00:00मस्कार, स्वागत है आपका अब देख रहे हैं विशेश आपके साथ हुबे नहा बात हमाज विशेश बात पिछले दो दिन
00:05से नौईडा में चल रही फाक्टरी करमचारियों के प्रदर्शन की करेंगे
00:08बीती देर रात यूपी सरकार ने इस प्रदर्शन कारी करमचारियों का वेतन बढ़ा दिया लेकिन फिर भी ये करमचारी शांत
00:15नहीं हुए है
00:16इधर उत्रपिदेश सरकार को इन भढ़के में मजदूरों के बीचे एक बड़ी साज़श नजराती है
00:20सरकार का दावा है कि मजदूरों को भढ़काने का काम एक सोची, समझी और संगठित साज़श के तहद किया जा
00:26रहा है
00:26लेकिन सवाल है कि क्यों हमारी ये रिपोर्ट देखिए
00:42नॉइडा, ग्रेटर नॉइडा में मजदूरों को भढ़काने वाली साज़श किसने रचे?
00:50ये एक संगठित, सुनियोजद और गहरी साज़श है
00:56नॉइडा में मजदूरों को भढ़का कर, कौन माहौल खराब करना चाहता है?
01:10वाटसप और सोशल मीडिया के जरिये, मजदूरों को भढ़काने वाला कौन है?
01:28ये प्रदर्शन शान्त हुआ तो आज नॉइडा के सेक्टर 121 में घरों में काम करने वाली मेट्स सडकों पर आ
01:35गए
01:35आज सुबह यहां हाई राइस सोसाइटीज में काम करने वाली मेट्स ने न सिर्फ प्रदर्शन किया, बलकि यहां कुछ गाड़ियों
01:42में भी तोड़ फोड़ हुई
01:42मौके पर फुलिस पहुँची, तो मामला शान्त हुआ
01:54लेकिन सवाल है कि नॉइडा में मजदूरों को कौन भड़का रहा है, क्या ये एक सामान्य प्रदर्शन था, जिसे कम
02:00मजदूरी, मजदूरों का शोशन और जादा काम से जोड़ा जाना चाहिए
02:04या फिर ये एक सोची समझी साज़िश के तहत किया गया प्रदर्शन था
02:12कमपनियों द्वारा मजदूरों का शोशन तो मुद्दा है ही, लेकिन इसमें साज़िश से भी इनकार नहीं किया जा सकता
02:17और यह हम नहीं, बलकि नॉइडा की पुलिस कमिशनर खुद कह रही है
02:26नॉइडा पुलिस का दावा है कि बहुत से सोचल मीडिया अकाउंट से मजदूरों को उकसाया गया
02:31पिछले तीन-चार दिनों में बहुत से नए वाटसप ग्रूप बनाये गए
02:34जिनके जर्ये मजदूरों को भड़काया गया
02:37जो मजदूर नहीं थे, जिनका मजदूरों से, उनकी संस्थाओं से कोई लेना देना नहीं था
02:42ऐसे लोगों ने सोचल मीडिया पर उन्हें भड़काया
02:46सडकों पर आने और पत्राव आगजनी करने के लिए प्रिरित किया
02:49इसलिए नॉइडा पुलिस का कहना है कि ये सब एक सोची समझी साज़श के तहट किया गया
02:54इसे मैसेजेज भी देखने को आये थे सोचल मीडिया पर जिसमें कई सारी भ्रामक चीजे भी थी जूटी अफ़वाएं भी
03:01फैला रहे थे
03:02तो ऐसे लोगों को आइडेंटिफाई किया गया है जिन्नोंने अफ़वाफ हैलाने की कोशिद की लोगों को भड़काने की कोशिद की
03:08देखे कुछ पिछले दो-चार दिनों के अंदर ही कई नए वाटसप ग्रूप बनाए गये हैं
03:13टेक्णॉलेजी का उप्योग करते विए बनाए गए हैं कुछ जो हैं फरजी शोशल मीडिया अकाउंस बनाए गये हैं
03:19ऐसे लोगों के हैं जो यहां पर मजदूर नहीं है यहां के किसी बासिंदे नहीं है यहां के किसी ओर्गनाजेशन
03:24से जुड़े वए नहीं है
03:25फिर भी उन लोगों के और ऐसे WhatsApp या शोचल मीडिया प्लाटफॉमों से लगातार मजदूरों को हिंसा के लिए उकसाया
03:33गया है
03:34सडकों पर आने के लिए दुश्पेरित किया गया है पत्राव करने के लिए आगजनी करने के लिए लगातार उकसाया गया
03:39है
03:39फिर भी बहुत जगों पर श्रमिकों ने इन सारे उकसावे के बावजूद बहुत शांती और धार का संयम दिया है
03:44जहां पर भी गटनाई हुई हैं महाँ पर सक्त कदम लिया गया है
03:47ऐसे मीडिया हैंडिल्स को आइडेंटिफाई करा के उन पर सक्त मुकदम धाराओं में मुकदमा लिखके कसके कारवाई की जा रही
