेकिन watch उठाते ही जैसे ही वह jacket लेने की कोशिच करने लगा तभी plane का angle बदलने के कारण
00:42वह hill भी नहीं पाया
00:43पाइलट ने देखा कि वह अपनी seat पर नहीं था इसलिए उसने अपनी safety belt खोल दी
00:48तेज जटकों से पाइलट बुरी तरह घायल हो गया
00:51पाइलट ने plane को समुद्र की सतह पर धीमी गती से टच कराया लेकिन गलत landing से पानी केविन में
00:56भर गया
00:56safety belt न बंधे होने की वजह से चक की जान बच गई
01:00तभी अचानक plane का उपरी हिस्सा फट पड़ा और समुद्र का पानी plane के अंदर भरने लगा
01:04लेकिन किस्मत से चक के हाथ में inflatable raft था पर जैसे ही उसने उसे खोला
01:08तभी अचानक raft से जुड़ा हुआ हिस्सा plane में फस गया
01:11डूबता हुआ aero plane चक को raft के साथ नीचे खीचने लगा
01:15पर चक की किस्मत अच्छी थी क्योंकि raft से जुड़ी हुई रसी अचानक तूट गई
01:19और इस तरह लाइफ raft ने उसे खीचते हुए मौत के मुंग से बाहर निकाल लिया
01:22आखिर कार चक सही सलामत समुद्र की सतह तक पहुँच गया
01:26उसने अपनी पूरी ताकत लगा कर raft पर चड़ने की कोशिश की
01:29और मरते दम तक raft के किनारे को कसकर पकड़े रहा
01:32लेकिन वह धीरे धीरे उस इंजन की और बहने लगा
01:34जो अभी भी चल रहा था
01:35पीछे खत्रा देखकर उसने तुरंत आँखे बंद कर ली
01:38तभी इंजन में आग लग गई और विसफोट की लहर ने उसे उचाल कर फिर से समुद्र में गिरा दिया
01:42पूरा प्लेन एक जोड़दार ब्लास्ट के साथ धीरे धीरे समुद्र में डूप गया
01:46लेकिन खत्रा अभी टला नहीं था
01:47चको न केवल समुद्र की तेज आंधी तूफान का सामना करना पड़ा
01:51बलकि एक के बाद एक उठती विशाल लहरों को भी जेलना पड़ा
01:54वह बस लाइफ राफ्ट की रसी को कस कर पकड़े रहा
01:57इसी तरह पता नहीं कितनी देर बीद गई
01:59और अचानक लाइफ राफ्ट की हवा निकल गई
02:00तेज चट्टानों ने उसे फाड़ दिया
02:02इसका मतलब था कि वह आखिर कार किनारे पर पहुँच गया था
02:05वह अपनी आखिरी ताकत जुटा कर
02:07लाइफ राफ्ट को घसीटते हुए किनारे तक लाया
02:09अगली सुबह जब धूप उसके चेहरे पर पड़ी
02:11तब उसे महसूस हुआ कि वह जिंदा है
02:26और आईलैंड के अंदर अपने ही जैसे लोगों की खोच शुरू कर दी
02:30लेकिन जब उसने चारों और नजर डाली
02:32तो उसका स्वागत केवल कभी खत्म ना होने वाले सननाटे ने किया
02:35इससे ये साफ था कि वह एक ऐसे आईलैंड पर फंस चुका था
02:55रहा था कि कोई गुजरती हुई ना उसे देख ले
02:58लेकिन जैसे जैसे रात होती गई उसकी उमीदें भी धीरे धीरे चारों और के सननाटे की वजह से डर में
03:03बदलती गई
03:04वह जंगल के बेहत खतरनाक जीवों की आवाज सुनकर लगा ता डर से कामता रहा
03:08अगले दिन उसने एकठा की गई चीजों से एक काम चलाओ रेस्टिंग प्लेस बनाया और प्लेन से निकले सामान की
