00:05नमस्कार मैं हूँ शम्स ताहर खान और आप देख रहे हैं वारदाथ
00:08चार किड्नेप पर तीन और छे साल के दो बच्चों और उनके पिता को किड्नेप कर लेते हैं
00:14इसके बाद बच्चे के पिता को मारने के लिए उन्हें एक अलक कमरे में बंद कर दिया जाता है
00:20जबकि दोनों बच्चों को एक गाड़ी में डाल कर कहीं और ले जा रहे थे
00:25दोनों बच्चों के हाथपाउं रसी से बांद कर उसी गाड़ी की डिगी में उन्हें छुपा दिया गया था
00:31मगर तब ही उसी गाड़ी का एकसिडेंट हो जाता है
00:35अब इसके बाद जो कुछ होता है उसे सुनकर आपको एक साथ कई मुहावरे याद आ जाएंगे
00:54इस गारी को देखें काले रंग की इस बुलेरों की हालत देखकर आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है
01:01कि इसके अंदर बैठे लोगों का हाल क्या हुआ होगा
01:09इस गारी के बराबर में खड़े अब इस लंबे चोड़े टैंकर को भी देख लीजे
01:14यही वो टैंकर है जिससे ये बुलेरों बेहत तेज रफ्तार में जाकर पीछे से टकराई थी
01:20वो तो शुक्र है कि टैंकर तब इसी तरह सड़क किनारे ख़़ा था
01:24अगर चलती टैंकर से टक कर होती तो पता नहीं यह बचा खुचा बुलेरों भी बचता की नहीं
01:31खैर अब आप आगे से पीछे तक इस बुलेरों की हालत देखे
01:46ट्राइविंग सीट उसके बराबर वाली सीट पीछे की सीट सब पिचक कर एक दूसरे से जा मिले
01:52इन सीटों पर बैठने वाले किसी भी शक्स के बचने की कोई उम्मीध ही नहीं थी
01:57लेकिन अब इसी बुलेरों की डिग्गी को देखते हैं यानि गाड़ी का सबसे पिछला हिस्सा
02:02इतनी भयानक टकर के बावजूद हैरतंगेश तोर पर गाड़ी के पिछले हिस्से को कोई ज्यादा नुकसान नहीं हुआ
02:09वो भी तब जब इसी पिछले हिस्से से पीछे से आ रही ही एक मोटर साइकल पी टकरा गए थी
02:15और उस मोटर साइकल पर सवा दो लोगों की मौथ हो गया
02:19जानते हैं इतने भयानक हादसे के बाद भी गाड़ी की इस डिग्गी को ज्यादा नुकसान क्यों नहीं हुआ
02:25क्योंकि इसी डिग्गी भी तीन और छे साल के दो मासूम बच्चों को उनके हाथ पाउं बांद कर जबर ठूस
02:33दिया गया था
02:34दोनों बच्चों को किड्नैप किया गया था
02:37और किड्नैपर इसी बुलेरों में उन बच्चों को किसी गुप्त ठिकाने पर लेकर जा रहे थे
02:43लेकिन गुद्रत को तो कुछ और ही मन्सूर था
02:49किड्नैपिंग की हैरान कर देने वाली ये वो कहानी है
02:52जिसे जिसनें भी सुना वही कह रहा है
02:55कि गुद्रत का इंसाफ थाई
02:57गुद्रत का बदला थाई
02:59जो गुद्रत ने अपने हाथों से किड्नेपर को दिया
03:02इस बुलेरों में सवार चार में से तीन किड्नेपर
03:05पर एक्सिडेंट के बाद मौके पर ही दम तोड़ चुके थे जब की चोथा गंभीर हालत में अस्पताल में भरती
03:13है पर करिश्मा देखें कि दोनों बच्चे बिलकुल ठीक है बस तीन साल के छोटे बच्चे के एक पैर फ्रैक्चर
03:20है
03:23इस कहानी की शुरुवात होती है एक अप्रेल को उबर की गारी चलाने वाला ड्रैवर मनोच यू तो ब्रैली का
03:30रहने वाला है मगर रोजी रोटी की वज़ा से वो काफी वक्त से गुरुग्राम में अपने परिवार के साथ रह
03:35रहा था
03:36मनोच के घर में पत्नी तीन और छे साल के दो बेटे और पंदरा साल की गोदली हुई एक बेटी
