00:0027 गेंदों में 54 रणों की नाबाद पारी, स्कोर कार्ड पर ये सिर्फ एक आंकड़ा है
00:04लेकिन लखनव सुपर जाइंट्स के मुकुल चौधरी के लिए ये एक सपना पूरा होने जैसा पल था
00:09एक ऐसा सपना जो उनके जन्म से पहले ही उनके पिता की आंखों में बस चुका था
00:13और जब IPL में कोलकाता के खिलाफ आखिरी ओवस में मुकुल का बल्ला गर जा
00:17तो ये सिर्फ एक मैच जीतने की कहानी नहीं रही बल्कि संगर्ष, भरोसे और मौके को पहचानने की मिसाल बन
00:22गए
00:22साथ चकों और दो चौकों से सजी इस पारी में उन्होंने मैच का रुख पलट दिया
00:26मैच के बाद जब मुकुल चौधरी प्लेयर आफ्ट मैच अवार्ड लेने पहुँचे तो उनकी बातें उतनी ही सादगी भरी थी
00:32जितनी उनकी बल्लेबाजी आकरामक
00:34उन्होंने कहा मेरा सफर तो मेरे जन्म से पहले ही शुरू हो गया था
00:37मेरे पिता का सपना था कि उनका बेटा क्रिकेट खेले उस समय हमारी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं थी कि
00:42मैं जल्दी शुरूआत कर सकूँ
00:43इसलिए मैंने 12 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया उनके करियर का टर्निंग पॉइंट भी काफी दिल्चस्प रहा
00:48मुकुल चौधरी ने बताया मैं उत्तर प्रदेश के खिलाफ अंडर 19 का मैच खेल रहा था
00:52वो मेरा सिर्फ दूसरा मैच था और एक लो स्कोरिंग मुकाबला था जिसमें मैंने कुछ अहम रन बनाए
00:56तभी मेरे पिता को लगा कि मैं आगे जाकर बड़ा क्रिकेटर बन सकता हूँ
00:59वही पल था जहां एक पिता का भरोसा और बेटे की मेहनत एक दिशा में चल पड़े और आज ये
01:04मेहनत रंग लाई
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