03:14जांच शुरू कर दी
03:14अब उसके पास उसकी गर्ल्फरेंड द्वारा दी गई एक पॉकेट वाच के अलावा और कुछ भी काम का नहीं बचा
03:19था
03:19अपनी गर्ल्फरेंड के साथ बिताए पलो को सोचते हुए उसे इस प्लेन में आने का और भी ज्यादा पच्तावा हुआ
03:25दरसल केली के बिजनस ट्रिप पर जाने से पहले उसने चक को एक पॉकेट वाच दी थी ताकि क्रिसमस पर
03:30लोटते ही दोनों एक दूसरे से शादी कर लें
03:32लेकिन एक अचानक हुई विमान दुरघटना ने इस शादी को यहीं पर रोप दिया
03:35जब उसके सभी फैमली मेंबर यह मान चुके थे कि चक इस हादसे में मारा गया है तब भी वह
03:40जित के साथ जिन्दा रहा
03:41लेकिन इस सुनसान आइलेंड पर खाना पीना बहुत बड़ी मुसीबत बन गया था
03:45और चक कब तक टिक पाएगा यह भी किसी को नहीं पता था
04:05उसे कुछ खराब लकडियों का इस्तिमाल करके फिर से हल्प लिखना पड़ा
04:08धीरे धीरे चक के मन में जिन्दा रहने की चाह और भी बढ़ती जा रही थी
04:12उसे पता था कि अगर यहां से निकलना है तो हर हाल में जिन्दा रहना होगा
04:16लेकिन इस वीरान छोटे टापू पर सखत नारियल के अलावा उसे खाने लायक कुछ भी नहीं मिला
04:21और क्योंकि उसके पास नारियल खोलने का कोई औजार नहीं था
04:23इसलिए नारियल खोलना भी उसके लिए बेहत मुश्किल काम बन गया था
04:26फिर उसने एक धार-धार पत्थर से आखिरकार नारियल को फोड़ दिया
04:30और उसके पानी का स्वाद लेने लगा
04:31जो उस पल उसके लिए अमरत जैसा था
04:33लेकिन वह केवल नारियल से संतुष नहीं हुआ
04:35चक ने पेट भरने के लिए इस छोटे से टापू के अन्य हिस्सों की भी खोज करने का फैसला किया
04:40वह यहां की सबसे उंची छोटी पर चड़कर सब कुछ देखना चाहता था
04:44लेकिन नुकीले पहाड़ी पत्थरों ने उसकी राह मुश्किल कर दी
04:47इसलिए उसने पत्थर से अपनी पैंट का कपड़ा काटा
04:49उसमें पत्ते मिलाएं और एक जोड़ी जूते बना लिये
04:52लेकिन जब वह पहाड़ की छोटी पर पहुँचा
04:54तब उसे पता चला कि यह सचमुच एक सुनसान टापू ही है
04:57चारों और दूर दूर तक फैला समुद्र था
04:59लेकिन उसके अलावा कोई और इंसान नजर नहीं आ रहा था
05:02जब वह निराश होकर सोच रहा था कि आखिर वह कैसे अपनी जान बचा सकता है
05:06तब ही दूर एक अजीब सी चीज ने उसका ध्यान खीचा
05:22और उसके पास से कुछ काम की चीजें एकठा करने लगा
05:25उसने एक जोड़ी अभी भी पहनने लायक जूते एक टॉर्च जो अब भी जल सकती थी
05:29और एक बेकार हो चुका बटुआ अपने पास रख लिया
05:32इसके बाद उसने पाइलट के लिए एक कब्र खो दी और उसकी लाश को उसमें दफना दिया
05:36और उसकी मरने की तारीख एक चटान पर लिख दी
05:39शाम के समय चक समुद्र तट पर बैठा अपने जूतों को निहार रहा था
05:43उसके मन में एक अजीब सी उदासी थी
05:44उसे लगा कि शायद अगली बार जो उस कब्र में लेटा होगा वह खुद ही होगा
05:48इसे वजह से रात में चक सो नहीं सका