03:42रहती है
03:43एक अप्रेल को एक शक्स जिसका नाम विशेश है मनोच की गारी बुक करता है इसके बाद अगले तीन दिनों
03:50तक वो मनोच की ही गारी में घूमता रहता है
04:26चार अप्रेल को भी विशेश ने गारी बुक कर रखी थी पर शनिवार को इसकूल की छुट्टी जल्दी हो जाती
04:32है
04:32तो मनोच पहले सकूल जाता है दोनों बेटों को लेने
04:35पर उससे पहले वो विशेश से बात करता है
04:40सनिवार का दिन था मेरे बच्चों जाते हैं स्कूल
04:43उस टाइम बच्चों की छुट्ती
04:44मैंने इनको फॉन करके पूछा कि भईया विशेश भिया आप अकेले जाओगे या कोई और है आपके साथ
04:51अकेला ही जाओगा कोई दिक्कत नहीं है बच्चों को आप ला सकते हैं
04:54कोई बात नहीं बच्च इस इनों लो विशेश भिया ने जो है जरसन करे वहां पर अच्छे से अपने जो
05:00भी करना था करा
05:00पूजापाट उसके बाद गाड़ी लाए में डोट की तरफ जब में डोट की तरफ पर गाड़ी लेकर आए तो इनों
05:07ने ये बोला कि हम बातरूं करेंगे
05:25असल में विशेश पांच किड्नेपर में से एक था
05:28वो बीते तीन दिनों से मनोज की रहकी कर रहा था
05:31चार अपरेल को उसे मौका मिल गया
05:33और लगतार उसका पीछा कर रहे उसके बागी साथी किड्नेपर
05:37बुले रोकार में मनोज और उसके दोनों बेटों को किड्नेप कर लेते हैं
05:42इसके बाद गाड़ी परेली की तरफ चल पड़ती है
05:48पीछे से एक गाड़ी बिलेक कलर की आई उसमें गाड़ी में
05:53तो तुरंती हमें मेरे पहले तो मेरे बड़े बेटे को उठाया
05:57दूसरी बाद छोटे बेटे को मेरे उठाया कि अगर तुम लोग कोई चिलाए तो तेरे दोनों बेटों को यहीं पटक
06:04के मार दूंगा
06:05जी उसके बाद गुरु दोने चाहरे है कि तरफ से गाड़ी इन्होंने काफी स्पीट में सब चलाई इसके बाद सोना
06:11रोट की तरफ गाड़ी लेके आई तब भी लोगों ने मेरे साथ कोई हासा नहीं करा
06:15उसके बाद जब बुलंद से हैन की तरफ गाड़ी पहुंची है तब इन लोगों ने मुझे बोला कि अगर ज्यादा
06:21चिलाओगे चुंचा करोगे तो तुम्हें यहीं मार देंगे
06:24फिर सब मेरा फॉन था वो भी फैक दिया लोगों ने और आँकों पर पट्टी सब मेरे करीजन फरीक तोर
06:31पंदरा मिट पहुंचने से पहले आँकों पर पट्टी बांदी और मुझे कमरे में एक बंद कर दिया गया था
06:38आटो ड्राइवर 27 वर्षिय मनोज अपने दोनों बच्चों के साथ दोनों ना बालिक बच्चों के साथ इस हनुमान मंदिर में
06:45आया था यह सिकंदरपुर पहाडी पर गुरुगराम के सिकंदरपुर पहाडी पर स्थित हनुमान एवम शनी मंदिर है और जब चार
06:53तारीक क
06:53यहाँ पे पहुचा घर नहीं पहुचा मनोज की पत्नी को शक हुआ मनोज की बीवी इस मंदिर के पास आई
07:00यहाँ पे मनोज का आटो तो खड़ा था लेकिन ने तो बच्चे थे और नहीं मनोज
07:08चार अप्रेल की राथ ही दो बच्चों और उसके पिता को किड्नेप करने के बाद बरेली लाए जाता है
07:14वहाँ सभी को एक घर के अंदर पंद कर दिया जाता है
07:17उधर देर राथ तक जब मनोज दोनों बेटों के साथ घर नहीं लोड़ता
07:21तो मनोज की पत्नी और दोनों बच्चों की माँ पूजा गुरुगराम थाने में रिपोर्ट लिखा दे लाए इधर अब 5