03:54है
03:59जाच में पुलिस को एक चैट भी मिले है जिसमें प्रदर्शन के दौरान विर्ची पाउडर लाने की बात कही जा
04:05रही है
04:09ये चैट बता रही है कि मजदूरों को भड़काने में कोई बड़ी साजिश है कोई न कोई इसके पीछे था
04:15वैसे भी ये आंदूलन पूरी तरह से हैटलेस था इस आंदूलन का कोई नेता नहीं था
04:20इसके पीछे कोई संस्था नहीं थी फिर भी ऐसा कैसे हो गया कि एक ही दिन एक ही समय पर
04:26नौईडा के अलग-अलग इलाकों में मजदूर फैक्टरियां छोड़कर सलकों पर आ गए
04:30अब खबर है कि मजदूरों की आड में नकापोश असामाजिक तत्वों पर नौईडा पुलिस की चांच टिक गई है
04:36नौईडा पुलिस के हाथ कई ऐसे वीडियो और CCTV लगे हैं जिसमें नकापोश नजर आ रहे हैं
04:56इसलिए नौईडा पुलिस इसे एक संगठित और सुनियोजित साज़िश बता रही है
05:16जो हमारे इंवस्टिकेशन में अब तक सामने आया है
05:20साटर डे तक प्रोटेस्ट पीसफुल था और सभी जो उन्होंने पांच मांग दई थी चार्ज विकार करने के बाद
05:27कल्मिनेट भी हो गया था
05:28जब उसके बाद ऐसे जो इस भीड को उकसाने वाले जो और्गनाइजेशन्स हैं
05:35या जो ग्रूप है जो काम कर रहा है
05:37वो आने बाले दिनों में आपको उसका इन्वेस्टिकेशन में जब हम खुलासा करेंगे तो आपको नाम भी बताएंगे
05:42जब उनको ये लगा और ये मेसेजेश से हमने क्लियर कट देखा
05:45जब उन्हें लगा कि संडे का दिन भी पीस्फुल निकला है और आम श्रमिक जो है वो बातों से सहमत
05:50है
05:50तब उन्होंने हताशा में आके उकसाने के लिए अपनी चीज़ें चालो की
05:54मंडे को हमारी काफी तयारी थी और मंडे को काफी जगहों पर वार्ता भी की गई
06:00लेकिन ये जो सुनियोजित आया उसे एक वेव में तीन या चार जगहों पर थोड़ी सी हम लोगों को
06:10वाइलेंट अन्रेस्ट देखने को मिला
06:12एक बज़े के बाद कल जब हमारा सबसाइट कर गया था तब एक नया ग्रूप निकल कर आया जो कहीं
06:18का लेबर नहीं है
06:19लेकिन यहां की इंडस्री में भी काम नहीं करता और उसने जो है वेंडलिजम करने की कोशिश की
06:24इससे तो इतना समझ में आ रहा है कि यह स्पॉंटेनियस प्रोटेस्ट नहीं है
06:28इस प्रोटेस्ट को लंबा करने वाइलेंट करने के लिए कुछ और्गनाजेशन्स हैं जो लगातार पीछे से उनको उकसा रहे हैं
06:39जैसे ही ये प्रोटेशन हिंसक हुआ तुरंत उत्तरप्रदेश सरकार ने एक हाई पावर कमीटी बनाए जिसने जाच भी शुरू कर
06:46दी
06:46इस हाई पावर कमीटी में शामिल उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारी ये मान रहे हैं कि जिस गती से उत्तर
06:52प्रदेश में और दुखी की करण चल रहा है उसे रोकने के लिए कुछ असामाजिक तत्वन है ये साधिश रची
06:59है
06:59जो एक महौल बना है और कुछ जो हम लोगों को जानकारी मिल रही है पुलिस के स्रोतों से इंटेलिजेंस
07:09से भी कि ये केवल श्रमिकों का ही नहीं है उस उनके कुछ दिमांड्स जो जिनुइन है उसमें कुछ बारी
07:18तत्तों भी शराटी तत्तों ही इसमें भणकाने का और एक
07:23प्रदेश में जो एक अच्छा महौल बना हुआ है उसको बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं अगर हम उत्तरप्रदेश के
07:31ही बेंचमार्ट से देखें तो 2010-2020 में जितनी फैक्ट्रीज हमने 10 साल में रिजिस्टर की थी नई फैक्ट्रीज हमने
07:37इस साल एक साल में की तो जो
07:41एक गति आ रही है मोमेंटम आ रहा है और कुछ शरार्थी तत्व इसको वर्कर वर्सेज मेंजमेंट या वर्कर वर्सेज
07:53सरकार बनाना चाहते हैं