05:50उसे समझ आ गया था कि अगर वह ऐसे ही हाथ पर हाथ रखे बैठा रहा तो उसका मरना तय
05:55है
05:55इसलिए अगले दिन उसने जंगल में जिंदा रहने की कला सीखी
05:58उसने पेडों की पत्तियों पर जमी ओस को इकठा कर नारियल के खोल में जमा किया
06:02क्योंकि उसे पीने के लिए साफ पानी चाहिए था
06:04उसने लकडी की छड़ी को नुकीला कर मचलियों को पकड़ने का भाला बनाया
06:08भले ही यह सब बेवकूफी भरा था
06:10पर इस लगातार कोशिश ने उसे निराश नहीं होने दिया
06:13उसी राट टॉयलेट करते वक्त उसने एक रोशनी देखी
06:15वह जोर से चिलाया ताकि उस नाव का ध्यान खींच सके
06:18उसे लगा जैसे उसे अब और यहां रहना नहीं पड़ेगा
06:21उसने टॉर्च से संकेत दिया कि कोई उसे देख ले
06:24लेकिन दूरी ज्यादा होने की वज़ह से यह हलकी सी रोशनी किसी काम की नहीं थी
06:27जैसे जैसे वह रोशनी उसकी नजरों से धीरे धीरे ओजल होती गई
06:31उसका दिल गुस से और बेबसी से भर गया
06:33इसलिए अगली सुबह सूरज निकलते ही वह बेसबरी से फटी राफ्ट लेकर उस जहाज की दिशा में बढ़ चला
06:52लेकिन हर बार समुदर की लहरों ने उसे पीछे धकेल दिया
06:55लेकिन फिर भी वह हार मानने को तयार नहीं था
06:57उसने बहुत कोशिश की लेकिन आखिरकार समुदर की लहरों ने उसे अपने अंदर समा लिया
07:02PANI KEY UNDER PAHUNCHTAY HIGH ACHANAK USKI JANG EK NUKILHE SEMUDRI PATHR SE TAKRÁ GAYI
07:06OR EK TAYZ DARD NENE CHAK KIKI JANG KKO KHUNAM KHUNKAR DIA
07:09IS WAKT USMAIN ABOOR AGE BADHNE KIKI TAKT NAHIN BACCHI THI
07:12VAH BAS TOOTIE POOTIE RAFT KKO GHASIETTAY HUOE BORI HALT MEN KINARE LOđT AYA
07:16SHAM KEY SEMAYE ACHANAK AASMAN MEN TAYZ AANTHI OR MUSLADHAR BÁRIS SHURU HO GAYI
07:20جس سے پہلے سے ہی گھائل چک کی مصیبتیں اور بڑھ گئیں
07:23وہ رافٹ کی مدد سے کیول کمپنی کے سمانوں کو ہی ڈھک سکا
07:26پھر وہ بارش سے بچنے کے لیے خون سے بہتی ٹانگ کے ساتھ کوئی اور جگہ ڈھونڈنے لگا
07:30تب ہی اسے ایک چھوٹی سی گفہ مل گئی اور خود کو ہوش میں رکھنے کے لیے
07:33اس نے کچھ گھونٹ گندہ بارش کا پانی پی لیا
07:35لگ بھگ پوری طرح تھک جانے کے ساتھ اس کا گھائل شریر اب اور سہن نہیں کر سکا
07:40اور وہ زمین پر بے ہوش ہو گیا
07:41اس کے پیچھے رکھی ٹارچ کی بیٹری ختم ہوتے ہی وہ بھی اندھیرے میں ڈوب گئی
07:45اگلے دن چک پھر سے تیز درد کے ساتھ جاگا
07:47اس کی ٹانگ کے گھاؤ میں کیڑے لگنے کے لکشن دکھائی دے رہے تھے
07:50اس سنسان جگہ پر اگر اس کا علاج نہ ہوا
07:53تو اسے اور بھی بڑے خطرے کا سامنا کرنا پڑے گا
07:55زندہ رہنے کی تھوڑی سی بھی امید پانے کے لیے
07:58اسے اپنے من کی زد چھوڑنی پڑی
07:59اور اس نے ان پارسلوں کو کھولنے کا فیصلہ کیا
08:02پیکیجوں میں اسے ایک درجن ویڈیو ٹیپ