07:31अप्रेल हो चुका था
07:32किड्नेपर पहले ही ये तैय कर चुके थे क्यों उन्हें मनोज को मारना है
07:35लिएधा 5 अप्रेल को 4 किड्नेपर दोनों बच्चों के हाथ पौँ बांद कर उन्हें बुलेरो गाड़ी के डिग्गी में डाल
07:42देते हैं
07:43बाकी 4 किड्नेपर अब उसी बुलेरो में बैठते हैं और नए ठिकाने की तरफ चल पड़ते हैं
07:49गाड़ी अब मुरादाबाद दिल्ली हाइवे की तरफ जा रही थी वो भी बेहत तेज रफ़तार से
07:55अभी तक जो जानकारी आई है इसमें इनका प्लान अल्टिमेटली इसको मारने का था
08:00बच्चों को कहा शिफ्ट करने जा रहे थे क्या जानकारी इसमें नहीं हुई है यह इतना जरूर है कि यह
08:13बच्चों को कहीं और शिफ्ट कर रहे थे और यह दिल्ली की तरफ जा रहे थे जो मुरादाबाद बरेली हाइवे
08:20है उस पे यह दिल्ली की तरफ जा रहे थी
08:24बुलेरो गाड़ी अब मुरादाबाद दिल्ली हाईवे की तरब भाग रही थी, जो किकिड़ने पर दरे हुए थे और जल्दी में
08:30थे, लिहाजा गाड़ी के रफतार बहत तेज थी, तब ही मुरादाबाद दिल्ली हाईवे पर एक जगा सड़क का काम चल
08:36रहा था, बुलेर
08:48इसे एक मोड के ठीक बाद सड़क किनारे एक बड़ा सा टैंकर ख़़ा था, ड्राइवर को जब तक वो टैंकर
08:54दिखाई देता, तेज रफतार की वज़ा से गाड़ी पर से उसका कंट्रोल खो गया, और गाड़ी सीधे जाकर टैंकर से
09:02तक रहा था
09:07इसी लखनो दिनली हाईवे, ये रास्ता गोल गाउं से लखनो गी तरफ जाता है, और इसी हाईवे पर ये जो
09:15बुलेरे है, ये बुलेरे तेजर रफतार से आती है, और ये तकरा जाती है एक ख़़़ए टैंकर में, और उस
09:23टैंकर के साथ टी बहेंकर तकराव होता है, कि �
09:26इसमें मौजूद चार मैसे तीन लोगों की मौके बर ही मौत हो जाती है
09:33एक और बदनसीबी ये कि उसी वक्त पीछे से एक मोटर साइकल भी आ रही थी
09:38बुलेरो और टैंकर के टकर की विज़ा से मोटर साइकल भी अब बुलेरो के पीछे जा टक रही
09:44मोटर साइकल पर दो लोग सवार थे
09:46दोनों की ही मौके पर मौत हो गए
09:48कुछ रागीरों ने फॉरन पुलिस को हाथसे की खबर दी
09:51अब पुलिस मौके पर आती है
09:53बुलेरों से एक एक कर चार लोगों को लहूलुहान हालत में बाहर निकालती है
09:58पर तभी एक पुलिस वाले की नजर गाड़ी की डिगी पर पड़ती है
10:01पुलिस हैरान रह जाती है
10:03तो बच्चे जिनके हाथ पाउं बंधे थे
10:05बुरी तरह डरे सहमें रो रहे थे
10:08फॉरन पुलिस सभी को गाड़ी से निकाल कर अस्पताल ले जाती है
10:11पर तब तक बुलेरों में सवार तीन लोग दम तोड़ चुके थे
10:15जबकि एक की हालत कम भी थी
10:22दोनों बच्चों को भी चोटे आई थी
10:24मगर चोट गहरी नहीं थी
10:26तीन साल के बच्चे के एक पैर में फ्रेक्चर था
10:28पर दोनों ठीक थे
10:30बच्चों को जिस हाल में डिंगी में रखा गया था
10:33उससे पुलिस को फॉरण समझा गया
10:35कि मामला किड्नैपिंग का है
10:36अब पुलिस बच्चों से पूछ आज करती है
10:38बच्चे पूरी कहानी सुनाते है
10:40इसी के बाद पुलेरों से बरामत
10:43चारो किड्नेपर के मोबाइल की मुदफ से अब यक्ष एप के जरीये भी उनके बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर
10:50देती है
