00:00The IRGC Navy grew suspicious of the two destroyers moving under a force flag.
00:0711 April 2026, वो तारीख जब एरान के मुताबिक ओमान की खाडी में, अमेरिका के दो युद्धपोत, हर्मूस की तरफ
00:14बढ़ रहे थे.
00:16इरान का दावा है, और मूस पार करने के लिए इनो ने अपनी पहचान तक छेपा लेकिन एरान को पता
00:22चल गया, और IRGC की बोट अमेर्की युदपोत की तरफ बढ़ने लगी.
00:26IRGC fast attack boats move in to intercept the two U.S. destroyers.
00:31Pinchridge speed.
00:34इरान में अमेरिकी से ने जहाज को तुरंट पीछे लौटने की धंकी दी.
00:44और आखिर में अमेरिकी जहाजों को लौटना पड़ा.
00:55अब जब इरान के जवाब में अमेरिका ने हॉर्मूज की नाकाबंदी कर दी है, तब क्या ये अमेरिका और चीन
01:01के बीच टकराओ का दरवाजा खोल सकता है?
01:05चीन का शिप एनरजी या फ्यूल या ग्यास लेकर वहाँ से बाहर आ रहा है और इसको अमेरिकान शिप्स रोके
01:12चैलेंज करें, इंट्रिक्शन करें, तो सिचुवेशन तो खराब हो सकती है, इसमें कोई शक नहीं है.
01:19क्योंकि ट्रम्प कह चुके हैं कि वो इरान से आने वाले जहाज को आगे नहीं जाने देंगे, चाहे वो किसी
01:23का भी हो.
01:43यह खत्रा अमेर की युद्पोत, USS Lincoln के इरान की सीमा के नजदीक पहुचने से और बढ़ गया, जिनके निशाने
01:50पर इरान की 11 बंदरगाह होंगे, जहां से सबसे ज्यादा जहाज़ाज जहाज़ाज की जहाज़ाज़ाएं, जहां से सबसे ज्यादा जहाज़ाज़ाज़ा
01:54चीन जाते हैं, सवाल है कि हॉर्मूज की चिंगारी समंदर में दुनिया की दो सबसे बड़ी नौसेना को जंग में
02:01उल्जा सकती हैं, क्योंकि अमेरिका सुनने को तयार नहीं, क्रम्प कह चुके हैं कि जहाज हमारे नाके के पास आया,
02:09तो उसे तुरंद हत्म कर दिया जा�
02:22लेकिन अमेरिका को मानोफ फर्क ही नहीं पड़ रहा, क्योंकि उसने हॉर्मूज से आगे की तयारी शुरू कर दी है
02:53अब यह देखना है, क्योंकि चाइना ने भी अपनी इंटेंशन क्लियर कर दी है, कि वो वहाँ से फ्यूल ले
02:59रहे हैं और लेते रहेंगे
03:09इरान यिद्दु को कई जानकार ट्रम्प की तरफ से चीन की घेराबंदी के तौर पर देखते हैं, जिसमें वो एक
03:14बहुत बड़ा कदम उठा चुके हैं
03:17जिसका नाम है मलक्का स्ट्रे जो हर्मूस की तरह ही सबसे एहम समुद्री रास्ता है, मलेशिया और इंडोनेशियाई द्वीफ सुमात्रा
03:24के लीच है, जो हिंद महासागर को प्रशान्त महासागर से जोडता है
03:27इस रास्ते से चीन तेल का ज्यादतर हिस्सा और गैस बंगाता है, इसी लिए चीन के पूरूर राष्ट्रपती हूजिनताओं ने
03:3420 साल पहले चीन को इसके बारे में चिताओनी दी थी, इसे चीन की मलक्का दुईधा नाम दिया था, आशंका
03:40जताई थी कि अगर दुश्मन
03:41ने मलक्का को ब्लॉक कर दिया तो चीन की कौनमी ठप कर सकते, सवाल है कि क्या चीन का ये
03:46डरब सच बनने जा रहा है, इस सवाल की वज़ा अमेरिका और इंडोनेशिया के बीच हुआ, ताजा समझ होता है,
03:53जिसे लिए करदावा है कि इंडोनेशिया और अमेरिका को अपने
03:56एर स्पेस इस्तेमाल करने की जाज़त दे सकता है, अगर ऐसा होता है, तो फिर मलक्का स्ट्रेट के जरिया अमेरिका
04:01चीन को सीधे गर्दन से पकड़ सकेगा, अगर चाइना यहां बात नहीं मानता, तो चाइना को यह मलक्का स्ट्रेट में
04:11भी तंग कर सकते हैं, और मेभी
04:15तो वहां का ब्लॉकेट इतना इंपोर्टेंट इतना एफेक्टिव नहीं होगा, क्योंकि वहां पर और चार रस्ते हैं, वहां पर सुन्दा
04:22स्ट्रेट, अमभाई वतार, लंबॉक स्ट्रेट और मलाका स्ट्रेट में अगर कुछ इश्यू है, तो पेले नेवी कैन अल्वे
04:42स्ट्रेट के इश्यू गल्फ बहां पर कोई इलाज नहीं है, तो संकट की समय अमेरिका मलक्ता को पूरी तरह से
04:47ब्लॉक कर चीन को गुटने पर ला सकता है, बिल्कुल वैसे ही जैसा इरान नी किया और अगर इान कर
04:52सकता है, तो फिर अमेरिका क्यूं कर रहा है, क्या उसे �
04:58पता कस से चीन के साथ उसका टक्राव हूगा सवाल यह कि क्या इरान के बाद अमेरिका वे अगन समुद्री
05:03रास्ते को सब से बड़ा हथियार बनाएगा। लेकिन उससे भी बड़ा सवाल इंडोनेश्या को लेका है
05:08जिसका चीन सबसे बड़ा कारोवारी साज़ेदार है
05:10चीन की मौजूदगी हर जगा इंडोनेश्या में
05:12ऐसे में क्या वो इलाके की महाशक्ति
05:15चीन को नाराज करके अमेरिका के साथ करार करेगा
05:21जमीन पर अपना दबदबा बनाने की कोशिश करने के बजाए
05:24अमेरिका उन समुद्री मार्गो और स्ट्रेट पर अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है जिनके रास्ते चीन के आर्थिक जीवन रेखा
05:29बहती है जिन पर शिकन्जा कसकर अमेरिका की खुद को फिर से नाउसेनिक महाशक्ति के रूप में स्थाफित कर सकता
05:35है
05:36लेकिन चीन इरान नहीं इसलिए सवाल तो बनता है कि क्या अमेरिका और चीन के बीच अब महाजंग होगी क्योंकि
05:42ट्रम्प ने अब इरान से सीखते हुए चीन को सीधे गर्दन से पकड़ने का मन बना लिया है
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