08:04ایک گفٹ کی طرح سجایا گیا والی بال
08:05ایک سندر مہلا کی لمبی ڈریس
08:07اور سب سے سٹائلش دکھنے والی ایک جوڑی سکیٹس ملے
08:10لیکن آخری پارسل کو اس نے کھولنے کا فیصلہ نہیں کیا
08:13شاید اس لیے کہ وہ نراش نہیں ہونا چاہتا تھا
08:15یا شاید اس لیے کہ وہ اپنے لیے ایک امید بچا کر رکھنا چاہتا تھا
08:19اس نے پارسل کی پیکنگ میں استعمال ہوئے فوم کو
08:21اپنے گھاو پر لگایا
08:22پھر جوتوں کے فیتے کھول کر
08:24اس نے ان سے کام چلاو پٹی باندھ لی
08:26جوتوں کے بلیڈ اس کے سب سے کام آنے والے آزار بن گئے
08:29اور لمبی ڈریس کی کالی جالی سے
08:30اس نے ایک آسان مچھلی پکڑنے کا جال بنا لیا
08:33مچھلی پکڑنے کے آزار کی مدد سے
08:35کئی دنوں بعد وہ آخر کار پہلی بار پیٹ بھر کھانا کھا سکا
08:40کچھا کھانا نگلنا مشکل نہ ہو
08:42اس کے لیے چک نے لکڑی رگڑ کر آگ جلانے کا فیصلہ کیا
08:45لیکن بھلے ہی اس نے صبح سے لے کر شام تک
08:47اور پھر شام سے لے کر اگلی صبح تک لگاتار کوشش کی
08:50پر پھر بھی اس کے من میں جو چھوٹی سی چنگاری تھی
08:53وہ اس کی امید کے مطابق آگ نہیں بن سکی
08:55جب اس کے دونوں ہاتھ رگڑتے رگڑتے چھل گئے
08:57تب ان سے تازہ خون بہنے لگا
08:59جس سے چک کا گصہ پھٹ پڑا
09:07آئیلنڈ کی مشکل زندگی اور پرانی چوٹوں نے اسے پوری طرح توڑ دیا تھا
09:11چک نے کنارے بیٹھ کر اپنے گھاووں کو پانی سے ساف کیا
09:14اور تیز درد نے اسے پریشانی کا احساس پھر سے کرا دیا
09:17اب اس کے لیے زندہ رہنا ایک ایسا سوال تھا
09:19جس سے وہ بھاگ نہیں سکتا تھا
09:20ابھی ابھی گصے میں پھینکی گئی والی بال اس کے پیروں کے پاس پڑی تھی
09:24جس پر اس کی تازہ لال ہتھیلی کی چھا بہت ہی چمکدار دکھ رہی تھی
09:28تب ہی اس کے دماغ میں ایک عجیب خیال آیا
09:30اس نے اپنی لار سے ہتھیلی کے نشان پر دو آنکھیں اور اوپر ہلکی سی مسکان بنا دی
09:34اب وہاں والی بال ایک انسان کے چہرے جیسی لگنے لگی تھی
09:37شاید بہت زیادہ اکیلے رہنے کے کارن
09:39اس نے طے کیا کہ وہ اس چہرے کو اپنا دوست بنا لے گا
09:42اس نے والی بال کا نام ویلسن رکھا اور اسے اپنے پاس رکھ لیا
09:45تاکہ وہ اس کی زندگی میں اس کا ساتھ دے سکے
09:47یہ درشے تھوڑا عجیب ضرور تھا
09:49لیکن کم سے کم اسے اکیلا ہونا محسوس نہیں ہوا
09:51ویلسن کی نگرانی میں چکو جیسے پھر سے پوری طاقت مل گئی
09:55جیسے جیسے وہ تیزی سے لکڑی کو گھستا گیا
09:57لکڑی کے ٹکڑوں کے بیچ سچمچ چنگاری نکل آئی
10:02جلتی آگ کو دیکھ کر چک بہت خوش ہو گیا
10:05جیسے اس نے کوئی بڑی جنگ جیت لی ہو
10:06یہ آگ اس کے لیے کھانا پکانے کی اچھی سکیم ہونے کے ساتھ
10:09اپنے یہاں ہونے کا سگنل بھیجنے کی بھی اچھی جگار تھی
10:12رات میں وہ کھاتے ہوئے ویلسن سے اپنی حالت پر بات کرتا ہے
10:15اس کی کیلکولیشن کے حساب سے