10:54दरसल 2025 में यूपी पुलिस ने यक्ष एप की शुरुआत की थी
10:58ये एप असल में यूपी के अपरादियों का एक डेटा बैंक है
11:01जिसमें ऐसे अपरादियों की जानकारी होती है जिन्होंने कोई अपराद किया हूँ जेल गए है या फिर फराद है
11:07इसी एक्ष एप से पता चलता है कि बुलेरों में सावार चारों ड़ड़के पेशेवर अपराद ही थी
11:17उधर पुलिस की दूसरी टीम को जैसे ही पता चलता है कि चौथा शक्स होश में आगया पुलिस उससे भी
11:23पूछताज करती है
11:24इसके बाद सारी कहानी सामने आ जाती है
11:27अस्पताल में घायल किड्नैपर का नाम प्रिंस है
11:30वो बताता है कि उसके साथ गाली में जो बाकी के तीन लोग सवार थे
11:34उनके नाम मनमोहन, सिकंदर और विशेश यादव है
11:38प्रिंस यह भी बताता है कि उन लोगों ने दोनों बच्चों के पिता को
11:42बरेली के करीब ही मनमोहन के पिता नत्थू के घर में बंधक बना कर रखा है
11:47इसी के बाद फारण पुलिस की एक टी घर पर दबिश डालती है
11:51और मनोथ को सुरक्षित आजाद करा लेती है
12:04इसमें अभी तक जो प्रिंस है जो घायल है और जो नत्थू
12:11इसमें मैंने एक नाम बताए जिसके घर से व्यक्ति बरामद हुआ है
12:14ये हिरासत में है और इसमें जो विवेचना है वो सम्मंदित पुलिस के द्वारा की जा रहे है
12:22अब पुलिस के सामने सवाल ये था कि एक मामूरी ट्रैवर उसके दो बेटों को कोई क्यों किड्याग करेगा
12:29तो मनोज इसकी पूरी कहानी बताता है
12:31दरसल मनोज ने अपनी बहन की एक बेटी यानि भांजी को गोद ले रखा है
12:36उस भांजी से मनमोहन प्यार करता था
12:38मगर मनमोहन के पिता नत्थू ने मनमोहन का रिष्टा कहीं और टैकर दिया
12:42इससे मनोज ने भी अब अपनी गोद ली हुई बेटी के मनमोहन से मिलने पर रोक लगा दी
12:48मनमोहन इसी बात से नाराज हो गया
12:50और उसने मनोज को मारने का फैसला कर दीजित
12:56उसको हमने साद बच्पन से ही पाला है
12:58उसके बाद मनमोहन के साथ उसके संबंज बन गयती
13:02स्वहानी को
13:02तो दुशमनी किस बात की मान पर रहए
13:04तियो कि Manmohan के पापा ने कहीं और Manmohan का रिस्टा लगा दिया है
13:09वो हम बीच में रास्ते के राइटा बन रहे थे
13:13अगर इनको हम अटादिएंग रास्ते से तो रास्ता हमारा किलेर हो जाएगा
13:20Manmohan तो सौहथने के साथ रहना चाह रहता थे ना
13:48मनमोहन और उसके साथ ही दोनो बच्चों को
13:51कहीं और बंधक बनाकर रखने के लिए ले जा रहे थे या दोनो बच्चों को भी मार देना था फिरहाल
13:57पुलिस इसकी जाच कर रही है लेकिन गुद्रत का कहर देगी जिस गारी का एक्सिडंट हुआ वो खुद मनमोहन चला
14:04रहा था और दोनो बच्चे गारी की डिगी में ब
14:18दो बातें सच करती हैं पहली पुद्रत कभी कभी ऐसे ही इनसाफ करता है और दूसरी जिन्दगी और मौत सब
14:26उपर वाले के हाथ है गुरुग्राम से नीरच कुमार के साथ कृष्ण गुपाल राज प्रहली आज तक
14:45आएए अब आपको एक ऐसी अदाकारा से मिलवाता हूँ जिसकी एक्टिंग के आप भी कायल हो जाएंगे
14:51सीन एक कतल का है कतल एक पती का होता है पती के कतल की कहानी पत्नी रो रो कर
14:59कैमरे पर सुना रही होती
15:00वो कातिल के बारे में भी सब कुछ बता रही थी फिर फिल्म का क्लाइमिक सीन आता है