07:56हमारा स्पस्ट अंदेश है कि फैक्ट्रीज का रहना फैक्ट्रीज का लगना होगा तभी हम लेवर को अच्छा एंप्लॉइमेंट दे पाएं
08:26सरकार ने मजदूरों का वेतन तो बढ़ा दिया लेकिन उनकी मांगे अपनी जगा अभी भी बनी हुई है
08:31सालरी बढ़कर भी इतनी नहीं हो पाई है कि वो नौईडा जिसे शहर में अपना और अपने परिवार का भरन
08:36पोशन कर सके
08:37क्योंकि जो सालरी बढ़ी भी है उसमें भी गुजारा मश्किल है
08:50मजदूरों के इस प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने उनकी मजदूरी में बढ़त भी कर दी
08:55सरकार ने मजदूरों को दी जाने वाली मजदूरी फिक्स कर दी और इसके अलाबाद उनकी बाकी मांगों पर भी विचार
09:00चल रहा है
09:01सरकार भले ही प्रदर्शन में साज़िश की बात कर रही हुए
09:04लेकिन ये तो हकीकत है कि मज़दूरों को बहुत कम वेतन मिलता है
09:09यूपी सरकार ने सोमवार देर रात फैक्टरी कर्मचारियों की सेलरी बढ़ा दे
09:13न्यूंतम मज़दूरी दरों में तीन हजार रुपे तक की बढ़ातरी की गई
09:17बढ़ी वी सेलरी एक अप्रेल से लागू हुए
09:21सोमवार को बवाल के बाद हाई लेवल कमीटी में रात में कर्मचारियों के साथ बैठक की
09:25इसके बाद रात डेड़ बजे सरकार ने आदेश जारी कर कमीटी की सिफारिशों पर मोहर लगा दी
09:32खास तौर पर गाजयबाद और गौतम धुनगर की बात करें
09:35तो यहाँ पहले अकुशल मजदूरों को 11,313 रुपे महीने की तंख्वा मिलती थी
09:40जो अब बढ़ाकर 13,690 रुपे कर दी थी
09:43अर्द कुशल मजदूरों को पहले 12,445 रुपे की सेलरी मिलती थी
09:48जो अब बढ़कर 15,049 रुपे हो गई
09:50इसी तरह से कुशल मजदूरों को पहले सेलरी 13,940 रुपे मिलती थी
09:55जो 16,868 रुपे हो गई
10:00इसके अलाबाद अन्य नगर निगम वाले जिलों और बाकी दूसरे जन्पदों के लिए भी मजदूरों की सेलरी में बढ़ोतरी की
10:06गई
10:26लेकिन जितनी सेलरी बढ़ाई भी गई है क्या उतने में किसी मजदूर का घर चल सकता है
10:31समस्याएं फैक्ट्रियों के लेवल पर भी बहुत ज़ादा है
10:33मजदूर तो सरकार के फैसले से भी खुश नहीं
10:37यूपी सरकार ने जो अधिश हुशना स्फोबह i जारी किया है
10:39उसके मताबिक जो अकुशल वर्ग से लेकर के कुशल वर्ग के घढ़पर हे जो मलगबग
10:43पौने तीन हजार से लेकर के तीन हजार की महीने की बढ़ोतरी की गई है
10:46क्या इससे काम चल जाएगा
10:59सब्सक्राइब
11:31सब्सक्राइब
11:57सब्सक्राइब
11:58सब्सक्राइब
12:23मुश्किल है
12:29सेलरी बढ़ाई जाए
12:30दूसरी मांग है कि ओवर टाइम करने पर दोगुना भुकतान में
12:33बोनस सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाए
12:36हर महीने की दस तारीख तक वेतन और सेलरी स्लिप्न ले
12:39सब्ता में एक दिन की छुट्टी रहे
12:41चुट्टी के दिन अगर कोई काम कराया जाए तो दोगुना भुकतान हो
12:44और फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानुकों का पूरा पालन हो
12:49अब इनमें से कोई भी मांग ऐसी नहीं है जो नाजायज हो
12:52मजदूर से अगर काम करवा रहे हैं तो उसे पूरी मजदूरी तो मिलनी ही चाहिए
12:56हफते में उसे एक दिन की छुट्टी भी चाहिए ही
12:59उसकी सुरक्षा भी होनी चाहिए
13:00उसके अकाउंट में सेलरी आनी चाहिए
13:02और इतनी तनख्वा हो कि वो नौईडा जैसे शहर में अपना और अपने परिवार का पेट पाल सके
13:07बच्चों को पढ़ा सके लेकिन अगर उसे बढ़ीवी सेलरी भी मिल जाए
13:10तब भी 15,000 रुपे में क्या ही होगा
13:13नौईडा से आचुतोष मिश्रा के साथ आज तक भी हो
13:18तिकते रहे आज तक
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