10:17وہ اب لگ بھگ چار ہزار میل سے بھی ادھک دور نکل آیا تھا
10:20یعنی اگر وہ چاہے کہ کوئی اسے ڈھونڈ لے
10:22تو اس کے ملنے کی سمبھاونا لگ بھگ ناممکن تھی
10:25لیکن اب چک کے پاس کوئی راستہ نہیں تھا
10:27وہ بس خود کو مضبوط کر زندہ رہنے کی کوشش کرتا رہا
10:30کچھا کھانا کھانے اور گندگی سے اس کے خراب دانت سوچ کر انفیکٹڈ ہو گئے
10:34آخر کار اسہنی درد کے کارن
10:36اس نے ٹھان لیا کہ وہ اپنے دانت کو نکال دے گا
10:38اس نے ایک ہاتھ میں سکیٹ والی چھوری دانت پر ٹکائی
10:41اور دوسرے ہاتھ میں پتھر لیا
10:42اس نے سوچا کہ لمبے درد سے بہتر ہے ایک بار کا درد
10:46پھر اس نے زور سے وار کر دیا
10:50جنگل میں زندہ رہنے میں ایکسپرٹ ہونے کے بعد بھی
10:52اس کی آنکھوں میں اب وہ چمک نہیں رہی تھی
10:54چار سالوں کے اندر چک اب ایک جنگلی آدمی بن گیا تھا
10:57حالانکہ مچھلی پکڑنے میں ماہر ہونے سے
11:06کوئی امید نہیں رکھتا تھا
11:07اور ہر دن کا زندہ رہنا
11:08بس اس کی اکیلے پن کا ایک اور دن تھا
11:10پر کچھ سمیے بعد اسے چٹان کے کنارے سے
11:13ایک ٹن کا ٹکڑا ملا
11:14اور وہ اسے سمدر تٹ پر لے آیا
11:16لیکن جیسے ہی سمدری ہوا نے
11:17اس ٹن کے ٹکڑے کو گرا دیا
11:19تب ہی اچانک اس کے دماغ ایک آئیڈیا میں آیا
11:21اگر وہ اس کا استعمال
11:22سمدر کی لہروں کو چیرنے کے لیے کر سکے
11:25تو شاید سچ میں اس کے پاس
11:36سب سے پہلے اسے ایک ناؤ بنانی تھی
11:37اس نے بہت ساری ٹہنیاں اکٹھا کی
11:39اور انہیں ایک ساتھ رکھا
11:40پھر جنگلی رسیوں کا استعمال کیا
11:42اور سب کو ایک ساتھ باند دیا
11:44یہاں تک کی بیکار ویڈیو ٹیپ کو بھی رسی بنا لیا
11:46اب چک کی منٹل سٹیٹ بگڑنے لگی تھی
11:48اسے لگنے لگا کہ Wilson اسے دیکھ رہا ہے
11:51اور اسے جانے نہیں دینا چاہتا
11:52اسی وجہ سے اس رات وہ Wilson سے جھگڑ پڑا
12:00پھر اس نے گصے میں اپنے چار سال پرانے دوست کو
12:02ایک لات مار کر دور پھینک دیا
12:04لیکن جب وہ کچھ دیر بعد شانت ہوا
12:06تو اسے اپنے دوست Wilson کے لیے گہرا پچتاوا ہوا
12:09اس لیے وہ رات کے اندھیرے میں Wilson کو ڈھونڈنے نکل پڑا
12:11اور پیار سے اس کے چہرے پر پھر سے رنگ لگا دیا
12:14ہر دن اسی طرح بیٹتا گیا
12:15اور چک کی لکڑی کی ناؤ بھی بن کر تیار ہو گئی
12:18اس نے جانے کے لیے ساری چیزیں تیار کر لی تھی
12:25اس نے اپنے یہاں پھنسے ہونے کا سائن بھی چھوڑ دیا تھا
12:27اس نے دس ہزار پانچ سو سے بھی زیادہ دنوں تک
12:29اس بے رہم ٹاپو پر پھنسے رہنے کا ورلڈ ریکارڈ بنا دیا تھا
12:32جب وہ آخری اکشر اکیر رہا تھا
12:34تب ہی اچانک ہوا اس دشاہ میں چلنے لگی جہاں چک چاہتا تھا
12:37اس نے ایکسائٹیڈ ہو کر ناؤ کو سمدر کی اور دھکیل دیا
12:40اور پھر اپنے پرانے دوست ویلسن کے ساتھ زندگی کھوجنے کی اور نکل پڑا