15:14सीन एक घर का है घर के कमरे में अल्मारियां खुली पड़ी है सामान दिखरे हुए और बिस्तर पर खून
15:21के निशान है
15:21कुल मिलाकर सीन यह है कि इस घर में एक पती पत्नी सो रह थी
15:26अचानक घर में कुछ लुटेरे घुसे पती को मा डाला
15:29पत्नी को बान दिया और घर को लूट कर चलेगी
15:33अब फिल्म की में करेक्टर यानि हिरोईन से पुलिस को पूछ ताज कर दी है
15:47हिरोईन यानि पत्नी अब पुलिस को कहानी सुनाईगी
15:50कि घर में लूट पाथ कैसे हुआ और उसके पती को कैसे मारा के
15:54तो अब कैमरे पर हिरोईन यानि पत्नी के डायलोग रिकार्ड हो ले
15:59क्यों क्या हुआ
16:09पर अब कर दो निकाल के दे दिया तब की बात यह मैं को आदा घंटा हो गया चिला ते
16:30चिला चिला ते चिला
16:30मेरा एक जड़ मेरे मूँ के पास बेठा था हाथ और पेर पीछे बांद रखे थे पूरा कपड़ था थे
16:37चिलाने के कोशिश करी तो बोला तेरे पती को मार देंगे
16:47दे ओर और और दो दिखे थे बाकी अधर भी और थे रॉस नहीं को बहुत विखे नि भाएब कर
16:54दो दोखे दो दोखे मेरे पास काई से तेब उस था द़िए
17:19अब आगे की फिल्म एक पुलिस स्टेशन में फिल्माई जा रही है
17:23सीन ये है कि एक महिला जिसका चेहरा धका होगा वो पुलिस की हिरासत में ठाने से बाहर निकलेगी कोट
17:30तक जाने के लिए
17:31महिला के साथ पीछे एक और कैदी होगा चेहरा उसका भी धका होगा क्योंकि फिल्म का क्लायमिक्स अभी खोलना नहीं
17:38है
17:38तो शूटिंग तो आपने देख ली पर ना तो ये किसी फिल्म का सीन था नहीं किसी टीवी सीरियल का
17:44असल में ये सब कुछ असली सीन है अब चलिए इस असली सीन की पूरी असलियत आपको बताता हूँ
17:51ये जो मैडम या पत्नी कैमरे पर अभी जिस तरह निढ़ान होकर रोरोकर हिच्कियां लेते हूँ पुलिस को कहानी सुना
17:59रही थी अपने पती के कतली की असल में यहीं कातिल हूँ अपने पती की
18:05अब इन्हें देख और सुनकर आप कम से कम इतना जरूर समझ जाएंगे कि एक कातिल कैसे जूट बोलता या
18:11बोलती है
18:12कतल के बाद उसके चेहरे का हावब हाव क्या होता है उसके बनावट यांसु कैसे दिखते हैं
18:31असल में ये मारणा मध्यपरदेश के धार का है और इस पतनी का नाम प्रियंका है
18:36प्रियंका की शादी बच्पन में ही कर दी गई थी पर बालिक होने के बाद वो अपने पती देवक्रिश्न के
18:42घर आ गए
18:42पर प्रियंका को देवकृष्ण पसंद नहीं था क्योंकि वो कमलेश से प्यार करती थी
18:48अब प्रियंका और कमलेश ने मिलकर देवकृष्ण को रास्ते से हटाने के लिए एक लाग की सुपारी दे दी
18:54और उसी सुपारी से देवकृष्ण का कतल हो गया
18:58सुपारी लेने वाला तो अभी भागा हुआ है प्रेंका और प्रेमी शिकंजे में
19:03अब प्रेंका की बहतरीन अदाकारी वाले सीन का विडियो जो भी देख सुन रहा है
19:08बस एक ही बात कह रहा है क्या घजब की अदाकारा है ये कातिल पिरी
19:15छोटु शास के धार आज तक
19:20तो वारदात में फिला लित रही मगर देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए आप देखते रही आज तक
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