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Kharmas March 2026: खरमास में निधन को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं हैं, लेकिन इसे सीधा अशुभ नहीं माना जाता। उत्तरायण-दक्षिणायन की बातें आस्था पर आधारित हैं, जबकि हिंदू मान्यता के अनुसार व्यक्ति के कर्म ही सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। आशा भोसले का निधन अगर खरमास में हुआ भी हो, तो इसे अशुभ कहना सही नहीं है.Kharmas March 2026: Asha Bhosle Death What does being in Kharmas mean, auspicious or inauspicious?

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00:03आशा भोसले अब हमारी बीश नहीं रही।
00:30इस बीच किसी का निधन हो जाए तो वो क्या शुब होता है ये नहीं चलिए बताते हैं आपको इस
00:35वीडियो में।
01:00सक्रिय मानी चाती है इसलिए जो व्यक्ति इस काल में शरीर छोड़ता है वो सीधे मोक्ष को प्राप्त करता है।
01:07वहीं जब सूरे दक्षिनायन होते हैं और अगर उसी खरमास में किसी की मृत्ति हो जाए तो उसे बहुती अशुब
01:13संकित माना चाता है।
01:14ऐसे लोगों की आत्मा को शांती नहीं मिलती।
01:17ऐसे में आशा भुतले का निधन उस वक्त हुआ है जब खरमास में सूरे उत्रायन कर रहे हैं।
01:21इसलिए उनकों मोक्ष की प्राप्ती होगी।
01:24फिलाल अमारे इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक, शेर और चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले।
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