12:43سمدر کی لہریں اب بھی ویسی ہی تھی
12:45لیکن وہ اسے گھر لوٹنے سے روک نہیں سکیں
12:47جھیل کی لہروں کی طرح سمدر کی ہر ایک لہر
12:50لگ بھگ اسے ڈوبو ہی دیتی تھی
12:51لیکن وہ اپنی کوششوں سے لہر کو چیرتا چلا گیا
12:54ہر بار جب وہ موت کے موں سے بچ نکلتا
12:56تو اس کے بھیتر سے باہر نکلنے کی خوشی اور بھی بڑھ جاتی
12:59جب چک نے پیچھے مڑ کر اس چھوٹے سے ٹاپو کو دیکھا
13:01جس نے اسے چار سال تک قید رکھا تھا
13:04تب اس پل میں چک کے دل میں ایک عجیب سی فیلنگ تھی
13:06اگر اس نے اس کٹھنائی کا سامنا کرنے کی زدنا کی ہوتی
13:09تو شاید آج بھی وہ اکیلے پن سے بھری زندگی جی رہا ہوتا
13:12حالانکہ اس کی جنگ ابھی بس شروع ہی ہوئی تھی
13:15اسے پتہ نہیں تھا کہ آگے جو خطرے اس کا انتظار کر رہے ہیں
13:18وہ اس کے لیے سب سے گھاتک چنوٹی ثابت ہوں گے
13:20ٹھیک اسی وقت جب اسے لگا کہ وہ اسی طرح بہتے بہتے
13:23انسانوں کی بستی تک پہنچ جائے گا
13:25تب ہی ایک اور بھیشن توفان نے اسے جھگ جھوڑ دیا
13:27اس رات اس بارش میں آنکھیں کھولنا ناممکن تھا
13:30وہ ناو کو پکڑے لہروں کے بیچ لاچار پڑا رہا
13:33اور حملوں کو سہتا رہا
13:34یہ اس کے لیے سب سے کٹھن رات تھی
13:35وہ بے بس تھا اور سب کچھ بھگوان پر چھوڑ چکا تھا
13:38اچھی بات یہ رہی کہ چک قسمت والا تھا
13:40اس رات کی بھیشن آنڈھی توفان بھی
13:42اسے اپنے ساتھ نہیں لے جا سکی
13:43لیکن اس کی ناو کو بھاری نقصان پہنچا تھا
13:46اور سب سے اہم بات یہ تھی
13:47کہ اس کا پرانا دوست بھی
13:48رسی ڈیلی ہو جانے کے کارن ناو سے الگ ہو چکا تھا
13:51جب اسے اس کا احساس ہوا
13:53تب تک ویلسن سمدر کی لہروں کے ساتھ
13:55بہت دور بہ چکا تھا
13:56وہ اس کا ایک لوتا ساتھی تھا
13:57جس سے وہ دل کی باتیں کرتا تھا
13:59بھلے ہی وہ صرف ایک والی بول تھا
14:01لیکن وہی اس کا ایک ماتر سہارا تھا
14:03وہ سب کچھ بھول کر سمدر میں کود پڑا
14:05اور اسے بچانے کی کوشش کرنے لگا
14:06لیکن دوری بہت زیادہ تھی
14:08اور گہرا سمدر اسے بار بار ڈرا رہا تھا
14:10ایک طرف اس کی جان بچانے والی ناو تھی
14:12اور دوسری طرف اس کا چار سال کا سہارا
14:14ویلسن
14:15لیکن اب اس کے پاس کوئی اور چارہ نہیں تھا
14:17وہ بس اپنی آنکھوں کے سامنے
14:19اپنے پرانے دوست کو دور جاتے ہوئے دیکھتا رہا
14:22ملسن
14:24مدباپ کر دینا
14:26اس طرح اس نے اپنا ایک لوتا دوست کھو دیا
14:28اور ایک بار پھر
14:29اکیلا پن اور بیبسی نے
14:30اسے پوری طرح گھیر لیا
14:32لگ بھگ پوری طرح سے ٹوٹ چکی
14:33لکڑی کی ناو کو دیکھتے ہوئے
14:34اور چاروں اور پھیلے سمدر کو نہارتے ہوئے
14:37اس پل چک کو بہت اچھی طرح سمجھ آ گیا
14:39کہ وہ اب کبھی بھی اپنے گھر واپس نہیں جا سکے گا
14:42جس وجہ سے جو اس کے بھیتر جینے کی اچھا
14:44ابھی ابھی جگی تھی
14:45وہ پوری طرح ٹوٹ گئی
14:46آخر کار اس نے ناو کا چپو بھی پھینک دیا
14:48اور تیہ کر لیا
14:49کہ اب وہ بس چپ چاپ انتظار کرے گا
14:51کہ سمدر جلد سے جلد اسے نگل جائے
14:53ٹھیک اسی سمیں
14:54جب چک نے موت کا سامنا کرنے کے لیے خود کو تیار کیا
14:57تب ہی ایک ایسی سیٹھی کی آواز گونج اٹھی
14:59جسے اس نے صرف اپنے سپنوں میں ہی سنا تھا
15:01وہ امید کھوئے ہوئے
15:02اپنی آخری طاقت جھٹا کر مڑا
15:04اور دیکھا کہ ایک وشال مالواہق جہاز
15:06اس کے سامنے تیر رہا تھا
15:07تب ہی جہاز میں موجود سبھی لوگوں نے
15:09چکو بھی دیکھ لیا
15:10اور اس طرح کئی سالوں کی کٹھنائیوں کے بعد
15:12چک آخر کار پھر سے پلین میں بیٹھ کر
15:15اپنے گھر لوٹ آیا
15:16اس کی صحیح سلامت زندہ لوٹ آنے کی کہانی نے
15:18اسے پورے شہر میں مشہور کر دیا
15:20لیکن چک کو ان سب باتوں سے کوئی فرق نہیں پڑتا تھا
15:23وہ بس اپنی گرل فرنڈ سے ملنا چاہتا تھا
15:25جسے اس نے چار سال سے نہیں دیکھا تھا
15:26لیکن جب اس کی گرل فرنڈ کی بجائے
15:28ایک آدمی دروازہ کھول کر سامنے آیا
15:30تو وہ حیران رہ گیا
15:31اس آدمی نے چک سے کہا
15:32میں کیلی کا ہسپنڈ ہوں
15:36جیری لووٹ
15:36تب اسے پتا چلا
15:38کہ جسے وہ یاد کرتا رہا
15:39وہ اب شادی شدہ تھی
15:40اور ایک بچے کی ماں بن چکی تھی
15:42کیلی کا ہسپنڈ چک کو شاند کرتے ہوئے
15:44اپنی پتنی کا بچاو کر رہا تھا
15:46شاید تمہیں اسے تھوڑا اور وقت دے رہا چاہیے
15:48اتنا کہہ کر وہ وہاں سے چلا گیا
15:49کیلی کو روتے دیکھ
15:51چک کو اس کی حالت سمجھ آ گئی
15:52وہ سمجھ گیا
15:53اس کی کوئی گلتی نہیں تھی
15:54چک بھی شاید وہی کرتا
15:55اس رات کمپنی نے سواگت میں
15:57سمدری جانوروں کی دعوت دی
15:59میز پر رکھی سوادشت مچھلیاں
16:00اور بڑے کیکڑے دیکھ کر
16:02اس پل چک نے کچھ عجیب محسوس کیا
16:04اس کے من میں اس آئیلنڈ کی یادیں تھی
16:06کیونکہ ٹاپو پر اُباؤ لگنے والے کیکڑے
16:08اور مچھلیاں
16:09یہاں لزیز کھانا بن گئی تھی
16:10اگلے دن چک نے اس پارسل کو منزل تک پہنچایا
16:13جسے اس نے ٹاپو پر کھولا نہیں تھا
16:15اور ایک تھانکس لیٹر بھی دیا
16:16اس نے آبھار جتایا
16:17کہ اسی پیکج نے اس کی جان بچائی ہے
16:19اس عجیب سے پارسل میں کیا تھا
16:20جو اتنے لمبے سمیت تک اس کا ساتھی رہا
16:22یہ جاننے کے لیے اس نے اسے کبھی نہیں کھولا
16:24اور اس طرح اس شاندار کہانی کا انت ہو گیا
16:26تو اب تم بتاؤ
16:27کہ تمہیں یہ ویڈیو کیسی لگی
16:29اگر ویڈیو پسند آئی ہو
16:30تو میرے چینل پر جا کر
16:31اور ویڈیوز کو بھی ضرور چیک کرو
16:33اور کمنٹ میں بتاؤ
16:34کہ اگلی کس مووی کا ایکسپلینیشن دیکھنا چاہتے ہو

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